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Noida News: ई-रिक्शा की संख्या अब यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती
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चालक सड़कों पर कभी भी कहीं भी रोक देते हैं वाहन, बन रहे जाम और हादसों की वजह
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर में लगातार बढ़ रही ई-रिक्शा की संख्या अब यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। जनपद में 25 हजार से अधिक ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इनके संचालन को लेकर अब तक न कोई ठोस नियम बनाए गए हैं, न ही इनके लिए तय रूट है और ठहराव स्थल भी निर्धारित नहीं किए गए हैं। इस कारण शहर की प्रमुख सड़कों, चौराहों और बाजारों में रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले साल ई-रिक्शा की संख्या 26,789 रही। यह हर माह करीब 250-350 तक बढ़ रही है। इनके मुकाबले जनपद में करीब 18500 सीएनजी ऑटो और 17000 ई-ऑटो संचालित किए जा रहे हैं। तीनों ही तरह के तीन पहिया वाहनों में सबसे ज्यादा संख्या ई-रिक्शा की ही है। इनकी संख्या में लगातार बढ़ोतरी का कारण कम रेट, हल्के व एनसीआर जैसे क्षेत्र में बैटरी से संचालित किए जाने और रोक टोक कम होना शामिल है। ऐसे में अपनी रोजी रोटी का जरिया ढूंढने वाले लोगों की पहली पसंद सीएनजी ऑटो के बजाय ई-रिक्शा रहा। इस वजह से यह तेजी से रोजगार का जरिया तो बनें, लेकिन इनको लेकर समय रहते कोई ठोस नियम न बनने के कारण यह आज भी पूरी तरह से अव्यवस्थित हैं।
कहीं भी रोककर बैठाते हैं सवारी : शहरभर के कई इलाकों में सुबह-शाम ई-रिक्शा की वजह से लगता है। सेक्टर-12-22 निवासी रमेश यादव ने बताया कि सुबह और शाम के व्यस्त समय में ई-रिक्शा चालक मनमाने ढंग से कहीं भी सवारी बैठा लेते हैं और उतार देते हैं। सेक्टर 55 निवासी सोनाली ने कहा कि कई बार यह मुख्य मार्गों पर ही खड़े हो जाते हैं, जिससे पीछे चल रहे वाहनों को मजबूरी में रुकना पड़ता है। इससे लंबा जाम लग जाता है। स्कूलों की छुट्टी के समय और दफ्तरों की छुट्टी के बाद हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं।
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ये हैं ई-रिक्शा की अव्यवस्था के प्रमुख रास्ते, बीच रोड करते हैं अराजकता
सेक्टर 51-52 मेट्रो स्टेशन के सभी तरफ
सेक्टर 16 से 18 तक बीच रोड पर खड़े होते ई-रिक्शा
सेक्टर 12-22 से सेक्टर 16 की ओर जाने वाले रास्ते में
सेक्टर 5 हरौला से औद्योगिक मार्ग तक
सेक्टर 62 से सेक्टर 59 तक
अब समझें ऑटो ई-रिक्शा की स्थिति
ऑटो की संख्या : 18528
ई-रिक्शा की संख्या : 28465
ई-ऑटो की संख्या : 17000
यातायात को अवरुद्ध करने पर लगातार ई-रिक्शा चालकों के चालान किए जाते हैं, उन्हें नियमित रूप से जागरूक किया जा रहा है और सड़क को घेरकर वाहन खड़ा न करने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ प्रवीण रंजन सिंह, डीसीपी ट्रैफिक, गौतमुुद्ध नगर
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर में लगातार बढ़ रही ई-रिक्शा की संख्या अब यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। जनपद में 25 हजार से अधिक ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इनके संचालन को लेकर अब तक न कोई ठोस नियम बनाए गए हैं, न ही इनके लिए तय रूट है और ठहराव स्थल भी निर्धारित नहीं किए गए हैं। इस कारण शहर की प्रमुख सड़कों, चौराहों और बाजारों में रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले साल ई-रिक्शा की संख्या 26,789 रही। यह हर माह करीब 250-350 तक बढ़ रही है। इनके मुकाबले जनपद में करीब 18500 सीएनजी ऑटो और 17000 ई-ऑटो संचालित किए जा रहे हैं। तीनों ही तरह के तीन पहिया वाहनों में सबसे ज्यादा संख्या ई-रिक्शा की ही है। इनकी संख्या में लगातार बढ़ोतरी का कारण कम रेट, हल्के व एनसीआर जैसे क्षेत्र में बैटरी से संचालित किए जाने और रोक टोक कम होना शामिल है। ऐसे में अपनी रोजी रोटी का जरिया ढूंढने वाले लोगों की पहली पसंद सीएनजी ऑटो के बजाय ई-रिक्शा रहा। इस वजह से यह तेजी से रोजगार का जरिया तो बनें, लेकिन इनको लेकर समय रहते कोई ठोस नियम न बनने के कारण यह आज भी पूरी तरह से अव्यवस्थित हैं।
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कहीं भी रोककर बैठाते हैं सवारी : शहरभर के कई इलाकों में सुबह-शाम ई-रिक्शा की वजह से लगता है। सेक्टर-12-22 निवासी रमेश यादव ने बताया कि सुबह और शाम के व्यस्त समय में ई-रिक्शा चालक मनमाने ढंग से कहीं भी सवारी बैठा लेते हैं और उतार देते हैं। सेक्टर 55 निवासी सोनाली ने कहा कि कई बार यह मुख्य मार्गों पर ही खड़े हो जाते हैं, जिससे पीछे चल रहे वाहनों को मजबूरी में रुकना पड़ता है। इससे लंबा जाम लग जाता है। स्कूलों की छुट्टी के समय और दफ्तरों की छुट्टी के बाद हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं।
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ये हैं ई-रिक्शा की अव्यवस्था के प्रमुख रास्ते, बीच रोड करते हैं अराजकता
सेक्टर 51-52 मेट्रो स्टेशन के सभी तरफ
सेक्टर 16 से 18 तक बीच रोड पर खड़े होते ई-रिक्शा
सेक्टर 12-22 से सेक्टर 16 की ओर जाने वाले रास्ते में
सेक्टर 5 हरौला से औद्योगिक मार्ग तक
सेक्टर 62 से सेक्टर 59 तक
अब समझें ऑटो ई-रिक्शा की स्थिति
ऑटो की संख्या : 18528
ई-रिक्शा की संख्या : 28465
ई-ऑटो की संख्या : 17000
यातायात को अवरुद्ध करने पर लगातार ई-रिक्शा चालकों के चालान किए जाते हैं, उन्हें नियमित रूप से जागरूक किया जा रहा है और सड़क को घेरकर वाहन खड़ा न करने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ प्रवीण रंजन सिंह, डीसीपी ट्रैफिक, गौतमुुद्ध नगर