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Noida News: दहाड़ रही शेर की आकृति, चिड़ियों की चहचहाहट से बढ़ा आकर्षण
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-फोटो
-कूड़े-कचरे से बने जंगल ट्रेल में सेंसर युक्त आकृतियों के पास खड़े होने पर आ रही आवाज
-120 रुपये का है जंगल ट्रेल का टिकट
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कूड़े-कचरे से बना जंगल ट्रेल अपने आप में अद्भुत है। पार्क में लगे 650 पशुओं की आकृतियों के पास खड़े होने पर उनकी असल आवाज लोगों को लुभा रही है। पार्क में पशुओं की आकृतियां भले ही नकली हैं लेकिन उनकी आवाज ऐसा एहसास करा रही है कि असली पशु आसपास विचरण कर रहे हों। पार्क का किराया भी 120 रुपये निर्धारित किया गया है, शुभारंभ के साथ ही लगातार पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
महामाया फ्लाईओवर के पास स्थित सेक्टर-94 में बना जंगल ट्रेल का बीते मंगलवार को शुभारंभ हुआ है। जहां अलग-अलग महाद्वीपों में पाए जाने वाले दुर्लभ पशु-पशुओं की आकृतियां शहरवासियों को काफी पसंद आ रही हैं। शहर में प्रकृति का अनुभव कराने वाला जंगल ट्रेल इन दिनों लोगों के आकर्षण का बड़ा केंद्र बन गया है। यहां अपशिष्ट पदार्थ से तैयार की गई वन्य जीवों की आकृतियां न केवल देखने में आकर्षक हैं, बल्कि सेंसर के सक्रिय होते ही वास्तविक पशु-ध्वनियां भी उत्पन्न करती हैं। शेर की दहाड़ से लेकर जंगल के पक्षियों की चहचहाहट तक हर आवाज ट्रेल में असली जंगल जैसा माहौल तैयार करती है।
ट्रेल में कुल 650 आकृतियां लगी हैं। जिन्हें विशेष टीम ने अपशिष्ट सामग्री का उपयोग कर तैयार किया है। पार्क में पहुंच रहे शहरवासी जैसे ही किसी आकृति के पास ठहरते हैं, संबंधित पशु की वास्तविक ध्वनि तुरंत सुनाई देने लगती है। बच्चों, युवाओं और परिवारों में इस ट्रेल को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है और रोजाना विजिटर्स की संख्या में इजाफा दर्ज किया जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने बताया जंगल ट्रेल शहरवासियों के लिए बेहद खास है।
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पर्यटकों को लुभा रही जंगल ट्रेल
पर्यावरण संरक्षण और रचनात्मक उपयोग का संदेश देने वाले जंगल ट्रेल में प्रवेश शुल्क 120 रुपये निर्धारित किया गया है। पार्क में पहुंचने वाले बच्चों को उन दुर्लभ प्रजाति के पशुओं की जानकारी भी मिल रही है जो विलुप्त हो चुके हैं। यहां घूमना बच्चों के लिए अलग अनुभव दे रहा है। ट्रेल में दिनभर पशु-ध्वनियों की गूंज, वृक्षों के बीच खुले में घूमने का अनुभव शहरवासियों को जंगल जैसा ही अहसास दे रहा है।
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-कूड़े-कचरे से बने जंगल ट्रेल में सेंसर युक्त आकृतियों के पास खड़े होने पर आ रही आवाज
-120 रुपये का है जंगल ट्रेल का टिकट
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कूड़े-कचरे से बना जंगल ट्रेल अपने आप में अद्भुत है। पार्क में लगे 650 पशुओं की आकृतियों के पास खड़े होने पर उनकी असल आवाज लोगों को लुभा रही है। पार्क में पशुओं की आकृतियां भले ही नकली हैं लेकिन उनकी आवाज ऐसा एहसास करा रही है कि असली पशु आसपास विचरण कर रहे हों। पार्क का किराया भी 120 रुपये निर्धारित किया गया है, शुभारंभ के साथ ही लगातार पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
महामाया फ्लाईओवर के पास स्थित सेक्टर-94 में बना जंगल ट्रेल का बीते मंगलवार को शुभारंभ हुआ है। जहां अलग-अलग महाद्वीपों में पाए जाने वाले दुर्लभ पशु-पशुओं की आकृतियां शहरवासियों को काफी पसंद आ रही हैं। शहर में प्रकृति का अनुभव कराने वाला जंगल ट्रेल इन दिनों लोगों के आकर्षण का बड़ा केंद्र बन गया है। यहां अपशिष्ट पदार्थ से तैयार की गई वन्य जीवों की आकृतियां न केवल देखने में आकर्षक हैं, बल्कि सेंसर के सक्रिय होते ही वास्तविक पशु-ध्वनियां भी उत्पन्न करती हैं। शेर की दहाड़ से लेकर जंगल के पक्षियों की चहचहाहट तक हर आवाज ट्रेल में असली जंगल जैसा माहौल तैयार करती है।
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ट्रेल में कुल 650 आकृतियां लगी हैं। जिन्हें विशेष टीम ने अपशिष्ट सामग्री का उपयोग कर तैयार किया है। पार्क में पहुंच रहे शहरवासी जैसे ही किसी आकृति के पास ठहरते हैं, संबंधित पशु की वास्तविक ध्वनि तुरंत सुनाई देने लगती है। बच्चों, युवाओं और परिवारों में इस ट्रेल को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है और रोजाना विजिटर्स की संख्या में इजाफा दर्ज किया जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने बताया जंगल ट्रेल शहरवासियों के लिए बेहद खास है।
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पर्यटकों को लुभा रही जंगल ट्रेल
पर्यावरण संरक्षण और रचनात्मक उपयोग का संदेश देने वाले जंगल ट्रेल में प्रवेश शुल्क 120 रुपये निर्धारित किया गया है। पार्क में पहुंचने वाले बच्चों को उन दुर्लभ प्रजाति के पशुओं की जानकारी भी मिल रही है जो विलुप्त हो चुके हैं। यहां घूमना बच्चों के लिए अलग अनुभव दे रहा है। ट्रेल में दिनभर पशु-ध्वनियों की गूंज, वृक्षों के बीच खुले में घूमने का अनुभव शहरवासियों को जंगल जैसा ही अहसास दे रहा है।