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900 फ्लैट खरीदारों के आशियाने की आस जल्द होगी पूरी
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ग्रेटर नोएडा। कैपिटल एथेना के 900 फ्लैट खरीदारों के आशियाने की आस जल्द पूरी होगी। भारत सरकार की तरफ से बने स्पेशल विंडो फॉर अफोर्डेबल एंड मिड इनकम हाउसिंग (स्वामी फंड) से ग्रेनो वेस्ट स्थित कैपिटल एथेना प्रोजेक्ट को स्ट्रेस फंड की 165 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त भी जारी हो गई है। पहली किस्त मई में मिली थी। स्वामी फंड से वित्तीय सहायता पाने वाला एथेना ग्रेटर नोएडा का पहला प्रोजेक्ट है। बिल्डर ने इस रकम से ग्रेनो प्राधिकरण की बकाया प्रीमियम धनराशि की दूसरी किस्त करीब 17 करोड़ रुपये भी दे दी है।
दरअसल, वर्ष 2019 में केंद्रीय वित्त मंत्री ने 20 हजार करोड़ रुपये के स्वामी फंड का एलान किया था। अधूरे रिहायशी प्रोजेक्टों को वित्तीय सहायता देकर पूरा कराने की जिम्मेदारी एसबीआई कैपिटल को दी गई थी। ग्रेनो वेस्ट में अटके प्रोजेक्टों को स्ट्रेस फंड से पूरा करने के लिए प्राधिकरण ने भी बिल्डरों को सहयोग किया। इस फंड से मदद पाने के लिए कई बिल्डरों ने आवेदन किए। स्ट्रेस फंड से पंचशील ग्रींस टू को भी 249 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। पंचशील को पहली किस्त अक्तूबर में जारी हो चुकी है, जिससे प्रोजेक्ट का निर्माण चल रहा है और प्राधिकरण को प्रीमियम धनराशि की बकाया किस्त करीब 34 करोड़ रुपये भी मिल गई है। पंचशील ग्रींस टू के बनने से 1300 फ्लैट खरीदारों को घर मिलेगा। साथ ही, प्राधिकरण की बकाया धनराशि भी मिल जाएगी। इसके अलावा सिक्का ग्रुप को भी स्ट्रेस फंड से स्वीकृति मिल चुकी है।
प्राधिकरण के ओएसडी संतोष कुमार ने बताया कि कैपिटल एथेना से दूसरी किस्त भी प्राप्त हो गई है। प्रोजेक्ट का निर्माण भी तेजी से हो रहा है। खरीदारों को घर शीघ्र मिलेगा। साथ ही, प्राधिकरण की बकाया प्रीमियम धनराशि भी प्राप्त हो रही है, जिसे प्राधिकरण विकास परियोजनाओं पर खर्च कर सकेगा।
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निर्माण की संभावना वाले प्रोजेक्टों को ही मिलता है फंड
प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने एथेना प्रोजेक्ट के लिए दूसरी किस्त जारी होने पर खुशी जताते हुए कहा कि एसबीआई कैप से उन परियोजनाओं को ही स्ट्रेस फंड जारी होता है, जो बन पाने की स्थिति में होते हैं। एसबीआई कैप पूरी छानबीन करने के बाद ही फंड जारी करता है। स्ट्रेस फंड पाने के लिए और भी बिल्डरों को आगे आना चाहिए। वे इसकी मदद से प्रोजेक्ट को पूरा करने और प्राधिकरण की बकाया रकम चुकाने की पहल करें।
दो और प्रोजेक्ट कतार में
स्ट्रेस फंड से वित्तीय सहायता पाने के लिए दो और बिल्डरों ने आवेदन किए हैं। इनमें सुपर सिटी और जतस्या शामिल हैं। इनको स्ट्रेस फंड दिलाने के लिए कागजी प्रक्रिया चल रही है। इन परियोजनाओं में करीब 2500 फ्लैट हैं, जिनके स्ट्रेस फंड से पूरे होने की उम्मीद है।
रेरा में पंजीकरण अनिवार्य
