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Noida News: कॉलेज की आंतरिक जांच समिति पर टिकी पुलिस की निगाह
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कॉलेज की आंतरिक जांच समिति पर टिकी पुलिस की निगाह
बीटेक छात्रा के आत्महत्या का मामला, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी पूछताछ
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बीटेक छात्रा के आत्महत्या के मामले की जांच कर रही बीटा-2 कोतवाली पुलिस की निगाह केसीसी कॉलेज की आंतरिक जांच रिपोर्ट पर टिकी है। पुलिस का कहना है कि कॉलेज की आंतरिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कॉलेज प्रबंधन और घटना से जुड़े प्रोफेसरों से पूछताछ की जाएगी।
कॉलेज ने शनिवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि केसीसी इंस्ट्टीयूट ऑफ टेक्नोलॉजी को डॉ एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा केंद्र पर जीएनआईओटी कॉलेज ग्रेटर नोएडा के छात्रों की परीक्षा संपन्न कराई गई। 9 जुलाई को जीएनआईओटी कॉलेज की छात्रा खुशबू कुमारी को विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित नकल अधिनियम के तहत यूएफएम किया गया। जो चिट खुशबू कुमारी से बरामद हुई, यह केमिस्ट्री विषय की थी। इसके बाद नई उत्तरपुस्तिका जारी की गई और अग्रिम एवं उचित कार्रवाई के लिए विश्वविद्यालय को जानकारी दी गई। उक्त तिथि पर विश्वविद्यालय द्वारा नामित प्रेक्षक प्रो विपुल कुमार शर्मा एवं प्रो अभिषेक शिवहरे एवं जीएनआईओटी कॉलेज के सचिन चतुर्वेदी छात्रों के समन्यवयक की निगरानी में उपरोक्त यूएफएम की कार्रवाई की गई। विश्वविद्यालय स्तर पर यूएफएम के लिए एक समिति गठित की जाती है, जो छात्रों को अपना पक्ष रखने का एक मौका प्रदान करती है। जीएनआईओटी कॉलेज के डॉ भूवन शर्मा, डॉ अनूप कुमार, डॉ एचपी सिंह और सुनीत कुमार ने परीक्षा केंद्र पर कक्ष निरीक्षक के रूप में समस्त परीक्षाओं में ड्यूटी की थी। साथ ही जीएनआईओटी कॉलेज के सचिन चतुर्वेदी छात्रों के साथ समन्यवयक का कार्य परीक्षा केंद्र पर कर रहे थे। अगर छात्रा को कोई शिकायत करनी होती तो समन्यवयक सचिन चतुर्वेदी एवं परीक्षा केंद्र पर मौजूद अपने कॉलेज के उपरोक्त प्रोफेसरों से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती थी।
छात्रा ने घटना के बाद भी दी परीक्षा
कॉलेज का कहना है कि छात्रा ने 11 जुलाई, 14 जुलाई एवं 16 जुलाई को भी अपनी परीक्षा दी। छात्रा की कोई शिकायत इस प्रकरण के संबंध में संस्थान को प्राप्त नहीं हुई है। संस्थान स्तर पर प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय समिति का गठन इस उद्देश्य से किया है कि उक्त प्रकरण कोई गलत यूएफएम खुशबू कुमारी के साथ नहीं हुआ है। उच्चस्तरीय समिति की अनुशंसा रिपोर्ट के अनुरूप संस्थान उचित व आवश्यक निर्णय लेगा। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि कॉलेज ने 10 अगस्त तक रिपोर्ट देने की बात कही है। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस घटना से जुड़े प्रोफसरों से पूछताछ करेगी।
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बीटेक छात्रा के आत्महत्या का मामला, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी पूछताछ
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बीटेक छात्रा के आत्महत्या के मामले की जांच कर रही बीटा-2 कोतवाली पुलिस की निगाह केसीसी कॉलेज की आंतरिक जांच रिपोर्ट पर टिकी है। पुलिस का कहना है कि कॉलेज की आंतरिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कॉलेज प्रबंधन और घटना से जुड़े प्रोफेसरों से पूछताछ की जाएगी।
कॉलेज ने शनिवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि केसीसी इंस्ट्टीयूट ऑफ टेक्नोलॉजी को डॉ एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा केंद्र पर जीएनआईओटी कॉलेज ग्रेटर नोएडा के छात्रों की परीक्षा संपन्न कराई गई। 9 जुलाई को जीएनआईओटी कॉलेज की छात्रा खुशबू कुमारी को विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित नकल अधिनियम के तहत यूएफएम किया गया। जो चिट खुशबू कुमारी से बरामद हुई, यह केमिस्ट्री विषय की थी। इसके बाद नई उत्तरपुस्तिका जारी की गई और अग्रिम एवं उचित कार्रवाई के लिए विश्वविद्यालय को जानकारी दी गई। उक्त तिथि पर विश्वविद्यालय द्वारा नामित प्रेक्षक प्रो विपुल कुमार शर्मा एवं प्रो अभिषेक शिवहरे एवं जीएनआईओटी कॉलेज के सचिन चतुर्वेदी छात्रों के समन्यवयक की निगरानी में उपरोक्त यूएफएम की कार्रवाई की गई। विश्वविद्यालय स्तर पर यूएफएम के लिए एक समिति गठित की जाती है, जो छात्रों को अपना पक्ष रखने का एक मौका प्रदान करती है। जीएनआईओटी कॉलेज के डॉ भूवन शर्मा, डॉ अनूप कुमार, डॉ एचपी सिंह और सुनीत कुमार ने परीक्षा केंद्र पर कक्ष निरीक्षक के रूप में समस्त परीक्षाओं में ड्यूटी की थी। साथ ही जीएनआईओटी कॉलेज के सचिन चतुर्वेदी छात्रों के साथ समन्यवयक का कार्य परीक्षा केंद्र पर कर रहे थे। अगर छात्रा को कोई शिकायत करनी होती तो समन्यवयक सचिन चतुर्वेदी एवं परीक्षा केंद्र पर मौजूद अपने कॉलेज के उपरोक्त प्रोफेसरों से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती थी।
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छात्रा ने घटना के बाद भी दी परीक्षा
कॉलेज का कहना है कि छात्रा ने 11 जुलाई, 14 जुलाई एवं 16 जुलाई को भी अपनी परीक्षा दी। छात्रा की कोई शिकायत इस प्रकरण के संबंध में संस्थान को प्राप्त नहीं हुई है। संस्थान स्तर पर प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय समिति का गठन इस उद्देश्य से किया है कि उक्त प्रकरण कोई गलत यूएफएम खुशबू कुमारी के साथ नहीं हुआ है। उच्चस्तरीय समिति की अनुशंसा रिपोर्ट के अनुरूप संस्थान उचित व आवश्यक निर्णय लेगा। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि कॉलेज ने 10 अगस्त तक रिपोर्ट देने की बात कही है। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस घटना से जुड़े प्रोफसरों से पूछताछ करेगी।
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