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Noida News: भाजपा की हैट्रिक रोकने के लिए हाथी ने भरी हुंकार
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जेवर विधानसभा में बेहतर रहा है बसपा का जनाधार
2002, 2007 और 2012 में पार्टी ने लगाई थी जीत की हैट्रिक
रोहित शर्मा
यमुना सिटी। जेवर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा 2027 के चुनावों में जीत की हैट्रिक लगाने की तैयारी कर रही है। दूसरी ओर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने दनकौर के आदर्श इंटर कॉलेज में आयोजित जनसभा में सतवीर नागर के नाम का एलान कर ताल ठोक दिया है। गौतमबुद्धनगर बसपा सुप्रीमो मायावती का गृह जनपद है और यहां पार्टी का जनाधार हमेशा से बेहतर रहा है। 2017 से पहले के चुनावों में पार्टी यहां लगातार जीत की हैट्रिक लगा चुकी है।
बता दें कि बहुजन समाज पार्टी का राष्ट्रीय दल का दर्जा भी संकट में है। बसपा का लोकसभा में कोई सांसद नहीं है, जबकि यूपी विधानसभा में उनके एक मात्र विधायक रहे उमा शंकर सिंह का निधन 5 अगस्त को हो चुका है। दूसरी ओर बसपा के पास सिर्फ एक राज्यसभा की सीट है। वह भी आगामी तीन महीने में अपना कार्यकाल पूरा करने वाली है। इसके अलावा बिहार, पंजाब और उत्तराखंड में बसपा के पास सिर्फ तीन विधायक हैं। ऐसी स्थिति में बसपा ने जेवर को चुनते हुए अपना शक्ति प्रदर्शन किया है। इसके पीछे यह माना जा रहा है कि पार्टी अगर जेवर में सेंधमारी करने में सफल होती है तो उसे आगामी चुनावों में इसका फायदा जरूर मिलेगा। क्योंकि जेवर विधानसभा इस समय भाजपा की प्राथमिकता वाली सीटों में शामिल है। भाजपा ने यहां नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, सेमीकंडक्टर यूनिट, सोलर इंडस्ट्री समेत कई विकास योजनाओं को लाकर विकास का एजेंडा मजबूत किया है। भाजपा जेवर में हुए विकास को जनता के सामने रखकर पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपना वोट बैंक मजबूत करना चाहती है। पीएम मोदी और सीएम योगी यहां पर कई कार्यक्रम कर चुके हैं। आने वाले दिनों में भी उनके कई कार्यक्रम यहां हो सकते हैं।
20 हजार लोगों के पहुंचने का दावा
दनकौर में हुई बसपा की रैली में जनसभा के लिए काफी बड़ा पांडाल तैयार किया गया था। यह पांडाल बीते दिनों हुए भाजपा के कार्यक्रमों के पांडाल से ज्यादा बड़ा होने का दावा किया जा रहा था। वहीं इसमें 20 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने की बात कही गई। जिससे यह माना जा रहा है कि भाजपा के तैयार किए जा रहे गढ़ में बसपा ने सीधे तौर पर अपना पहला प्रत्याशी उतारकर बड़ी संभावनाएं तलाशने की कोशिश की है।
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जेवर में बेहतर रहा है बसपा का जनाधार
अगर जेवर विधानसभा सीट की बात की जाए तो यहां बीते दो बार से भाजपा के धीरेंद्र सिंह जीत हासिल कर रहे हैं। जबकि इससे पहले 2012, 2007 और 2002 में बसपा के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। यहां हमेशा से ही बसपा का जनाधार बेहतर रहा है। 2022 के चुनावों में भाजपा के धीरेंद्र सिंह को 1,17,205 वोट मिले थे और तीसरे नंबर पर रहे बसपा प्रत्याशी नरेंद्र कुमार को 45,256 वोट मिले थे। 2022 में बसपा का वोट प्रतिशत 19.51 रहा था। जबकि इससे पहले 2017 में बसपा को इस सीट पर 38.22 प्रतिशत, 2012 में 37.82 प्रतिशत, जबकि 2007 में बसपा को इस सीट पर 38.77 प्रतिशत वोट मिले थे। जिसे बसपा इस बार बढ़ाकर अपनी जीत सुनिश्चित करना चाहती है।
