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अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ: जर्मनी में बैठे इंजीनियर के पैन कार्ड से बनाई दो फर्जी कंपनियां
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जर्मनी में बैठे इंजीनियर के पैन कार्ड से बनाई दो फर्जी कंपनियां
- फर्जी कंपनी बनाकर 15000 करोड़ की जालसाजी का मामला : पीड़ित ने नोएडा पुलिस को फोन कर दी मामले की जानकारी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जर्मनी में नौकरी करने वाले दिल्ली के आईटी इंजीनियर के पैन कार्ड पर दो फर्जी कंपनियां बना दी गईं। बुधवार को जर्मनी से इंजीनियर विवेक कुमार ने नोएडा पुलिस को फोन कर यह जानकारी दी। वहीं कुछ दिन पहले दिल्ली मेट्रो के सीनियर राज्य भाषा अधिकारी डॉ. राजाराम यादव का पैन इस्तेमाल कर फर्जी कंपनी बनाने की बात सामने आई थी। इन दोनों के नाम पर एक कंपनी दिल्ली और दो कंपनी त्रिपुरा के पते पर पंजीकृत कराई गई है।
फर्जी कंपनियां बनाकर 15000 करोड़ के फर्जीवाड़े की जांच कर रही नोएडा पुलिस के पास लगातार इस तरह के फोन आ रहे हैं। गिरोह के बादमाश जीएसटी में फर्जी फर्म का पंजीकरण करा कर इनपुट टैक्स क्रेडिट लेते थे। इस मामले में महिला समेत बारह लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। जबकि सात आरोपी फरार हैं। डीसीपी हरीश चंदर का कहना है कि नोएडा पुलिस ने दिल्ली मेट्रो के राज्य भाषा अधिकारी राजाराम यादव का खाता फ्रीज कराया तब उन्हें इसकी जानकारी हुई।
1200 खातों में ट्रांसफर की थी रकम
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि जीएसटी विभाग ने मामले से जुड़े 1200 खातों की सूची पुलिस को दी है। इन खातों में आरोपियों ने रकम ट्रांसफर की है। सभी बैंक खातों की अलग-अलग कैटेगरी बनाई जा रही है। बृहस्पतिवार को सभी सरकारी और निजी बैंकों के अधिकारियों से संपर्क कर उन खातों की जानकारी साझा की जाएगी जिनमें रकम ट्रांसफर हुए या खाते संदिग्ध हैं। नोएडा पुलिस इन खातों को फ्रीज कराने की कार्रवाई कर रही है।
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दो गुना हो सकती है ठगी की रकम
नोएडा पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक जिस प्रकार से रोजाना नए-नए पीड़ित सामने आ रहे हैं ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में ठगी का आंकड़ा 30 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। गिरोह में शामिल आरोपियों की संख्या भी 60 से अधिक हो सकती है।
जीएसटी फर्जीवाड़े की जांच में जुटा विभाग
नोएडा। फर्जी कंपनियां बनाकर फर्जीवाड़ा करने का मामला उजागर होने के बाद राज्य जीएसटी विभाग भी सक्रिय हो गया है। 2660 फर्जी कंपनियों के जरिये तीन हजार करोड़ रुपये अधिक की हेरफेर के मामले में नोएडा की 11 कंपनियां विभाग के रडार पर आई हैं। जांच के दौरान इनमें से एक कंपनी का जीएसटी पंजीकरण निरस्त पाया गया है, जबकि अन्य दस कंपनियों से जुड़े लेनदेन के आधार पर जांच का दायरा आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इस मामले में शासन की तरफ से भी राज्य जीएसटी विभाग के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसकी रिपोर्ट विभाग की तरफ से शासन को भेज दी गई है। ब्यूरो
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- फर्जी कंपनी बनाकर 15000 करोड़ की जालसाजी का मामला : पीड़ित ने नोएडा पुलिस को फोन कर दी मामले की जानकारी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जर्मनी में नौकरी करने वाले दिल्ली के आईटी इंजीनियर के पैन कार्ड पर दो फर्जी कंपनियां बना दी गईं। बुधवार को जर्मनी से इंजीनियर विवेक कुमार ने नोएडा पुलिस को फोन कर यह जानकारी दी। वहीं कुछ दिन पहले दिल्ली मेट्रो के सीनियर राज्य भाषा अधिकारी डॉ. राजाराम यादव का पैन इस्तेमाल कर फर्जी कंपनी बनाने की बात सामने आई थी। इन दोनों के नाम पर एक कंपनी दिल्ली और दो कंपनी त्रिपुरा के पते पर पंजीकृत कराई गई है।
फर्जी कंपनियां बनाकर 15000 करोड़ के फर्जीवाड़े की जांच कर रही नोएडा पुलिस के पास लगातार इस तरह के फोन आ रहे हैं। गिरोह के बादमाश जीएसटी में फर्जी फर्म का पंजीकरण करा कर इनपुट टैक्स क्रेडिट लेते थे। इस मामले में महिला समेत बारह लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। जबकि सात आरोपी फरार हैं। डीसीपी हरीश चंदर का कहना है कि नोएडा पुलिस ने दिल्ली मेट्रो के राज्य भाषा अधिकारी राजाराम यादव का खाता फ्रीज कराया तब उन्हें इसकी जानकारी हुई।
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1200 खातों में ट्रांसफर की थी रकम
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि जीएसटी विभाग ने मामले से जुड़े 1200 खातों की सूची पुलिस को दी है। इन खातों में आरोपियों ने रकम ट्रांसफर की है। सभी बैंक खातों की अलग-अलग कैटेगरी बनाई जा रही है। बृहस्पतिवार को सभी सरकारी और निजी बैंकों के अधिकारियों से संपर्क कर उन खातों की जानकारी साझा की जाएगी जिनमें रकम ट्रांसफर हुए या खाते संदिग्ध हैं। नोएडा पुलिस इन खातों को फ्रीज कराने की कार्रवाई कर रही है।
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दो गुना हो सकती है ठगी की रकम
नोएडा पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक जिस प्रकार से रोजाना नए-नए पीड़ित सामने आ रहे हैं ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में ठगी का आंकड़ा 30 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। गिरोह में शामिल आरोपियों की संख्या भी 60 से अधिक हो सकती है।
जीएसटी फर्जीवाड़े की जांच में जुटा विभाग
नोएडा। फर्जी कंपनियां बनाकर फर्जीवाड़ा करने का मामला उजागर होने के बाद राज्य जीएसटी विभाग भी सक्रिय हो गया है। 2660 फर्जी कंपनियों के जरिये तीन हजार करोड़ रुपये अधिक की हेरफेर के मामले में नोएडा की 11 कंपनियां विभाग के रडार पर आई हैं। जांच के दौरान इनमें से एक कंपनी का जीएसटी पंजीकरण निरस्त पाया गया है, जबकि अन्य दस कंपनियों से जुड़े लेनदेन के आधार पर जांच का दायरा आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इस मामले में शासन की तरफ से भी राज्य जीएसटी विभाग के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसकी रिपोर्ट विभाग की तरफ से शासन को भेज दी गई है। ब्यूरो