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सहायक प्रोफेसर की सीधी भर्ती में पीएचडी की अनिवार्यता पर दो साल के लिए रोक

Wed, 13 Oct 2021 01:21 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 13 Oct 2021 01:21 AM IST
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Two years ban on the compulsion of PhD in direct recruitment of assistant professor
नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना के चलते विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सहायक प्रोफेसर की सीधी भर्ती में पीएचडी की अनिवार्यता के नियम पर दो साल के लिए रोक लगा दी है। अब ये नियम एक जुलाई 2023 से लागू होगा। इससे पहले एक जुलाई 2021 से लागू होना था।
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इस संबंध में आयोग ने यूजीसी विनियम 2018 के स्थान पर यूजीसी (विश्वविद्यालय, महाविद्यालय में शिक्षक कर्मचारियों की नियुक्ति की न्यूनतम अर्हता और उच्चतर शिक्षा में मानकों के रख-रखाव हेतू अन्य उपाय संबंधी) संशोधित विनियम 2021 भी जारी कर दिया है।
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से मंगलवार देर शाम इस संबंध में सभी राज्यों, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को पत्र लिखा गया है। इसमें लिखा है कि कोरोना के चलते पिछले डेढ़ साल से शिक्षण संस्थान बंद हैं। ऐसे में पीएचडी छात्र अपनी थीसिस पूरी नहीं कर पाए हैं। इसे देखते हुए सहायक प्रोफेसर की सीधी भर्ती में पीएचडी अनिवार्यता में फिलहाल दो साल की छूट दी जा रही है। हालांकि अन्य नियम पूर्व की भांति लागू रहेंगे।
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