{"_id":"6735fd0a56e549a2b70bb0e2","slug":"trade-fair-a-glimpse-of-developed-india-is-visible-noida-news-c-340-1-del1011-68469-2024-11-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्यापार मेला : दिख रही विकसित भारत की झलक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
व्यापार मेला : दिख रही विकसित भारत की झलक
विज्ञापन
थीम के हिसाब से राज्यों ने खूबियों व अत्याधुनिक प्रोजेक्ट का किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। व्यापार मेले में विकसित भारत की झलक देखने को मिल रही है। थीम के हिसाब से सभी राज्यों ने स्टॉल को तैयार कर खूबियों व अत्याधुनिक प्रोजेक्ट का प्रदर्शन किया है। उत्तर प्रदेश के स्टॉल में उद्योग, बिहार में विश्वस्तरीय दर्शनीय स्थल, गुजरात में व्यापार, असम में बांस से बने उत्पाद, उत्तराखंड में रेलवे प्रोजेक्ट सहित दूसरे राज्यों ने अपने स्टॉलों में ऐसी वस्तुओं का प्रदर्शन किया है जिनकी मांग विश्वस्तर पर तेजी से बढ़ रही है।
यही कारण है कि मेले का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा कि अमेरिका, यूरोप, जापान, दक्षिण कोरिया और पश्चिम एशिया आदि में भी भारत के मेले शुरू किए जाएंगे। उन्होंने आईटीपीओ को मेले को साल में दो बार आयोजित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि मेले की थीम विकसित भारत है। यह सरकार की संकल्पना को साकार बनाने में मदद देगी। मेला एक छत के नीचे कई राज्यों की संस्कृति, विरासत और वहां के उत्पादों को प्रदर्शित करने का एक अच्छा मंच होता है।
विकास में भागीदारी बनेंगे दिल्ली के स्टार्ट-अप
देश के विकास में दिल्ली के स्टार्ट-अप की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इसे देखते हुए दिल्ली के पवेलियन में इस साल एसएसआई इकाइयों, एमएसएमई, उद्यमियों, स्टार्ट-अप को अधिक स्थान दिया गया है। दिल्ली के पवेलियन का दिल्ली सरकार के उद्योग मंत्री सौरभ भारद्वाज ने उद्घाटन किया। मेले में दिल्ली जेल (टीआईएचएआर), स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, पर्यटन, उद्योग, दिल्ली एम्पोरियम, जल बोर्ड, एनयूएलएम, समाज कल्याण विभाग और केवीआईबी सहित अन्य के स्टाॅल भी हैं। इसके अलावा दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत और स्मारक भी प्रदर्शित किए गए हैं। लोगों के लिए सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है।
विज्ञापन
बिहार पवेलियन में विशेष प्रतिमाएं
बिहार पवेलियन में मौर्य, गुप्त व पाल काल की विशेष प्रतिमाएं रखी गईं हैं। इसके अलावा विभाजन के दौरान पाकिस्तान से मिली राजा सिद्धार्थ (बुद्ध) की प्रतिमा भी प्रदर्शित की गई है। पद्मश्री कलाकारों ने मधुबनी पेंटिंग, टेराकोटा कला, सिक्की कला, टिकुली कला व अन्य का जीवंत प्रदर्शन किया है। हथकरघा एवं रेशम उत्पादन विभाग के निदेशक निखिल धनराज निप्पाणिकर ने बिहार पवेलियन का शुभारंभ किया। पवेलियन में हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट व खादी के 75 स्टॉल लगाए गए हैं। बिहार पवेलियन की एक दीवार पर थ्रीडी पेंटिंग में आधुनिक नालंदा विश्वविद्यालय को दर्शाया गया है।
झारखंड पवेलियन में दिखीं प्रादेशिक वस्तुएं
