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यूजीसी ने नाजीवाद से हिंदुत्व की तुलना वाले प्रश्न पर शारदा विवि से मांगा जवाब
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ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान प्रथम वर्ष के पेपर में नाजीवाद और फासीवाद से हिंदुत्व की तुलना वाले सवाल पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने जवाब मांगा है। यूजीसी ने पत्र भेजकर पूछा है कि इस मामले में विश्वविद्यालय ने क्या कार्रवाई की है। वहीं, पेपर बनाने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर वकास फारूख ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। हालांकि, विवि प्रशासन की ओर से मामले की जांच के लिए गठित कमेटी साक्ष्य के लिए अन्य प्रोफेसरों और विद्यार्थियों से बयान लेगी।
नॉलेज पार्क स्थित शारदा विश्वविद्यालय में शुक्रवार को स्नातक के प्रथम वर्ष का राजनीति विज्ञान का पेपर था। पॉलिटिकल आईडियोलॉजी पेपर में छठवें नंबर के प्रश्न में छात्रों से नाजीवाद, फासीवाद की हिंदुत्व से तुलना करने के लिए कहा गया था। इस मामले में छात्रों और सोशल मीडिया पर विरोध पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पेपर बनाने वाले अनुबंध पर नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर वकास फारूख को निलंबित कर दिया था। वहीं, तीन सदस्यीय कमेटी को मामले की जांच करने के लिए कहा गया था। सोमवार को वकास फारूख ने मेल के माध्यम से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यूजीसी ने भी इस मामले में सख्त रवैया अपनाते हुए शारदा विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर पूछा है कि विवि की ओर से इस मुद्दे पर क्या कार्रवाई की गई है। इस मामले में तीन सदस्यीय कमेटी अन्य प्रोफेसरों, विद्यार्थियों से बयान लेगी। जिसके आधार पर कमेटी अपना निर्णय देगी।
यूजीसी की ओर से कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी है। विश्वविद्यालय ने इस मामले में पहले ही असिस्टेंट प्रोफेसर वकास फारूख को निलंबित कर जांच बैठा दी है। यूजीसी को कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी। - प्रो. सिबाराम खारा, कुलपति शारदा विश्वविद्यालय
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नॉलेज पार्क स्थित शारदा विश्वविद्यालय में शुक्रवार को स्नातक के प्रथम वर्ष का राजनीति विज्ञान का पेपर था। पॉलिटिकल आईडियोलॉजी पेपर में छठवें नंबर के प्रश्न में छात्रों से नाजीवाद, फासीवाद की हिंदुत्व से तुलना करने के लिए कहा गया था। इस मामले में छात्रों और सोशल मीडिया पर विरोध पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पेपर बनाने वाले अनुबंध पर नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर वकास फारूख को निलंबित कर दिया था। वहीं, तीन सदस्यीय कमेटी को मामले की जांच करने के लिए कहा गया था। सोमवार को वकास फारूख ने मेल के माध्यम से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यूजीसी ने भी इस मामले में सख्त रवैया अपनाते हुए शारदा विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर पूछा है कि विवि की ओर से इस मुद्दे पर क्या कार्रवाई की गई है। इस मामले में तीन सदस्यीय कमेटी अन्य प्रोफेसरों, विद्यार्थियों से बयान लेगी। जिसके आधार पर कमेटी अपना निर्णय देगी।
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यूजीसी की ओर से कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी है। विश्वविद्यालय ने इस मामले में पहले ही असिस्टेंट प्रोफेसर वकास फारूख को निलंबित कर जांच बैठा दी है। यूजीसी को कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी। - प्रो. सिबाराम खारा, कुलपति शारदा विश्वविद्यालय
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