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तीन घंटे चली बैठक रही बेनतीजा, हड़ताल रहेगी जारी
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नोएडा/ग्रेनो। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को तीन घंटे तक चली जिलाधिकारी और अधिवक्ता एवं दस्तावेज लेखक संघ की बैठक बेनतीजा रही। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं को बताया कि शासन ने डूब क्षेत्र में रजिस्ट्री करने का आदेश निरस्त कर दिया है, लेकिन अधिवक्ता आदेश की प्रतिलिपि उपलब्ध कराने पर अड़े रहे। बैठक के बाद अधिक्ताओं ने आदेश की प्रतिलिपि आने तक हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया है। आदेश मिलने पर आगे की रणनीति तैयार करेंगे। वहीं, हड़ताल के कारण करीब 40 करोड़ के राजस्व के नुकसान का अनुमान है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम सिंह बैसोया ने बताया कि डूब क्षेत्र की रजिस्ट्री पिछले दिनों ही शासन के आदेश पर शुरू की गई थीं। कुछ ही दिन बाद डीएम सुहास एलवाई ने इन रजिस्ट्री को रुकवाने का आदेश दे दिया। ऐसे में अचानक ही बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी हुई। लोगों के करोड़ों रुपये के स्टांप भी खराब हो रहे हैं। डीएम अगर रजिस्ट्री पर रोक लगाना ही चाहते हैं तो इसके लिए उन्हें लिखित रूप से आदेश करना चाहिए। मौखिक में इस प्रकार के आदेश मायने नहीं रखते। मंगलवार को डीएम के साथ वकीलों की एक बैठक भी हुई थी, लेकिन किसी प्रकार की सहमति नहीं बन सकी। दरअसल प्रशासन अपनी जिद पर अड़ा हुआ है और डूब क्षेत्र की रजिस्ट्री शुरू नहीं कराना चाहता। जब तक रजिस्ट्री शुरू नहीं होती या डीएम लिखित में आदेश नहीं करते हैं, रजिस्ट्री कार्य ठप रखा जाएगा।
शासन ने डूब क्षेत्र में रजिस्ट्री शुरू करने के आदेश को निरस्त कर दिया है। वहां पर रोक रहेगी। इस संबंध में अधिवक्ताओं को जानकारी दी गई है। इसका आदेश जल्द आ जाएगा। उसकी प्रतिलिपि भी उन्हें दे दी जाएगी।
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- वंदिता श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)
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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम सिंह बैसोया ने बताया कि डूब क्षेत्र की रजिस्ट्री पिछले दिनों ही शासन के आदेश पर शुरू की गई थीं। कुछ ही दिन बाद डीएम सुहास एलवाई ने इन रजिस्ट्री को रुकवाने का आदेश दे दिया। ऐसे में अचानक ही बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी हुई। लोगों के करोड़ों रुपये के स्टांप भी खराब हो रहे हैं। डीएम अगर रजिस्ट्री पर रोक लगाना ही चाहते हैं तो इसके लिए उन्हें लिखित रूप से आदेश करना चाहिए। मौखिक में इस प्रकार के आदेश मायने नहीं रखते। मंगलवार को डीएम के साथ वकीलों की एक बैठक भी हुई थी, लेकिन किसी प्रकार की सहमति नहीं बन सकी। दरअसल प्रशासन अपनी जिद पर अड़ा हुआ है और डूब क्षेत्र की रजिस्ट्री शुरू नहीं कराना चाहता। जब तक रजिस्ट्री शुरू नहीं होती या डीएम लिखित में आदेश नहीं करते हैं, रजिस्ट्री कार्य ठप रखा जाएगा।
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शासन ने डूब क्षेत्र में रजिस्ट्री शुरू करने के आदेश को निरस्त कर दिया है। वहां पर रोक रहेगी। इस संबंध में अधिवक्ताओं को जानकारी दी गई है। इसका आदेश जल्द आ जाएगा। उसकी प्रतिलिपि भी उन्हें दे दी जाएगी।
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- वंदिता श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)