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उमर खालिद ने कहा मुझे जेल की कोठरी से बाहर नहीं आने दिया जाता
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नई दिल्ली। दिल्ली दंगों की साजिश के सिलसिले में गिरफ्तार जेएनयू के पूर्व छात्रनेता उमर खालिद ने एकांत कारावास जैसे हालात में रखने का आरोप लगाया है। उसने बृहस्पतिवार को अदालत को बताया कि उसे उसकी कोठरी से बाहर नहीं जाने दिया जाता है और यह एकांत कारावास की तरह ही है। यह बात उमर खालिद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालत से कही।
कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने तिहाड़ जेल अधीक्षक को शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। खालिद ने न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने के दौरान यह आरोप लगाया। मामले की सुनवाई के दौरान जब खालिद ने जज से बात करनी चाही तो उसका माइक बंद था। इसे न खोले जाने पर कोर्ट ने सहायक जेल अधीक्षक को फटकार लगाई।
उमर खालिद ने बताया कि जेल अधिकारियों ने उससे कहा था कि माइक तभी खोला जाएगा जब कोर्ट अनुमति देगी। अदालत ने कहा कि जेल अधिकारियों से कहा कि अगर कोई आरोपी जज से बात करना या कुछ बताना चाहता है तो उसका माइक खोला जाए।
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अदालत को खालिद ने बताया कि उसे एक सेल में अकेले रखा गया है और उसे बाहर निकलने और किसी से बात करने की अनुमति नहीं है। मुझसे कोई नहीं मिल सकता। यह एक तरह का एकांत कारावास है। पिछले तीन दिन से मेरी तबीयत ठीक नहीं है। यह एक सजा है। यह सजा मुझे क्यों दी जा रही है। मुझे सुरक्षा चाहिए लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि एकांत कारावास में रखा जाए।
उसने अदालत को जेल नंबर दो के अतिरिक्त अधीक्षक प्रदीप शर्मा के उस आदेश के बारे में बताया जिसमें उसे 24 घंटे सेल में ही रखने का आदेश दिया गया है। मैं यह आदेश वापस करने का अनुरोध करता हूं। सुबह जेल अधीक्षक वहां आए और सुरक्षाकर्मी से मुझे 10 मिनट के लिए बाहर निकलवाया। इसके बाद दोबारा सेल में अकेले बंद कर दिया गया।- एजेंसी
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कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने तिहाड़ जेल अधीक्षक को शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। खालिद ने न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने के दौरान यह आरोप लगाया। मामले की सुनवाई के दौरान जब खालिद ने जज से बात करनी चाही तो उसका माइक बंद था। इसे न खोले जाने पर कोर्ट ने सहायक जेल अधीक्षक को फटकार लगाई।
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उमर खालिद ने बताया कि जेल अधिकारियों ने उससे कहा था कि माइक तभी खोला जाएगा जब कोर्ट अनुमति देगी। अदालत ने कहा कि जेल अधिकारियों से कहा कि अगर कोई आरोपी जज से बात करना या कुछ बताना चाहता है तो उसका माइक खोला जाए।
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अदालत को खालिद ने बताया कि उसे एक सेल में अकेले रखा गया है और उसे बाहर निकलने और किसी से बात करने की अनुमति नहीं है। मुझसे कोई नहीं मिल सकता। यह एक तरह का एकांत कारावास है। पिछले तीन दिन से मेरी तबीयत ठीक नहीं है। यह एक सजा है। यह सजा मुझे क्यों दी जा रही है। मुझे सुरक्षा चाहिए लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि एकांत कारावास में रखा जाए।
उसने अदालत को जेल नंबर दो के अतिरिक्त अधीक्षक प्रदीप शर्मा के उस आदेश के बारे में बताया जिसमें उसे 24 घंटे सेल में ही रखने का आदेश दिया गया है। मैं यह आदेश वापस करने का अनुरोध करता हूं। सुबह जेल अधीक्षक वहां आए और सुरक्षाकर्मी से मुझे 10 मिनट के लिए बाहर निकलवाया। इसके बाद दोबारा सेल में अकेले बंद कर दिया गया।- एजेंसी