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Noida News: नौवीं से बारहवीं तक के छात्रों की होगी ओपन बुक परीक्षा
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-प्रस्ताव तैयार, पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर नवंबर में कुछ विषयों से की जा सकती है शुरुआत
-2014-2017 तक नौवीं से ग्यारहवीं कक्षा की फाइनल परीक्षाओं के लिए की गई थी व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपने संबंद्ध स्कूलों में नौवीं से बारहवीं तक के छात्रों के लिए ओपन बुक परीक्षा आयोजित कराने पर विचार कर रहा है। बोर्ड ने परीक्षा कराने के संबंध में ओपन बुक परीक्षा का प्रस्ताव तैयार किया है। इस तरह की परीक्षा में छात्रों को किताबें व नोट्स ले जाने की अनुमति होती है। बोर्ड इस योजना को नवंबर में प्रयोग के तौर पर शुरु करेगा।
सीबीएसई ने इससे पहले 2014 से 2017 तक भी ओपन बुक परीक्षा कराई गई थी लेकिन नकारात्मक फीडबैक के बाद इसे वापस ले लिया था। इस दौरान स्कूलों को पहले ही पाठ्य सामग्री, आर्टिकल, केस स्टडी, मैप, कॉर्टून, पिक्चर की शक्ल में भेजे गए थे। अब बोर्ड ने नौवीं से 12वीं तक के लिए ओपन बुक परीक्षा का प्रस्ताव रखा है। बोर्ड की बीते साल हुई गर्वनिंग बॉडी की बैठक में इस तरह से परीक्षा कराने का निर्णय किया गया है। इस तरह की परीक्षा में छात्रों को नोट्स, पाठ्य पुस्तकें व अध्ययन सामग्री लेकर जाने और उन्हें देखने की इजाजत होती है। नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क की सिफारिशों के आधार पर ही बोर्ड ने ओपन बुक परीक्षा का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत बोर्ड ने नौवीं व दसवीं के लिए अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और कक्षा 11 वीं और 12वीं के लिए अंग्रेजी, गणित और जीव विज्ञान के लिए कुछ स्कूलों में ओपन बुक परीक्षा प्रायोगिक तौर पर कराने की तैयारी शुरु की है।
इस परीक्षा से मिले फीडबैक के आधार पर यह देखा जाएगा कि इसे सभी स्कूलों में अपनाया जाए या नहीं। साथ ही बोर्ड यह भी देखेगा कि बच्चों के लिए मूल्यांकन का यह तरीका बेहतर है या नहीं। बोर्ड की ओर से इस तरह की परीक्षा का खाका जून तक बनाए जाने की उम्मीद है। इसके लिए बोर्ड दिल्ली विश्वविद्यालय का परामर्श भी लेगा। दरअसल कोरोना महामारी के दौरान डीयू ने भी ओपन बुक परीक्षा आयोजित की थी और छात्रों को अपनी पाठ्य पुस्तकें व नोट्स को ले जाने की अनुमति दी थी। शुरुआत में डीयू को भी इस तरह से परीक्षा कराए जाने को लेकर नकारात्मक फीडबैक मिला था।
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-2014-2017 तक नौवीं से ग्यारहवीं कक्षा की फाइनल परीक्षाओं के लिए की गई थी व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपने संबंद्ध स्कूलों में नौवीं से बारहवीं तक के छात्रों के लिए ओपन बुक परीक्षा आयोजित कराने पर विचार कर रहा है। बोर्ड ने परीक्षा कराने के संबंध में ओपन बुक परीक्षा का प्रस्ताव तैयार किया है। इस तरह की परीक्षा में छात्रों को किताबें व नोट्स ले जाने की अनुमति होती है। बोर्ड इस योजना को नवंबर में प्रयोग के तौर पर शुरु करेगा।
सीबीएसई ने इससे पहले 2014 से 2017 तक भी ओपन बुक परीक्षा कराई गई थी लेकिन नकारात्मक फीडबैक के बाद इसे वापस ले लिया था। इस दौरान स्कूलों को पहले ही पाठ्य सामग्री, आर्टिकल, केस स्टडी, मैप, कॉर्टून, पिक्चर की शक्ल में भेजे गए थे। अब बोर्ड ने नौवीं से 12वीं तक के लिए ओपन बुक परीक्षा का प्रस्ताव रखा है। बोर्ड की बीते साल हुई गर्वनिंग बॉडी की बैठक में इस तरह से परीक्षा कराने का निर्णय किया गया है। इस तरह की परीक्षा में छात्रों को नोट्स, पाठ्य पुस्तकें व अध्ययन सामग्री लेकर जाने और उन्हें देखने की इजाजत होती है। नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क की सिफारिशों के आधार पर ही बोर्ड ने ओपन बुक परीक्षा का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत बोर्ड ने नौवीं व दसवीं के लिए अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और कक्षा 11 वीं और 12वीं के लिए अंग्रेजी, गणित और जीव विज्ञान के लिए कुछ स्कूलों में ओपन बुक परीक्षा प्रायोगिक तौर पर कराने की तैयारी शुरु की है।
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इस परीक्षा से मिले फीडबैक के आधार पर यह देखा जाएगा कि इसे सभी स्कूलों में अपनाया जाए या नहीं। साथ ही बोर्ड यह भी देखेगा कि बच्चों के लिए मूल्यांकन का यह तरीका बेहतर है या नहीं। बोर्ड की ओर से इस तरह की परीक्षा का खाका जून तक बनाए जाने की उम्मीद है। इसके लिए बोर्ड दिल्ली विश्वविद्यालय का परामर्श भी लेगा। दरअसल कोरोना महामारी के दौरान डीयू ने भी ओपन बुक परीक्षा आयोजित की थी और छात्रों को अपनी पाठ्य पुस्तकें व नोट्स को ले जाने की अनुमति दी थी। शुरुआत में डीयू को भी इस तरह से परीक्षा कराए जाने को लेकर नकारात्मक फीडबैक मिला था।
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