{"_id":"60a6bd318ebc3e7fc91e0ad9","slug":"three-cases-of-fraud-including-authority-s-legal-adviser-grnoida-news-noi5828907171","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राधिकरण के विधि सलाहकार समेत तीन पर धोखाधड़ी का केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राधिकरण के विधि सलाहकार समेत तीन पर धोखाधड़ी का केस
विज्ञापन
नोएडा। प्राधिकरण के विधिक अधिकारी ने कार्यालय में तैनात विधि सलाहकार दिनेश कुमार सिंह, तत्कालीन सहायक विधिक अधिकारी वीरेंद्र सिंह नागर समेत तीन लोगों के खिलाफ कोतवाली सेक्टर-20 में धोखाधड़ी और षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि इन लोगों ने गेझा गांव की एक जमीन के अधिग्रहण में फर्जीवाड़ा कर प्राधिकरण को 12 करोड़ का नुकसान पहुंचाया है। पुलिस के मुताबिक, नोएडा प्राधिकरण के विधिक अधिकारी सुशील भाटी ने पुलिस से शिकायत की है कि वर्ष 1982 में राजस्व ग्राम गेझा तिलपताबाद निवासी फुंदन की जमीन को अधिगृहीत किया गया था।
इसके बाद वह मुआवजे से असंतुष्ट होकर जिला कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। वर्ष 1993 में कोर्ट ने मामले का निस्तारण किया था। इस मामले में 2015 में फुंदन की इकलौती बेटी रामवती की ओर से मुआवजे को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले को खारिज कर दिया था। आरोप है कि रामवती ने मामले को हाईकोर्ट में लंबित बताकर प्राधिकरण के सीईओ को समझौते के लिए आवेदन दिया था। इस मामले को तत्कालीन सहायक विधिक अधिकारी विरेंद्र सिंह नागर के पास भेजा गया था। उन्होंने इसे विधि सलाहकार दिनेश कुमार सिंह को अग्रसारित कर दिया था। इन लोगों ने फर्जीवाड़ा करते हुए प्राधिकरण को करीब 12 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा दिया।
आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने गलत तरीके से जांच को आगे बढ़ाया और रामवती की हाईकोर्ट की याचिका को लंबित बताकर उसे बढ़ा हुआ मुआवजा दिलवा दिया जबकि रामवती की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। कोतवाली सेक्टर-20 के प्रभारी निरीक्षक मुनीश प्रताप सिंह ने बताया कि प्राधिकरण के विधिक अधिकारी सुशील भाटी की शिकायत पर प्राधिकरण के विधि सलाहकार अधिकारी दिनेश कुमार सिंह, तत्कालीन सहायक विधिक अधिकारी वीरेंद्र सिंह नागर और रामवती के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। वीरेंद्र सिंह नागर का नोएडा प्राधिकरण से अभी तबादला हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके बाद वह मुआवजे से असंतुष्ट होकर जिला कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। वर्ष 1993 में कोर्ट ने मामले का निस्तारण किया था। इस मामले में 2015 में फुंदन की इकलौती बेटी रामवती की ओर से मुआवजे को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले को खारिज कर दिया था। आरोप है कि रामवती ने मामले को हाईकोर्ट में लंबित बताकर प्राधिकरण के सीईओ को समझौते के लिए आवेदन दिया था। इस मामले को तत्कालीन सहायक विधिक अधिकारी विरेंद्र सिंह नागर के पास भेजा गया था। उन्होंने इसे विधि सलाहकार दिनेश कुमार सिंह को अग्रसारित कर दिया था। इन लोगों ने फर्जीवाड़ा करते हुए प्राधिकरण को करीब 12 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा दिया।
विज्ञापन
आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने गलत तरीके से जांच को आगे बढ़ाया और रामवती की हाईकोर्ट की याचिका को लंबित बताकर उसे बढ़ा हुआ मुआवजा दिलवा दिया जबकि रामवती की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। कोतवाली सेक्टर-20 के प्रभारी निरीक्षक मुनीश प्रताप सिंह ने बताया कि प्राधिकरण के विधिक अधिकारी सुशील भाटी की शिकायत पर प्राधिकरण के विधि सलाहकार अधिकारी दिनेश कुमार सिंह, तत्कालीन सहायक विधिक अधिकारी वीरेंद्र सिंह नागर और रामवती के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। वीरेंद्र सिंह नागर का नोएडा प्राधिकरण से अभी तबादला हुआ है।
विज्ञापन