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Noida News: हार नहीं मानने के जज्बे ने इशिता किशोर को बनाया यूपीएससी टॉपर

Wed, 24 May 2023 01:16 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 24 May 2023 01:16 AM IST
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The spirit of not giving up made Ishita Kishore a UPSC topper.
हार नहीं मानने के जज्बे ने इशिता किशोर को बनाया यूपीएससी टॉपर
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दो बार प्रीलिम्स से आगे नहीं बढ़ पाई थीं, नौकरी छोड़कर सिविल सर्विसेज को चुना
विंग कमांडर पिता से मिला है देशसेवा करने का जज्बा, घर पर लगा बधाइयों का तांता

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दो बार संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा देने के बाद प्रीलिम्स से आगे नहीं बढ़ पाई इशिता सिन्हा ने हार नहीं मानी और निराशा को पीछे छोड़ते हुए 2021-2022 की परीक्षा में देश में टॉप किया। सेक्टर पी-तीन स्थित जलवायु विहार सोसाइटी में मां ज्योति किशोर और बड़े भाई अधिवक्ता ईशान किशोर के साथ रह रही इशिता का कहना है कि मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब के दौरान मिले आत्मविश्वास से लड़ाई जारी रखी और यह मुकाम को हासिल किया। मंगलवार को यूपीएससी परीक्षा में देशभर में टॉप करने की सूचना के बाद उसके घर पर बधाइयों का तांता लग गया।

मूलरूप से पटना निवासी इशिता ने दिल्ली के एयरफोर्स बाल भारती स्कूल से प्राथमिक शिक्षा ली है। इशिता के पिता विंग कमांडर संजय किशोर इंडियन एयरफोर्स में थे। वर्ष 2004 में उनका देहांत हो गया था। इशिता बताती हैं कि वह सिविल सर्विसेज के जरिए देश सेवा में आना चाहती थीं। शुरू से ही वह बेहद मेहनती विद्यार्थी रही हैं। दसवीं में 90 फीसदी से अधिक अंक और 12वीं में 97 फीसदी अंक हासिल किए। इसके बाद दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स से इकोनॉमिक्स विषय से बीए ऑनर्स किया है।
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वर्ष 2017 में स्नातक करने के साथ ही नोएडा की कंपनी अर्नेस्ट एंड यंग में प्रबंधक के रूप में जॉब की। दो साल जॉब करने के बाद इशिता ने यूपीएससी की तैयारी के लिए नौकरी छोड़ दी। वर्ष 2019-20 और 2020-21 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी, लेकिन प्रीलिम्स से आगे नहीं बढ़ पाई। दो बार मेंस परीक्षा में न पहुंच पाने की उनको कसक तो थी लेकिन जॉब के दौरान उनको जो आत्मविश्वास मिला, वह निराशा नहीं लाया।
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इशिता ने हार नहीं मानी और आखिरकार कड़ी मेहनत और लगन से सफलता प्राप्त की। इशिता के टॉप करने की सूचना दोपहर में जैसे ही परिवार को लगी तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रह गया। इस दौरान परिवार ने मिठाई खिलाई। यूपीएससी में टॉप करने की जहां-जहां भी उनके परिवार और रिश्तेदारों का खबर लगी तो मोबाइल पर बधाइयों का तांता लग गया।

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इकोनॉमिक्स के बजाए पॉलिटिकल साइंस एंड इंटरनेशनल रिलेशंस
इशिता ने बीए ऑनर्स इकोनॉमिक्स विषय से किया है। इसके बावजूद उन्होंने यूपीएससी तैयारी के लिए पॉलिटिकल साइंस एंड इंटरनेशनल रिलेशंस विषय को चयनित किया। उन्होंने दक्षिण भारत के एक कोचिंग संस्थान से साक्षात्कार के लिए ऑनलाइन क्लास ली थी लेकिन इस वर्ष उन्होंने खुद से पढ़ाई की।
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सुब्रतो कप में कैप्टन के रूप में दो बार दिल्ली टीम का कर चुकी हैं प्रतिनिधित्व
इशिता शुरू से ही हरफनमौला रही हैं। वह पढ़ाई के साथ-साथ फुटबॉल और वॉलीबॉल सहित अन्य खेलों में भी आगे रही हैं। स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही वह फुटबॉल, वॉलीबॉल में अपने कॉलेज की कैप्टन रहीं। वर्ष 2012 में फुटबॉल के लिए मशहूर सुब्रतो कप में उन्होंने दिल्ली की टीम का प्रतिनिधित्व किया था।


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2018 में ग्रेनो आ गया था परिवार
वर्ष 2018 में वह उनका परिवार दिल्ली से ग्रेनो आ गया। यहां उनकी मां नॉलेज पार्क स्थित भरतराम पब्लिक स्कूल में एडमिन की जॉब कर रही थीं। पिछले वर्ष नवंबर में ही वह सेवानिवृत्त हुई हैं। इशिता के बड़े भाई अधिवक्ता ईशान हर्ष यहीं पर रहकर प्रैक्टिस कर रहे हैं।
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मधुबनी पेंटिंग का भी शौक
इशिता शिक्षा और खेल में टॉप कर ही रही हैं लेकिन वह कला का भी शौक रखती हैं। उन्होंने घर में कई मधुबनी पेंटिंग बनाकर सजाई हुई हैं।
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