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Noida News: पहले दिन से ही 50 मिलियन टन कार्गो का होगा आयात-निर्यात
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वर्ष 2017 से 2024 तक जिले के विभिन्न थानों में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज किए गए 247 मामले, मजबूत पैरवी कर पुलिस ने 35 तस्करों को दिलाई कोर्ट से सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। पिछले सात साल के अंदर जिला पुलिस टीमों ने 401 मादक पदार्थ तस्कर दबोचे हैं। उनके कब्जे से एक हजार किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ बरामद हुए हैं। इनकी कीमत करोड़ों रुपये है। वहीं, जिला पुलिस सभी तस्करों का ब्योरा बारीकी से खंगाल रहा है। ताकि, भविष्य में इन पर नजर रखकर नशा बेचने का अवैध धंधा बढ़ने से रोका जा सके।
दादरी जिले में सिटी, सदर, बाढड़ा, झोझूकलां, बौंदकलां आदि थानों में वर्ष 2017 से 2024 तक मादक पदार्थ अधिनियम के कुल 247 केस दर्ज हुए हैं। इस लिहाज से हर वर्ष मादक पदार्थ अधिनियम के करीब 30 मामले दर्ज हुए हैं। हर वर्ष करीब 35 तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं। इतना ही नहीं, हर साल तस्करों के कब्जे से औसतन 140 किलोग्राम तक मादक पदार्थ बरामद किए गए।
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पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा ने बताया कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में और तेजी लाई जाएगी। नशे के सौदागरों की खोज-खबर लेकर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज के लिए प्रत्येक व्यक्ति को आगे आकर अग्रणी भूमिका निभानी होगी । नशा स्वस्थ समाज के लिए एक अभिशाप है। यह गंभीर चिंता का विषय है। इसलिए समाज को पूरी तरह से नशा मुक्त करने के लिए सभी लोगों को मिलकर एक बड़ा सामाजिक आंदोलन चलाने की आवश्यकता है।
- नशे की लत के बाद युवा कर रहे अपराध
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशे की चपेट में आकर युवा लगातार अपराध की और अग्रसर हो रहे हैं। नशे की पूर्ति के लिए युवा आपराधिक वारदात को अंजाम भी देते हैं। इस तरह के मामले पहले भी सामने आए हैं।
7 सालों में कितनी मात्रा में बरामद हुआ कौन सा मादक पदार्थ
मादक पदार्थ - मात्रा
स्मैक - 252.63 ग्राम
सुल्फा/चरस - 141.954 किलोग्राम
डोडा पोस्त - 702.813 किलोग्राम
गांजा- 147.383 किलोग्राम
अफीम- 8.566 किलोग्राम
हेरोइन- 493.969 ग्राम
- हर साल औसतन 5 तस्करों को हुई सजा
विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जिला पुलिस ने मजबूती से पैरवी करते हुए 35 तस्करों को कोर्ट से सजा दिलाई है। इनमें से कुछ तस्करों को तो 10 साल तक की सजा सुनाई गई है। ओवरऑल सात सालों के आंकड़े देखें तो हर साल औसतन 5 तस्करों को सजा सुनाई गई है।
- रोकथाम के लिए पुलिस प्रयासरत : एसपी
पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा ने कहा कि अपराध और नशे की रोकथाम के लिए जिला पुलिस लगातार प्रयासरत है। युवाओं को नशीले पदार्थों के खतरे से बचाने के लिए मादक पदार्थ तस्करों व इस अवैध धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस का अभियान भविष्य में जारी रहेगा। मादक पदार्थ अवैध बिक्री समेत अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर खुफिया नेटवर्क नजर रख रहा है। इसी तरह, आमजन का सहयोग मिलता रहा तो और बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
फोटो 12
दादरी पुलिस की ओर से काबू किए गए तस्करों से बरामद की गई मादक पदार्थ की खेप। फाइल फोटो
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। पिछले सात साल के अंदर जिला पुलिस टीमों ने 401 मादक पदार्थ तस्कर दबोचे हैं। उनके कब्जे से एक हजार किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ बरामद हुए हैं। इनकी कीमत करोड़ों रुपये है। वहीं, जिला पुलिस सभी तस्करों का ब्योरा बारीकी से खंगाल रहा है। ताकि, भविष्य में इन पर नजर रखकर नशा बेचने का अवैध धंधा बढ़ने से रोका जा सके।
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दादरी जिले में सिटी, सदर, बाढड़ा, झोझूकलां, बौंदकलां आदि थानों में वर्ष 2017 से 2024 तक मादक पदार्थ अधिनियम के कुल 247 केस दर्ज हुए हैं। इस लिहाज से हर वर्ष मादक पदार्थ अधिनियम के करीब 30 मामले दर्ज हुए हैं। हर वर्ष करीब 35 तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं। इतना ही नहीं, हर साल तस्करों के कब्जे से औसतन 140 किलोग्राम तक मादक पदार्थ बरामद किए गए।
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पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा ने बताया कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में और तेजी लाई जाएगी। नशे के सौदागरों की खोज-खबर लेकर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज के लिए प्रत्येक व्यक्ति को आगे आकर अग्रणी भूमिका निभानी होगी । नशा स्वस्थ समाज के लिए एक अभिशाप है। यह गंभीर चिंता का विषय है। इसलिए समाज को पूरी तरह से नशा मुक्त करने के लिए सभी लोगों को मिलकर एक बड़ा सामाजिक आंदोलन चलाने की आवश्यकता है।
- नशे की लत के बाद युवा कर रहे अपराध
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशे की चपेट में आकर युवा लगातार अपराध की और अग्रसर हो रहे हैं। नशे की पूर्ति के लिए युवा आपराधिक वारदात को अंजाम भी देते हैं। इस तरह के मामले पहले भी सामने आए हैं।
7 सालों में कितनी मात्रा में बरामद हुआ कौन सा मादक पदार्थ
मादक पदार्थ - मात्रा
स्मैक - 252.63 ग्राम
सुल्फा/चरस - 141.954 किलोग्राम
डोडा पोस्त - 702.813 किलोग्राम
गांजा- 147.383 किलोग्राम
अफीम- 8.566 किलोग्राम
हेरोइन- 493.969 ग्राम
- हर साल औसतन 5 तस्करों को हुई सजा
विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जिला पुलिस ने मजबूती से पैरवी करते हुए 35 तस्करों को कोर्ट से सजा दिलाई है। इनमें से कुछ तस्करों को तो 10 साल तक की सजा सुनाई गई है। ओवरऑल सात सालों के आंकड़े देखें तो हर साल औसतन 5 तस्करों को सजा सुनाई गई है।
- रोकथाम के लिए पुलिस प्रयासरत : एसपी
पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा ने कहा कि अपराध और नशे की रोकथाम के लिए जिला पुलिस लगातार प्रयासरत है। युवाओं को नशीले पदार्थों के खतरे से बचाने के लिए मादक पदार्थ तस्करों व इस अवैध धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस का अभियान भविष्य में जारी रहेगा। मादक पदार्थ अवैध बिक्री समेत अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर खुफिया नेटवर्क नजर रख रहा है। इसी तरह, आमजन का सहयोग मिलता रहा तो और बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
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दादरी पुलिस की ओर से काबू किए गए तस्करों से बरामद की गई मादक पदार्थ की खेप। फाइल फोटो