{"_id":"64a08340913f0b3589039db4","slug":"transactions-increased-in-the-month-of-june-the-graph-reached-6792-crores-noida-news-c-1-gnd1002-678630-2023-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: जून माह में बढ़ा लेनदेन, 6792 करोड़ तक पहुंचा ग्राफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: जून माह में बढ़ा लेनदेन, 6792 करोड़ तक पहुंचा ग्राफ
विज्ञापन
जून माह में बढ़ा लेनदेन, 6792 करोड़ तक पहुंचा ग्राफ
- 3960 करोड़ रुपये का हुआ ऑनलाइन लेनदेन, 17 करोड़ ट्रांजेक्शन हुए
-जुलाई में लेनदेन का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद, सितंबर तक तोड़ सकता है पुराने रिकॉर्ड
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मई माह के मुकाबले जून में बैंकों में लेनदेन बढ़ा है। चलन से बाहर होने के बाद दो हजार के नोटों का बदला जाना इसका कारण बैंक अधिकारी बता रहे हैं। लीड बैंक से जारी दो माह के आंकड़ों के मुताबिक मई माह में जहां 6232 करोड़ का लेनदेन हुआ वहीं, जून माह में बढ़कर 6792 करोड़ रुपये हो गया। 17 करोड़ लेनदेन अकेले जून में हुए हैं। वहीं मई में इसकी संख्या 15 करोड़ तक ही थी। इसके अलावा ऑनलाइन लेनदेन भी बढ़ा है। 3960 करोड़ रुपये का ऑनलाइन लेनदेन हुआ है। यानी कुल राशि का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन किया गया है।
अहम है जिले में 35 बैंकों की 570 शाखाएं संचालित हो रही हैं। एक बैंक में सात से आठ हजार खाते हैं। वहीं, एक शाखा में इनकी संख्या 400 से 500 तक हैं। जिले में 10 लाख बचत खाते तो 2.50 लाख चालू खातों की संख्या है। सबसे अधिक यानी करीब 65 प्रतिशत तक ट्रांजेक्शन चालू खातों से ही हो रहा है। 23 मई से 2000 के नोट बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। लीड बैंक मैनेजर विदुर भल्ला बताते हैं कि जून में दो करोड़ ट्रांजेक्शन अधिक हुई हैं। वहीं लगभग 560 करोड़ रुपये का लेनदेन भी अतिरिक्त हुआ है। सबसे अधिक रुपयों का लेनदेन चालू खातों से हुआ है। ग्राफ को देखते हुए उम्मीद है कि जुलाई माह में अभी यह आंकड़ा और भी बढ़ेगा। सितंबर तक पहुंचते पहुंचते यह पुराने रिकॉर्ड भी तोड़ सकता है।
-- --
ऑनलाइन लेनदेन का अधिक सहारा
लोगों ने जून माह में सबसे अधिक ऑनलाइन पेमेंट का सहारा लिया है। ऑनलाइन पेमेंट में भी केवल यूपीआई ही लोग पसंद कर रहे हैं। 12 करोड़ ट्रांजेक्शन ऑनलाइन किए गए हैं। एटीएम का सहारा लोगों ने नोट बदलने के लिए काफी हद तक किया है। लीड बैंक मैनेजर विदुर भल्ला ने बताया कि छोटी-छोटी दुकानों में भी अब क्यूआर कोड नजर आने लगे हैं। इस सुविधा से जहां समय की बचत हो रही है वहीं, चिल्लर का झंझट भी समाप्त हो गया है। डिजिटल पेमेंट की सुविधा से जहां एक ओर एटीएम में भीड़ कम हुई है वहीं, बैंकों में भी दबाव कम हो गया है। जिले के 65 प्रतिशत लोग इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
विज्ञापन
300 करोड़ जमा हुए
दो हजार के नोट बदलने की प्रक्रिया को एक माह से अधिक समय हो गया है। लीड बैंक के मुताबिक इस दौरान 300 करोड़ रुपये की राशि जमा की गई है। सबसे अधिक रुपये सेंट्रल नोएडा जोन से जमा हुए हैं।
विज्ञापन
- 3960 करोड़ रुपये का हुआ ऑनलाइन लेनदेन, 17 करोड़ ट्रांजेक्शन हुए
-जुलाई में लेनदेन का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद, सितंबर तक तोड़ सकता है पुराने रिकॉर्ड
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मई माह के मुकाबले जून में बैंकों में लेनदेन बढ़ा है। चलन से बाहर होने के बाद दो हजार के नोटों का बदला जाना इसका कारण बैंक अधिकारी बता रहे हैं। लीड बैंक से जारी दो माह के आंकड़ों के मुताबिक मई माह में जहां 6232 करोड़ का लेनदेन हुआ वहीं, जून माह में बढ़कर 6792 करोड़ रुपये हो गया। 17 करोड़ लेनदेन अकेले जून में हुए हैं। वहीं मई में इसकी संख्या 15 करोड़ तक ही थी। इसके अलावा ऑनलाइन लेनदेन भी बढ़ा है। 3960 करोड़ रुपये का ऑनलाइन लेनदेन हुआ है। यानी कुल राशि का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन किया गया है।
अहम है जिले में 35 बैंकों की 570 शाखाएं संचालित हो रही हैं। एक बैंक में सात से आठ हजार खाते हैं। वहीं, एक शाखा में इनकी संख्या 400 से 500 तक हैं। जिले में 10 लाख बचत खाते तो 2.50 लाख चालू खातों की संख्या है। सबसे अधिक यानी करीब 65 प्रतिशत तक ट्रांजेक्शन चालू खातों से ही हो रहा है। 23 मई से 2000 के नोट बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। लीड बैंक मैनेजर विदुर भल्ला बताते हैं कि जून में दो करोड़ ट्रांजेक्शन अधिक हुई हैं। वहीं लगभग 560 करोड़ रुपये का लेनदेन भी अतिरिक्त हुआ है। सबसे अधिक रुपयों का लेनदेन चालू खातों से हुआ है। ग्राफ को देखते हुए उम्मीद है कि जुलाई माह में अभी यह आंकड़ा और भी बढ़ेगा। सितंबर तक पहुंचते पहुंचते यह पुराने रिकॉर्ड भी तोड़ सकता है।
विज्ञापन
ऑनलाइन लेनदेन का अधिक सहारा
लोगों ने जून माह में सबसे अधिक ऑनलाइन पेमेंट का सहारा लिया है। ऑनलाइन पेमेंट में भी केवल यूपीआई ही लोग पसंद कर रहे हैं। 12 करोड़ ट्रांजेक्शन ऑनलाइन किए गए हैं। एटीएम का सहारा लोगों ने नोट बदलने के लिए काफी हद तक किया है। लीड बैंक मैनेजर विदुर भल्ला ने बताया कि छोटी-छोटी दुकानों में भी अब क्यूआर कोड नजर आने लगे हैं। इस सुविधा से जहां समय की बचत हो रही है वहीं, चिल्लर का झंझट भी समाप्त हो गया है। डिजिटल पेमेंट की सुविधा से जहां एक ओर एटीएम में भीड़ कम हुई है वहीं, बैंकों में भी दबाव कम हो गया है। जिले के 65 प्रतिशत लोग इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
विज्ञापन
300 करोड़ जमा हुए
दो हजार के नोट बदलने की प्रक्रिया को एक माह से अधिक समय हो गया है। लीड बैंक के मुताबिक इस दौरान 300 करोड़ रुपये की राशि जमा की गई है। सबसे अधिक रुपये सेंट्रल नोएडा जोन से जमा हुए हैं।