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लॉकडाउन में नौकरी गई तो बन गए ठग, दो गिरफ्तार
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नोएडा। लॉकडाउन में नौकरी जाने के बाद गिरोह बनाकर लोगों से ठगी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बृहस्पतिवार रात पकड़े गए दोनों आरोपी लोन दिलाने और बीमा कराने के नाम पर 20 लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर चुके थे। आरोपियों की पहचान ममूरा निवासी असलम और गढ़ी चौखंडी निवासी अजीत सिंह के रूप में हुई। दोनों के कब्जे से 20 हजार रुपये, 9 डेबिट कार्ड के अलावा अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। दोनों आरोपी पहले फाइनेंस और बीमा कंपनियों में काम कर चुके हैं। वहीं गिरोह का सरगना सचिन तोमर फरार है।
एसीपी रजनीश कुमार वर्मा ने बताया कि पुलिस पिछले कुछ दिनों से बीमा पॉलिसी पूरी होने पर एक साल में रकम को दोगुना करने और लोन दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायतों की जांच कर रही थी। इसी बीच एक मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया गया था। बृहस्पतिवार रात बिशनपुरा गांव से दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना अपराध कबूल लिया।
पकड़े गए आरोपी असलम और अजीत सिंह ने पूछताछ में बताया कि वह तो सेक्टर-72 निवासी सचिन तोमर के कहने पर यह काम करते थे। धोखाधड़ी के बाद पैसे सचिन को दे देते थे। पुलिस ने बताया कि सचिन तोमर ही इस गिरोह का सरगना है। उसने सेक्टर-62 में आफिस खोल रखा था। वह असलम और अजीत को ठगी की रकम का 15 फीसदी कमीशन देता था। सचिन एक बीमा और फाइनेंस कंपनी में काम कर चुका है और लॉकडाउन में नौकरी जाने के बाद उसने ठगी शुरू की थी।
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एसीपी रजनीश कुमार वर्मा ने बताया कि पुलिस पिछले कुछ दिनों से बीमा पॉलिसी पूरी होने पर एक साल में रकम को दोगुना करने और लोन दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायतों की जांच कर रही थी। इसी बीच एक मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया गया था। बृहस्पतिवार रात बिशनपुरा गांव से दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना अपराध कबूल लिया।
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पकड़े गए आरोपी असलम और अजीत सिंह ने पूछताछ में बताया कि वह तो सेक्टर-72 निवासी सचिन तोमर के कहने पर यह काम करते थे। धोखाधड़ी के बाद पैसे सचिन को दे देते थे। पुलिस ने बताया कि सचिन तोमर ही इस गिरोह का सरगना है। उसने सेक्टर-62 में आफिस खोल रखा था। वह असलम और अजीत को ठगी की रकम का 15 फीसदी कमीशन देता था। सचिन एक बीमा और फाइनेंस कंपनी में काम कर चुका है और लॉकडाउन में नौकरी जाने के बाद उसने ठगी शुरू की थी।
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