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चिल्ला एलिवेटेड रोड में लगे स्टील को हटवाया जाए या फिर हो निर्माण : प्राधिकरण
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कई पिलर में मानक में तय कंपनियों से अलग कंपनी का स्टील लगाने पर नोएडा प्राधिकरण की आपत्ति, सेतु निगम को 7 पत्र भेजे
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मयूर विहार फ्लाईओवर से महामाया फ्लाईओवर तक बन रहे चिल्ला एलिवेटेड रोड के निर्माण में पहले लग चुके स्टील से नोएडा प्राधिकरण संतुष्ट नहीं है। उसका कहना है कि कई पिलर की बुनियाद में सेतु निगम की निर्माण एजेंसी ने परीक्षण के बाद मानकों में तय कंपनियों की जगह दूसरी कंपनियों का स्टील लगाया है।
यह स्टील बड़े निर्माण में राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं से प्रमाणिक नहीं है इसलिए कम मानक के स्टील को हटवाए। फिर जिन पिलर में यह स्टील लगा है उनकी जगह पर दूसरे पिलर बनवाए जाएं। इसको लेकर प्राधिकरण ने सेतु निगम को 7 पत्र भेजे हैं।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इस आपत्ति का सेतु निगम की तरफ से कोई संतोष जनक जवाब नहीं दिया गया है इसलिए पूरे प्रकरण को शासन स्तर पर उठाया जाएगा। औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार को प्रकरण की जानकारी प्राधिकरण की तरफ से दे दी गई है। इसके अलावा अब मौके पर चल रहे काम की निगरानी भी प्राधिकरण करा रहा है।
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इंजीनियरों का कहना है कि प्राधिकरण ने निर्माण कार्यों में तीन स्टील की कंपनियों का चयन कर रखा है। इन कंपनियों में सेल, जिंदल सहित एक अन्य कंपनी है। सेतु निगम ने इन कंपनियों से अलग छोटी और कम प्रचारित कंपनी की स्टील का प्रयोग कर लिया था। इसको लेकर प्राधिकरण का पक्ष है कि यह स्टील स्वीकृत मानकों से निम्न है।
नोएडा प्राधिकरण की इस आपत्ति पर सेतु निगम कुछ भी बोलने से बच रहा है। निगम के जीएम संदीप गुप्ता से जब इसको लेकर बात की गई तो उन्होंने परियोजना प्रभारी इंजीनियर के पास पत्राचार जानकारी होने की बात कही। वहीं परियोजना प्रभारी इंजीनियर शशि भूषण के नंबर पर फोन रिसीव नहीं हुआ।
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24 प्रतिशत हो चुका है काम
शहदरा नाले के साथ यह एलिवेटेड रोड 5.96 किमी का बनवाया जा रहा है। निर्माण लागत 892 करोड़ रुपये अनुमानित है। यह परियोजना प्रदेश सरकार व नोएडा प्राधिकरण की साझेदारी में है। 6 लेन का यह ऐलिवेटेड रोड 296 पिलर पर बनाया जाना प्रस्तावित है। मार्च 2024 में जारी हुए टेंडर में निर्माण एजेंसी का चयन सेतु निगम ने किया था। प्राधिकरण की तरफ से बताया गया कि मौजूदा समय में करीब 24 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। अब लगाया जा रहा स्टील मानकों के अनुरूप है इसलिए काम न रुकने पाए प्राधिकरण इस पक्ष में है।
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निर्माण में तय कंपनियों से अलग कंपनी का स्टील लगाए जाने को लेकर नोएडा प्राधिकरण ने अपनी आपत्ति सेतु निगम से दर्ज करवाई है। इसको लेकर निगम को पत्र भेजे गए हैं।- विजय रावल, डीजीएम, नोएडा प्राधिकरण
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मयूर विहार फ्लाईओवर से महामाया फ्लाईओवर तक बन रहे चिल्ला एलिवेटेड रोड के निर्माण में पहले लग चुके स्टील से नोएडा प्राधिकरण संतुष्ट नहीं है। उसका कहना है कि कई पिलर की बुनियाद में सेतु निगम की निर्माण एजेंसी ने परीक्षण के बाद मानकों में तय कंपनियों की जगह दूसरी कंपनियों का स्टील लगाया है।
यह स्टील बड़े निर्माण में राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं से प्रमाणिक नहीं है इसलिए कम मानक के स्टील को हटवाए। फिर जिन पिलर में यह स्टील लगा है उनकी जगह पर दूसरे पिलर बनवाए जाएं। इसको लेकर प्राधिकरण ने सेतु निगम को 7 पत्र भेजे हैं।
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नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इस आपत्ति का सेतु निगम की तरफ से कोई संतोष जनक जवाब नहीं दिया गया है इसलिए पूरे प्रकरण को शासन स्तर पर उठाया जाएगा। औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार को प्रकरण की जानकारी प्राधिकरण की तरफ से दे दी गई है। इसके अलावा अब मौके पर चल रहे काम की निगरानी भी प्राधिकरण करा रहा है।
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इंजीनियरों का कहना है कि प्राधिकरण ने निर्माण कार्यों में तीन स्टील की कंपनियों का चयन कर रखा है। इन कंपनियों में सेल, जिंदल सहित एक अन्य कंपनी है। सेतु निगम ने इन कंपनियों से अलग छोटी और कम प्रचारित कंपनी की स्टील का प्रयोग कर लिया था। इसको लेकर प्राधिकरण का पक्ष है कि यह स्टील स्वीकृत मानकों से निम्न है।
नोएडा प्राधिकरण की इस आपत्ति पर सेतु निगम कुछ भी बोलने से बच रहा है। निगम के जीएम संदीप गुप्ता से जब इसको लेकर बात की गई तो उन्होंने परियोजना प्रभारी इंजीनियर के पास पत्राचार जानकारी होने की बात कही। वहीं परियोजना प्रभारी इंजीनियर शशि भूषण के नंबर पर फोन रिसीव नहीं हुआ।
24 प्रतिशत हो चुका है काम
शहदरा नाले के साथ यह एलिवेटेड रोड 5.96 किमी का बनवाया जा रहा है। निर्माण लागत 892 करोड़ रुपये अनुमानित है। यह परियोजना प्रदेश सरकार व नोएडा प्राधिकरण की साझेदारी में है। 6 लेन का यह ऐलिवेटेड रोड 296 पिलर पर बनाया जाना प्रस्तावित है। मार्च 2024 में जारी हुए टेंडर में निर्माण एजेंसी का चयन सेतु निगम ने किया था। प्राधिकरण की तरफ से बताया गया कि मौजूदा समय में करीब 24 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। अब लगाया जा रहा स्टील मानकों के अनुरूप है इसलिए काम न रुकने पाए प्राधिकरण इस पक्ष में है।
निर्माण में तय कंपनियों से अलग कंपनी का स्टील लगाए जाने को लेकर नोएडा प्राधिकरण ने अपनी आपत्ति सेतु निगम से दर्ज करवाई है। इसको लेकर निगम को पत्र भेजे गए हैं।- विजय रावल, डीजीएम, नोएडा प्राधिकरण