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Noida News: ननखड़ी के अस्तपाल में तीन चिकित्सक और स्टाफ के 17 पद रिक्त
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ननखड़ी अस्पताल में आठ साल से ठप पड़ा आवासीय भवन का निर्माण। संवाद
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ग्राउंड रिपोर्ट : आठ साल से ठप पड़ा स्टाफ कर्मियों के आवास का कार्य
. खंडहर बनता जा रहा भवन, सरकार, विभाग की अनदेखी पड़ रही भारी
. अस्पताल को जोड़ने वाली सड़क की भी नहीं सुधर रही हालत, मरीज झेल रहे परेशानी
राजेंद्र ठाकुर
ननखड़ी (रामपुर बुशहर)। ननखड़ी तहसील में ग्रामीणों को घरद्वार पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य से अस्पताल तो खुला, लेकिन अव्यवस्था और सरकार की अनदेखी के कारण आज 18 पंचायतों के ग्रामीणों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। ननखड़ी के अस्पताल में चिकित्सकों के तीन और स्टाफ के 17 पद रिक्त पड़े हैं। ग्रामीणों को उपचार के लिए ननखड़ी से 45 किलोमीटर दूर रामपुर जाना पड़ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ननखड़ी कई मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहा है। अस्पताल में चिकित्सकों के पांच पद स्वीकृत हैं। इनमें से वर्तमान में केवल दो ही चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं।
इसके अलावा अस्पताल में अधीक्षक ग्रेड-2, कनिष्ठ सहायक के एक-एक पद, लिपिक के चार पद, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के छह पद, सफाई कर्मचारी के तीन पद और धोबी का एक पद खाली पड़ा है। वहीं, अस्पताल को जोड़ने वाली सड़क कई वर्षों से खस्ता हालत में है। खस्ताहाल सड़क से मरीजों के आपात की स्थिति में अस्पताल पहुंचने में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। अस्पताल में तैनात कर्मचारियों के लिए आठ साल पहले आवासीय भवन का निर्माण शुरू किया गया था, लेकिन भवन का निर्माण आज दिन तक पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण कर्मचारियों को काफी दूर जाकर कमरे लेने पड़ रहे हैं। बजट के अभाव में भवन का निर्माण भी लटका हुआ है। कर्मचारियों को आज दिन तक इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी ग्रामीणों सहित विभागीय कर्मचारियों पर भी भारी पड़ रही है। ननखड़ी पंचायत के प्रधान राजेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में लंबे से समय से चिकित्सक और स्टाफ के पद रिक्त होने से ग्रामीण बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं। कर्मचारियों के भवन का कार्य ठप पड़ा है। इस कारण भवन खंडहर बनता जा रहा है। अस्पताल जाने वाली सड़क पर मरीज परेशानी झेल रहे हैं। समस्या के बारे में कई बार सरकार और विभाग से मामला उठाया गया है, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हो पाया। ग्रामीण गगन ठाकुर, अनुपम मेहता, सोहन लाल, रोशन लाल, संतोष कुमार, बृजलाल, कपिल मेहता, नरेंद्र ठाकुर, विपिन कुमार और दिलीप सिंह ने प्रदेश सरकार से अस्पताल की समस्या को जल्द दूर करने की मांग उठाई है।
लंबे समय से स्टाफ की कमी चली आ रही है। रिक्त पदों को लेकर समय समय पर विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्राचार कर सूचित किया जा रहा है।-- राजेश राणा, बीएमओ ननखड़ी
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आवासीय भवन निर्माण के लिए जो राशि मिली थी, वह खर्च हो गई है। शेष कार्य बजट मिलते ही पूरा किया जाएगा। -अंकुश जम्वाल, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग ननखड़ी
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. खंडहर बनता जा रहा भवन, सरकार, विभाग की अनदेखी पड़ रही भारी
. अस्पताल को जोड़ने वाली सड़क की भी नहीं सुधर रही हालत, मरीज झेल रहे परेशानी
राजेंद्र ठाकुर
ननखड़ी (रामपुर बुशहर)। ननखड़ी तहसील में ग्रामीणों को घरद्वार पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य से अस्पताल तो खुला, लेकिन अव्यवस्था और सरकार की अनदेखी के कारण आज 18 पंचायतों के ग्रामीणों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। ननखड़ी के अस्पताल में चिकित्सकों के तीन और स्टाफ के 17 पद रिक्त पड़े हैं। ग्रामीणों को उपचार के लिए ननखड़ी से 45 किलोमीटर दूर रामपुर जाना पड़ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ननखड़ी कई मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहा है। अस्पताल में चिकित्सकों के पांच पद स्वीकृत हैं। इनमें से वर्तमान में केवल दो ही चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं।
इसके अलावा अस्पताल में अधीक्षक ग्रेड-2, कनिष्ठ सहायक के एक-एक पद, लिपिक के चार पद, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के छह पद, सफाई कर्मचारी के तीन पद और धोबी का एक पद खाली पड़ा है। वहीं, अस्पताल को जोड़ने वाली सड़क कई वर्षों से खस्ता हालत में है। खस्ताहाल सड़क से मरीजों के आपात की स्थिति में अस्पताल पहुंचने में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। अस्पताल में तैनात कर्मचारियों के लिए आठ साल पहले आवासीय भवन का निर्माण शुरू किया गया था, लेकिन भवन का निर्माण आज दिन तक पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण कर्मचारियों को काफी दूर जाकर कमरे लेने पड़ रहे हैं। बजट के अभाव में भवन का निर्माण भी लटका हुआ है। कर्मचारियों को आज दिन तक इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी ग्रामीणों सहित विभागीय कर्मचारियों पर भी भारी पड़ रही है। ननखड़ी पंचायत के प्रधान राजेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में लंबे से समय से चिकित्सक और स्टाफ के पद रिक्त होने से ग्रामीण बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं। कर्मचारियों के भवन का कार्य ठप पड़ा है। इस कारण भवन खंडहर बनता जा रहा है। अस्पताल जाने वाली सड़क पर मरीज परेशानी झेल रहे हैं। समस्या के बारे में कई बार सरकार और विभाग से मामला उठाया गया है, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हो पाया। ग्रामीण गगन ठाकुर, अनुपम मेहता, सोहन लाल, रोशन लाल, संतोष कुमार, बृजलाल, कपिल मेहता, नरेंद्र ठाकुर, विपिन कुमार और दिलीप सिंह ने प्रदेश सरकार से अस्पताल की समस्या को जल्द दूर करने की मांग उठाई है।
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लंबे समय से स्टाफ की कमी चली आ रही है। रिक्त पदों को लेकर समय समय पर विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्राचार कर सूचित किया जा रहा है।
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आवासीय भवन निर्माण के लिए जो राशि मिली थी, वह खर्च हो गई है। शेष कार्य बजट मिलते ही पूरा किया जाएगा। -अंकुश जम्वाल, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग ननखड़ी

ननखड़ी अस्पताल में आठ साल से ठप पड़ा आवासीय भवन का निर्माण। संवाद