मेले में फोकस राज्य की भूमिका निभा रहे झारखंड के पवेलियन में प्रादेशिक वस्तुएं प्रदर्शित की गईं हैं। उद्योग विभाग के सचिव जितेन्द्र कुमार सिंह ने पवेलियन का उद्घाटन किया। यहां प्रादेशिक वस्तुओं की बिक्री के कई स्टाॅल लगाए गए है। खान एवं भूतत्व विभाग, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, पर्यटन, कला, संस्कृति, एवं युवा कार्य विभाग, झारखंड खादी, मुख्यमंत्री लघु उद्योग, झारखंड माटी कला, झारखंड इंडस्ट्री, झारखंड स्टेट लाइवलीहुड, रांची स्मार्ट सिटी व झारक्राफ्ट, झारखंड राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक महासंघ समिति सहित अन्य को प्रदर्शित किया गया है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। व्यापार मेले में विकसित भारत की झलक देखने को मिल रही है। थीम के हिसाब से सभी राज्यों ने स्टॉल को तैयार कर खूबियों व अत्याधुनिक प्रोजेक्ट का प्रदर्शन किया है। उत्तर प्रदेश के स्टॉल में उद्योग, बिहार में विश्वस्तरीय दर्शनीय स्थल, गुजरात में व्यापार, असम में बांस से बने उत्पाद, उत्तराखंड में रेलवे प्रोजेक्ट सहित दूसरे राज्यों ने अपने स्टॉलों में ऐसी वस्तुओं का प्रदर्शन किया है जिनकी मांग विश्वस्तर पर तेजी से बढ़ रही है।
यही कारण है कि मेले का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा कि अमेरिका, यूरोप, जापान, दक्षिण कोरिया और पश्चिम एशिया आदि में भी भारत के मेले शुरू किए जाएंगे। उन्होंने आईटीपीओ को मेले को साल में दो बार आयोजित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि मेले की थीम विकसित भारत है। यह सरकार की संकल्पना को साकार बनाने में मदद देगी। मेला एक छत के नीचे कई राज्यों की संस्कृति, विरासत और वहां के उत्पादों को प्रदर्शित करने का एक अच्छा मंच होता है।
विज्ञापन
विकास में भागीदारी बनेंगे दिल्ली के स्टार्ट-अप
देश के विकास में दिल्ली के स्टार्ट-अप की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इसे देखते हुए दिल्ली के पवेलियन में इस साल एसएसआई इकाइयों, एमएसएमई, उद्यमियों, स्टार्ट-अप को अधिक स्थान दिया गया है। दिल्ली के पवेलियन का दिल्ली सरकार के उद्योग मंत्री सौरभ भारद्वाज ने उद्घाटन किया। मेले में दिल्ली जेल (टीआईएचएआर), स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, पर्यटन, उद्योग, दिल्ली एम्पोरियम, जल बोर्ड, एनयूएलएम, समाज कल्याण विभाग और केवीआईबी सहित अन्य के स्टाॅल भी हैं। इसके अलावा दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत और स्मारक भी प्रदर्शित किए गए हैं। लोगों के लिए सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है।
विज्ञापन
बिहार पवेलियन में विशेष प्रतिमाएं
बिहार पवेलियन में मौर्य, गुप्त व पाल काल की विशेष प्रतिमाएं रखी गईं हैं। इसके अलावा विभाजन के दौरान पाकिस्तान से मिली राजा सिद्धार्थ (बुद्ध) की प्रतिमा भी प्रदर्शित की गई है। पद्मश्री कलाकारों ने मधुबनी पेंटिंग, टेराकोटा कला, सिक्की कला, टिकुली कला व अन्य का जीवंत प्रदर्शन किया है। हथकरघा एवं रेशम उत्पादन विभाग के निदेशक निखिल धनराज निप्पाणिकर ने बिहार पवेलियन का शुभारंभ किया। पवेलियन में हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट व खादी के 75 स्टॉल लगाए गए हैं। बिहार पवेलियन की एक दीवार पर थ्रीडी पेंटिंग में आधुनिक नालंदा विश्वविद्यालय को दर्शाया गया है।
झारखंड पवेलियन में दिखीं प्रादेशिक वस्तुएं
मेले में फोकस राज्य की भूमिका निभा रहे झारखंड के पवेलियन में प्रादेशिक वस्तुएं प्रदर्शित की गईं हैं। उद्योग विभाग के सचिव जितेन्द्र कुमार सिंह ने पवेलियन का उद्घाटन किया। यहां प्रादेशिक वस्तुओं की बिक्री के कई स्टाॅल लगाए गए है। खान एवं भूतत्व विभाग, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, पर्यटन, कला, संस्कृति, एवं युवा कार्य विभाग, झारखंड खादी, मुख्यमंत्री लघु उद्योग, झारखंड माटी कला, झारखंड इंडस्ट्री, झारखंड स्टेट लाइवलीहुड, रांची स्मार्ट सिटी व झारक्राफ्ट, झारखंड राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक महासंघ समिति सहित अन्य को प्रदर्शित किया गया है।