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जगत फार्म के सामने भीड़भाड़ और जाम से मिलेगी निजात
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ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर-कासना रोड पर जगत फार्म के सामने भीड़भाड़ को खत्म करने के लिए प्राधिकरण योजना तैयार कर रहा है। इसके लिए नए सिरे से डिजाइन तैयार कराया जा रहा है। बृहस्पतिवार को सीईओ नरेंद्र भूषण के सामने एपीजे स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड डिजाइन ने प्रस्तुतिकरण दिया। सीईओ ने संस्थान से एक सप्ताह में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
दरअसल, जगत फार्म ग्रेटर नोएडा की सबसे बड़ी मार्केट है। पूरे शहर से खरीदार यहां आते हैं। सूरजपुर-कासना रोड के दूसरी तरफ तमाम इंस्टीट्यूट बने हुए हैं। इससे बड़ी तादाद में छात्र भी यहां आते हैं। ऑटो वाले सवारी के इंतजार में यहीं खड़े रहते हैं। आसपास भीड़भाड़ व जाम जैसे हालात रहते हैं। पैदल व साइकिल सवारों को भी दिक्कत होती है। अब सीईओ के निर्देश पर परियोजना विभाग इसका हल निकालने की कोशिश कर रहा है। जगत फार्म के सामने फुटओवर ब्रिज बनाने के लिए प्राधिकरण प्रयासरत है। इसके अलावा क्या-क्या सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं, इस पर एपीजे स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग की चार सदस्यीय टीम ने सीईओ नरेंद्र भूषण के सामने ऑटो स्टैंड बनाने, फुटपाथ, अलग-अलग बने साइकिल ट्रैक को जोड़ने आदि पर प्रस्तुतिकरण दिया।
सीईओ ने संस्थान से एक सप्ताह में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। सीईओ ने उन सुझावों का समावेश करने को कहा, जिस पर शीघ्र अमल किया जा सके। इंस्टीट्यूट के सुझावों पर ग्रेटर नोएडा की ट्रैफिक सलाहकार संस्था राइट्स भी परीक्षण करेगी। प्रस्तुतिकरण के दौरान एसीईओ अमनदीप डुली, महाप्रबंधक नियोजन मीना भार्गव, डीजीएम केआर वर्मा, वरिष्ठ प्रबंधक एके सक्सेना आदि मौजूद रहे, जबकि इंस्टीट्यूट की तरफ से डॉ. बिपाशा कुमार, कनिका वर्मा, ज्योत्सना गौड़, कामिनी सिंह ने प्रस्तुतिकरण दिया।
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दरअसल, जगत फार्म ग्रेटर नोएडा की सबसे बड़ी मार्केट है। पूरे शहर से खरीदार यहां आते हैं। सूरजपुर-कासना रोड के दूसरी तरफ तमाम इंस्टीट्यूट बने हुए हैं। इससे बड़ी तादाद में छात्र भी यहां आते हैं। ऑटो वाले सवारी के इंतजार में यहीं खड़े रहते हैं। आसपास भीड़भाड़ व जाम जैसे हालात रहते हैं। पैदल व साइकिल सवारों को भी दिक्कत होती है। अब सीईओ के निर्देश पर परियोजना विभाग इसका हल निकालने की कोशिश कर रहा है। जगत फार्म के सामने फुटओवर ब्रिज बनाने के लिए प्राधिकरण प्रयासरत है। इसके अलावा क्या-क्या सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं, इस पर एपीजे स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग की चार सदस्यीय टीम ने सीईओ नरेंद्र भूषण के सामने ऑटो स्टैंड बनाने, फुटपाथ, अलग-अलग बने साइकिल ट्रैक को जोड़ने आदि पर प्रस्तुतिकरण दिया।
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सीईओ ने संस्थान से एक सप्ताह में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। सीईओ ने उन सुझावों का समावेश करने को कहा, जिस पर शीघ्र अमल किया जा सके। इंस्टीट्यूट के सुझावों पर ग्रेटर नोएडा की ट्रैफिक सलाहकार संस्था राइट्स भी परीक्षण करेगी। प्रस्तुतिकरण के दौरान एसीईओ अमनदीप डुली, महाप्रबंधक नियोजन मीना भार्गव, डीजीएम केआर वर्मा, वरिष्ठ प्रबंधक एके सक्सेना आदि मौजूद रहे, जबकि इंस्टीट्यूट की तरफ से डॉ. बिपाशा कुमार, कनिका वर्मा, ज्योत्सना गौड़, कामिनी सिंह ने प्रस्तुतिकरण दिया।
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