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Noida News: साउंड बैरियर के टेंडर में तीन कंपनियां बाहर, जांच की मांग
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- शिकायत पर नोएडा प्राधिकरण ने शुरू करवाई जांच, दावा सभी दस्तावेज का परीक्षण होगा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-40 अगाहपुर से एनएसईजेड सेक्टर-82 तक बने 4.5 किलोमीटर के भंगेल एलिवेटेड रोड पर वाहनों का शोर रोकने के लिए नोएडा प्राधिकरण साउंड बैरियर लगवाने जा रहा है। यह साउंड बैरियर लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। पहले तीन टेंडर खाली गुजर चुके हैं। चौथी बार हुए टेंडर में पांच एजेंसी आई थी। इनमें तकनीकी मूल्याकांन में तीन कंपनियों को बाहर किया गया है। बाहर होने वाली जेआरडी इंफ्राटेक ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ से शिकायत कर तकनीकी जांच की निष्पक्ष समीक्षा अनुभव प्रमाण पत्र के सत्यापन की मांग की है। इस पर प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने शिकायत के आधार पर जांच के निर्देश दिए हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक साउंड बैरियर और रोड सेफ्टी के यह काम करीब 18 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से होने हैं। 3 सितंबर को टेंडर में आई तकनीकी मूल्यांकन रिपोर्ट के मुताबिक एडिकॉन कंकरीट एलएलपी, जेआरडी इंफ्राटेक लिमिटेड, और कृष सिविकॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को तकनीकी शर्तें पूरी नहीं करने के आधार पर नॉट एडमिटेड किया गया। वहीं मेहता कंस्ट्रक्शन और शिवम इंटरप्राइजेज को तकनीकी रूप से स्वीकार किया गया। ऐसे में जेआरडी इंफ्राटेक ने 3 सितंबर को प्राधिकरण शिकायत भेजकर तकनीकी मूल्यांकन पर सवाल उठाए थे। कंपनी ने कहा था कि पांच में से तीन कंपनियों को तकनीकी स्तर पर बाहर किए जाने से प्रतिस्पर्धा सीमित हो गई। उसने सभी कंपनियों के दस्तावेजों दोबारा जांच कराने की मांग की थी। जांच तक वित्तीय बोली खोलने की प्रक्रिया को जांच पूरी होने तक रोकने की भी मांग उठाई थी।
शुरू हुई जांच, एनएचएआई को प्राधिकरण ने भेजे पत्र
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शिकायत पर नोएडा प्राधिकरण ने अपनी जांच शुरू कर दी है। इसमें वर्क सर्कल-8 की तरफ से एनएचएआई को पत्र भेजकर टेंडर में लगाए गए अनुभव प्रमाणपत्र की सत्यता को लेकर जानकारी मांगी गई है। इसके साथ ही टेंडर में लगाए गए दस्तावेज भी देखे गए हैं। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि टेंडर में पूरी तरह से पारदर्शिता बरती गई है। दस्तावेजों की सत्यता परखी जाएगी।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-40 अगाहपुर से एनएसईजेड सेक्टर-82 तक बने 4.5 किलोमीटर के भंगेल एलिवेटेड रोड पर वाहनों का शोर रोकने के लिए नोएडा प्राधिकरण साउंड बैरियर लगवाने जा रहा है। यह साउंड बैरियर लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। पहले तीन टेंडर खाली गुजर चुके हैं। चौथी बार हुए टेंडर में पांच एजेंसी आई थी। इनमें तकनीकी मूल्याकांन में तीन कंपनियों को बाहर किया गया है। बाहर होने वाली जेआरडी इंफ्राटेक ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ से शिकायत कर तकनीकी जांच की निष्पक्ष समीक्षा अनुभव प्रमाण पत्र के सत्यापन की मांग की है। इस पर प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने शिकायत के आधार पर जांच के निर्देश दिए हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक साउंड बैरियर और रोड सेफ्टी के यह काम करीब 18 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से होने हैं। 3 सितंबर को टेंडर में आई तकनीकी मूल्यांकन रिपोर्ट के मुताबिक एडिकॉन कंकरीट एलएलपी, जेआरडी इंफ्राटेक लिमिटेड, और कृष सिविकॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को तकनीकी शर्तें पूरी नहीं करने के आधार पर नॉट एडमिटेड किया गया। वहीं मेहता कंस्ट्रक्शन और शिवम इंटरप्राइजेज को तकनीकी रूप से स्वीकार किया गया। ऐसे में जेआरडी इंफ्राटेक ने 3 सितंबर को प्राधिकरण शिकायत भेजकर तकनीकी मूल्यांकन पर सवाल उठाए थे। कंपनी ने कहा था कि पांच में से तीन कंपनियों को तकनीकी स्तर पर बाहर किए जाने से प्रतिस्पर्धा सीमित हो गई। उसने सभी कंपनियों के दस्तावेजों दोबारा जांच कराने की मांग की थी। जांच तक वित्तीय बोली खोलने की प्रक्रिया को जांच पूरी होने तक रोकने की भी मांग उठाई थी।
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शुरू हुई जांच, एनएचएआई को प्राधिकरण ने भेजे पत्र
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शिकायत पर नोएडा प्राधिकरण ने अपनी जांच शुरू कर दी है। इसमें वर्क सर्कल-8 की तरफ से एनएचएआई को पत्र भेजकर टेंडर में लगाए गए अनुभव प्रमाणपत्र की सत्यता को लेकर जानकारी मांगी गई है। इसके साथ ही टेंडर में लगाए गए दस्तावेज भी देखे गए हैं। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि टेंडर में पूरी तरह से पारदर्शिता बरती गई है। दस्तावेजों की सत्यता परखी जाएगी।
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