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प्रधानमंत्री रोजगार गारंटी योजना के नाम पर हजारों से ठगी
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नई दिल्ली। देशभर के हजारों लोगों से प्रधानमंत्री रोजगार गारंटी योजना के नाम पर लोन दिलाने की बात कर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी लोन की रकम के साथ सब्सिडी दिलाने का झांसा देकर फर्जीवाड़ा करते थे। पुलिस ने 25 महिलाओं समेत 28 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह रामगढ़ महेंद्र पार्क इलाके में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी कर रहा था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 19 मोबाइल फोन, चार कंप्यूटर, एक लैपटॉप, 83500 नकद बरामद किया है। पकड़े गए चार मुख्य आरोपियों की पहचान गाजियाबाद निवासी सुनीता शर्मा (40), दिल्ली निवासी योगेश मिश्रा (34), सुभान खान (25) और दीकू (22) के रूप में हुई है। पुलिस आरोपी योगेश और सुभान को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। फर्जीवाड़े के दो मुख्य आरोपी सुशील भारती और विजय भारती फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने बताया कि सेक्टर-5, रोहिणी निवासी महिला ने बुध विहार थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता के पास सतीश नामक शख्स का कॉल आया। कॉलर ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताकर लोन देने का ऑफर दिया। आरोपी ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार गारंटी योजना के तहत उनका बैंक बहुत कम ब्याज दरों पर लोन देे रहा है। यदि वह छह लाख रुपये लोन लेती है तो सरकार की ओर से उनके लोन पर एक लाख रुपये की सब्सिडी मिल जाएगी। पीड़िता फौरन लोन के लिए तैयार हो गई। आरोपियों ने कुछ औपचारिताएं पूरी करने के बाद पीड़िता से कहा कि उनको 21500 रुपये खाते में डालना होंगे जो लोन के साथ वापस आ जाएंगे। पीड़िता ने ऐसा ही किया और बताए गए खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद आरोपियों ने न तो लोन दिलवाया और न ही ली गई रकम वापस की। पीड़िता के नंबर को भी आरोपियों ने ब्लॉक कर दिया। शिकायत मिलने के बाद एसएचओ खेमेंद्र पाल सिंह, एसआई सुरेंद्र खत्री की टीम ने मामले की जांच शुरू की।
जांच में पता चला कि रकम सतीश कुमार के खाते से सुभान खान नामक यूपीआई अकाउंट में ट्रांसफर हुई थी। सीडीआर की मदद से छानबीन की गई। इसके बाद पुलिस की टीम ने मंगलवार को जीटीके डिपो, रामगढ़, महेंद्र पार्क इलाके में एक बिल्डिंग में दबिश दी। मौके पर कॉल सेंटर से पुलिस ने 25 महिलाओं समेत कुल 28 को काबू किया। इनमें 24 लड़कियां टेलीकॉलर थीं। बाकी सुनीता, योगेश, सुभान, दीकू ठगी में साथ दे रहे थे। गैंग के दो मुख्य आरोपी सुशील भारती और विजय भारती मौके से फरार हो गए। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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हजारों से करोड़ों ठगे जाने की आशंका
शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी कई वर्षों से फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी कर रहे थे। कॉल सेंटर से भारी मात्रा में दस्तावेज बरामद हुए हैं। आरोपियों ने लोगों को फंसाने के लिए 8 से 14-15 हजार रुपये तक की सैलरी पर महिलाओं को टेलीकॉलर के रूप में रखा हुआ था। लोन का झांसा देकर आरोपी अपने खातों में रुपये ट्रांसफर करवा लिया करते थे। इनके खातों की देखरेख का काम सुभान खान देखता था। वह बीकॉम पास है। पुलिस योगेश और सुभान को रिमांड पर लेकर पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों से ठगी की है। पुलिस मामले में करोड़ों की ठगी की आशंका जता रही है।
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रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने बताया कि सेक्टर-5, रोहिणी निवासी महिला ने बुध विहार थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता के पास सतीश नामक शख्स का कॉल आया। कॉलर ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताकर लोन देने का ऑफर दिया। आरोपी ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार गारंटी योजना के तहत उनका बैंक बहुत कम ब्याज दरों पर लोन देे रहा है। यदि वह छह लाख रुपये लोन लेती है तो सरकार की ओर से उनके लोन पर एक लाख रुपये की सब्सिडी मिल जाएगी। पीड़िता फौरन लोन के लिए तैयार हो गई। आरोपियों ने कुछ औपचारिताएं पूरी करने के बाद पीड़िता से कहा कि उनको 21500 रुपये खाते में डालना होंगे जो लोन के साथ वापस आ जाएंगे। पीड़िता ने ऐसा ही किया और बताए गए खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद आरोपियों ने न तो लोन दिलवाया और न ही ली गई रकम वापस की। पीड़िता के नंबर को भी आरोपियों ने ब्लॉक कर दिया। शिकायत मिलने के बाद एसएचओ खेमेंद्र पाल सिंह, एसआई सुरेंद्र खत्री की टीम ने मामले की जांच शुरू की।
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जांच में पता चला कि रकम सतीश कुमार के खाते से सुभान खान नामक यूपीआई अकाउंट में ट्रांसफर हुई थी। सीडीआर की मदद से छानबीन की गई। इसके बाद पुलिस की टीम ने मंगलवार को जीटीके डिपो, रामगढ़, महेंद्र पार्क इलाके में एक बिल्डिंग में दबिश दी। मौके पर कॉल सेंटर से पुलिस ने 25 महिलाओं समेत कुल 28 को काबू किया। इनमें 24 लड़कियां टेलीकॉलर थीं। बाकी सुनीता, योगेश, सुभान, दीकू ठगी में साथ दे रहे थे। गैंग के दो मुख्य आरोपी सुशील भारती और विजय भारती मौके से फरार हो गए। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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हजारों से करोड़ों ठगे जाने की आशंका
शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी कई वर्षों से फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी कर रहे थे। कॉल सेंटर से भारी मात्रा में दस्तावेज बरामद हुए हैं। आरोपियों ने लोगों को फंसाने के लिए 8 से 14-15 हजार रुपये तक की सैलरी पर महिलाओं को टेलीकॉलर के रूप में रखा हुआ था। लोन का झांसा देकर आरोपी अपने खातों में रुपये ट्रांसफर करवा लिया करते थे। इनके खातों की देखरेख का काम सुभान खान देखता था। वह बीकॉम पास है। पुलिस योगेश और सुभान को रिमांड पर लेकर पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों से ठगी की है। पुलिस मामले में करोड़ों की ठगी की आशंका जता रही है।