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Noida News: सीएचसी के मरीजों का अपने अस्पताल में किया अल्ट्रासाउंड, मांगा जवाब

Sat, 08 Nov 2025 12:16 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा Updated Sat, 08 Nov 2025 12:16 AM IST
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Ultrasound of CHC patients done in his hospital, asked for answer
अंबेडकरनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसखारी में आयुष विभाग में कार्यरत चिकित्सक डॉ. अंजुम आरा को ओपीडी में आने वाले मरीजों का अपने निजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराना भारी पड़ गया। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सीएमओ ने मामले की जांच कराई तो कई परतें खुल गई। अब सीएमओ ने डॉ. अंजुम आरा के अलावा इनके अस्पताल में नियुक्त गाइनकोलॉजिस्ट डॉ. अनीता गौड़ से जवाब मांगा है। जवाब न देने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
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बसखारी सीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. अंजुम पारा ओपीडी में आने वाले अधिकांश मरीजों को अपने निजी मिल्लत हॉस्पिटल के लिए रेफर करती हैं, जिसका पंजीकरण उनके ही नाम है। यहां पर प्रसव के साथ ही अल्ट्रासांउड भी किया जाता है। सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल ने अगस्त माह में वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के लिए डिप्टी सीएमओ डाॅ. आशुतोष सिंह जांच अधिकारी नामित किया था। जांच अधिकारी की जांच के दौरान कई तथ्य और निकल कर सामने आए। जांच रिपोर्ट में बताया कि डाॅ. अंजुम आरा द्वारा अपनी राजकीय ओपीडी से 11 ऐसे रोगी संदर्भित किए गए थे, जिनकी जांच मिल्लत चिकित्सालय में कराई गई थी।
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चिकित्सालय में डाॅ. अनीता गौड़ गाइनकोलॉजिस्ट कार्यरत हैं, जो राजकीय मेडिकल काॅलेज सद्दरपुर में सहायक प्रवक्ता भी हैं। राजकीय कार्य संपादित करते हुए किस समय यह जांचें की गईं, इसको लेकर विभाग खुद अचंभित है। नियम के अनुसार डाॅ. अनीता गौड़ उन्हीं रोगियों की अल्ट्रासाउंड कर सकती हैं, जो उनकी ओपीडी में आए हों या भर्ती हों। चिकित्सालय से रेफर रोगियों की मिल्लत चिकित्सालय में जांच नही की जा सकती है। इस पूरे मामले को लेकर विभाग ने अब दोनों चिकित्सकों से जवाब तलब किया है।
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10 नवंबर को देना है जवाब
सीएमओ दोनों चिकित्सकों को सभी दस्तावेजों के साथ 10 नवंबर को कार्यालय में आकर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है। न आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अस्पताल का लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।


कोई चिकित्सक ओपीडी में आने वाले मरीजों को निजी चिकित्सालय नहीं भेज सकता है। जांच में कई तथ्य सामने आए हैं, जिस पर जवाब मांगा गया है। स्पष्टीकरण न आने या संतोषजनक न होने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

- डॉ. संजय कुमार शैवाल, सीएमओ
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