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सी एंड डी वेस्ट प्लांट में निर्माण मलबे से बनेगी टाइल्स

Fri, 25 Feb 2022 02:13 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 25 Feb 2022 02:13 AM IST
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Tiles to be made from construction debris at CD West Plant
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा का पहला कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन (सी एंड डी) वेस्ट प्लांट ईकोटेक-3 में बन रहा है। करीब डेढ़ वर्ष में इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। वहीं प्राधिकरण ने अभी से ही सेक्टरों से कंस्ट्रक्शन मलबा उठवाना शुरू करा दिया है। अब तक 35 से अधिक सेक्टरों से 800 टन से अधिक निर्माण एवं विध्वंस सामग्री (सी एंड डी वेस्ट) उठाकर इकोटेक-3 स्थित निर्माणाधीन प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचा दिया गया है। प्लांट का काम शुरू होते ही इस मलबे को प्रोसेस कर टाइल्स बनाई जाएगी। जिसका इस्तेमाल प्राधिकरण निर्माण कार्यों में करेगा।
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प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण के निर्देश पर ग्रेटर नोएडा का पहला सी एंड डी वेस्ट प्लांट सेक्टर ईकोटेक-3 में बनवाने का निर्णय लिया। दिसंबर में इसका निर्माणकार्य शुरू हो गया था। 18 माह में इसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर तैयार किया जाएगा। प्लांट से निकलने वाले मलबे को यहां प्रोसेस किया जाएगा। इस वेस्ट से टाइल्स आदि बनेगी। इस मलबे से लोहे को अलग करके रिसाइकिल किया जाएगा, जबकि डस्ट का इस्तेमाल गड्ढों को भरने व रोड निर्माण में किया जाएगा। प्लांट में 100 टन मलबा प्रतिदिन प्रोसेस किया जा सकेगा। प्लांट संचालित करने वाली कंपनी राइज इलेवन प्राधिकरण से प्रति टन के हिसाब से 407 रुपये शुल्क लेगी। कंपनी दिल्ली के बुराड़ी में सी एंड डी वेस्ट प्लांट पहले से चला रही है।
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सात कलेक्शन सेंटर तैयार, तीन और बनेंगे
मलबा एकत्रित करने के लिए ग्रेनो में 10 कलेक्शन सेंटर बनाने की योजना तैयार की गई थी। इनमें से सात सेंटर बन गए हैं। इनमें सेक्टर-10, सेक्टर एक, सिग्मा टू, बीटा वन, डेल्टा थ्री, नॉलेज पार्क थ्री व इकोटेक 12 शामिल हैं। तीन कलेक्शन सेंटर और बनने हैं। ये तीन सेंटर सेक्टर दो, ओमीक्रॉन वन और अल्फा वन में बनाए जाएंगे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक सलिल यादव ने निवासियों से इन तीनों जगहों पर कलेक्शन सेंटर बनने देने की अपील की है। उनका कहना है कि यह कूड़े का कलेक्शन प्वाइंट तो है नहीं। इस सेंटर से किसी तरह की बदबू की शिकायत नहीं होगी, बल्कि निवासियों को अपने घरों का मलबा डालने में सहूलियत हो जाएगी।
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दोबारा मलबा डाला तो लगेगी पेनल्टी
सी एंड डी मसले पर बुधवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने समीक्षा बैठक भी की, जिसमें तय हुआ कि कंस्ट्रक्शन मलबे को कलेक्शन सेंटरों में ही डालें। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि जिन जगहों से कंस्ट्रक्शन मलबा उठा लिया गया है, अगर वहां दोबारा से कोई व्यक्ति मलबा डालता है तो उस पर पेनल्टी भी लगाई जाएगी। बैठक में एसीईओ दीपचंद्र, जीएम एके अरोड़ा, डीजीएम सीके त्रिपाठी, डीजीएम वित्त मोनिका चतुर्वेदी, डीजीएम केआर वर्मा, वरिष्ठ प्रबंधक कपिलदेव सिंह, प्रबंधक प्रभात शंकर, जितेंद्र यादव, वैभव नागर व कंसलटेंट एजेंसी अर्नेस्ट एंड यंग के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
जारी किया हेल्पलाइन नंबर
ग्रेटर नोएडा में कंस्ट्रक्शन मलबे को उठाने के लिए हेल्पलाइन नंबर 9315906083 जारी किया गया है। यह प्रोसेसिंग प्लांट बना रही राइज इलेवन कंपनी का नंबर है। जिस जगह कंस्ट्रक्शन मलबे को उठाया जा चुका है वहां पर अगर कोई दोबारा से मलबा डालता है, तो उसकी सूचना भी इस नंबर पर दी जा सकती है।

सी एंड डी प्लांट के बन जाने से मलबे को प्रोसेस करके टाइल्स आदि बनाई जा सकेगी। इससे ग्रेटर नोएडा को भी और स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी। ग्रेटर नोएडावासियों से शहर को स्वच्छ रखने की अपील है। - नरेंद्र भूषण, सीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
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