फंड के लिए प्रोजेक्ट का रेरा में पंजीकरण होना अनिवार्य है। आवेदन मिलने पर एसबीआई कैपिटल की टीम साइट पर जाकर देखेगी कि प्रोजेक्ट कितना सही है। अगर प्रोजेक्ट घाटे का नहीं है तभी उसके लिए फंड जारी होता है। मसलन प्रोजेक्ट को पूरा करने में अगर 50 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं तो बनने के बाद उससे अधिक लाभ मिल पाएगा या नहीं, इसके लिए प्राधिकरण से मोर्टगेज परमिशन लेनी पड़ती है। जारी होने वाले फंड में से प्राधिकरण को जमीन की बकाया रकम भी देनी होती है।
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दरअसल, वर्ष 2019 में केंद्रीय वित्त मंत्री ने 20 हजार करोड़ रुपये के स्वामी फंड का एलान किया था। अधूरे रिहायशी प्रोजेक्टों को वित्तीय सहायता देकर पूरा कराने की जिम्मेदारी एसबीआई कैपिटल को दी गई थी। ग्रेनो वेस्ट में अटके प्रोजेक्टों को स्ट्रेस फंड से पूरा करने के लिए प्राधिकरण ने भी बिल्डरों को सहयोग किया। इस फंड से मदद पाने के लिए कई बिल्डरों ने आवेदन किए। स्ट्रेस फंड से पंचशील ग्रींस टू को भी 249 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। पंचशील को पहली किस्त अक्तूबर में जारी हो चुकी है, जिससे प्रोजेक्ट का निर्माण चल रहा है और प्राधिकरण को प्रीमियम धनराशि की बकाया किस्त करीब 34 करोड़ रुपये भी मिल गई है। पंचशील ग्रींस टू के बनने से 1300 फ्लैट खरीदारों को घर मिलेगा। साथ ही, प्राधिकरण की बकाया धनराशि भी मिल जाएगी। इसके अलावा सिक्का ग्रुप को भी स्ट्रेस फंड से स्वीकृति मिल चुकी है।
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प्राधिकरण के ओएसडी संतोष कुमार ने बताया कि कैपिटल एथेना से दूसरी किस्त भी प्राप्त हो गई है। प्रोजेक्ट का निर्माण भी तेजी से हो रहा है। खरीदारों को घर शीघ्र मिलेगा। साथ ही, प्राधिकरण की बकाया प्रीमियम धनराशि भी प्राप्त हो रही है, जिसे प्राधिकरण विकास परियोजनाओं पर खर्च कर सकेगा।
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निर्माण की संभावना वाले प्रोजेक्टों को ही मिलता है फंड
प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने एथेना प्रोजेक्ट के लिए दूसरी किस्त जारी होने पर खुशी जताते हुए कहा कि एसबीआई कैप से उन परियोजनाओं को ही स्ट्रेस फंड जारी होता है, जो बन पाने की स्थिति में होते हैं। एसबीआई कैप पूरी छानबीन करने के बाद ही फंड जारी करता है। स्ट्रेस फंड पाने के लिए और भी बिल्डरों को आगे आना चाहिए। वे इसकी मदद से प्रोजेक्ट को पूरा करने और प्राधिकरण की बकाया रकम चुकाने की पहल करें।
दो और प्रोजेक्ट कतार में
स्ट्रेस फंड से वित्तीय सहायता पाने के लिए दो और बिल्डरों ने आवेदन किए हैं। इनमें सुपर सिटी और जतस्या शामिल हैं। इनको स्ट्रेस फंड दिलाने के लिए कागजी प्रक्रिया चल रही है। इन परियोजनाओं में करीब 2500 फ्लैट हैं, जिनके स्ट्रेस फंड से पूरे होने की उम्मीद है।
रेरा में पंजीकरण अनिवार्य
फंड के लिए प्रोजेक्ट का रेरा में पंजीकरण होना अनिवार्य है। आवेदन मिलने पर एसबीआई कैपिटल की टीम साइट पर जाकर देखेगी कि प्रोजेक्ट कितना सही है। अगर प्रोजेक्ट घाटे का नहीं है तभी उसके लिए फंड जारी होता है। मसलन प्रोजेक्ट को पूरा करने में अगर 50 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं तो बनने के बाद उससे अधिक लाभ मिल पाएगा या नहीं, इसके लिए प्राधिकरण से मोर्टगेज परमिशन लेनी पड़ती है। जारी होने वाले फंड में से प्राधिकरण को जमीन की बकाया रकम भी देनी होती है।