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2002, 2007 और 2012 में पार्टी ने लगाई थी जीत की हैट्रिक
रोहित शर्मा
यमुना सिटी। जेवर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा 2027 के चुनावों में जीत की हैट्रिक लगाने की तैयारी कर रही है। दूसरी ओर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने दनकौर के आदर्श इंटर कॉलेज में आयोजित जनसभा में सतवीर नागर के नाम का एलान कर ताल ठोक दिया है। गौतमबुद्धनगर बसपा सुप्रीमो मायावती का गृह जनपद है और यहां पार्टी का जनाधार हमेशा से बेहतर रहा है। 2017 से पहले के चुनावों में पार्टी यहां लगातार जीत की हैट्रिक लगा चुकी है।
बता दें कि बहुजन समाज पार्टी का राष्ट्रीय दल का दर्जा भी संकट में है। बसपा का लोकसभा में कोई सांसद नहीं है, जबकि यूपी विधानसभा में उनके एक मात्र विधायक रहे उमा शंकर सिंह का निधन 5 अगस्त को हो चुका है। दूसरी ओर बसपा के पास सिर्फ एक राज्यसभा की सीट है। वह भी आगामी तीन महीने में अपना कार्यकाल पूरा करने वाली है। इसके अलावा बिहार, पंजाब और उत्तराखंड में बसपा के पास सिर्फ तीन विधायक हैं। ऐसी स्थिति में बसपा ने जेवर को चुनते हुए अपना शक्ति प्रदर्शन किया है। इसके पीछे यह माना जा रहा है कि पार्टी अगर जेवर में सेंधमारी करने में सफल होती है तो उसे आगामी चुनावों में इसका फायदा जरूर मिलेगा। क्योंकि जेवर विधानसभा इस समय भाजपा की प्राथमिकता वाली सीटों में शामिल है। भाजपा ने यहां नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, सेमीकंडक्टर यूनिट, सोलर इंडस्ट्री समेत कई विकास योजनाओं को लाकर विकास का एजेंडा मजबूत किया है। भाजपा जेवर में हुए विकास को जनता के सामने रखकर पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपना वोट बैंक मजबूत करना चाहती है। पीएम मोदी और सीएम योगी यहां पर कई कार्यक्रम कर चुके हैं। आने वाले दिनों में भी उनके कई कार्यक्रम यहां हो सकते हैं।
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20 हजार लोगों के पहुंचने का दावा
दनकौर में हुई बसपा की रैली में जनसभा के लिए काफी बड़ा पांडाल तैयार किया गया था। यह पांडाल बीते दिनों हुए भाजपा के कार्यक्रमों के पांडाल से ज्यादा बड़ा होने का दावा किया जा रहा था। वहीं इसमें 20 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने की बात कही गई। जिससे यह माना जा रहा है कि भाजपा के तैयार किए जा रहे गढ़ में बसपा ने सीधे तौर पर अपना पहला प्रत्याशी उतारकर बड़ी संभावनाएं तलाशने की कोशिश की है।
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जेवर में बेहतर रहा है बसपा का जनाधार
अगर जेवर विधानसभा सीट की बात की जाए तो यहां बीते दो बार से भाजपा के धीरेंद्र सिंह जीत हासिल कर रहे हैं। जबकि इससे पहले 2012, 2007 और 2002 में बसपा के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। यहां हमेशा से ही बसपा का जनाधार बेहतर रहा है। 2022 के चुनावों में भाजपा के धीरेंद्र सिंह को 1,17,205 वोट मिले थे और तीसरे नंबर पर रहे बसपा प्रत्याशी नरेंद्र कुमार को 45,256 वोट मिले थे। 2022 में बसपा का वोट प्रतिशत 19.51 रहा था। जबकि इससे पहले 2017 में बसपा को इस सीट पर 38.22 प्रतिशत, 2012 में 37.82 प्रतिशत, जबकि 2007 में बसपा को इस सीट पर 38.77 प्रतिशत वोट मिले थे। जिसे बसपा इस बार बढ़ाकर अपनी जीत सुनिश्चित करना चाहती है।