{"_id":"647f87eaf1db22fa40009ba4","slug":"the-hobby-of-foreign-cars-is-speaking-headlong-in-the-district-noida-news-c-1-gnd1002-603012-2023-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: जिले में सिर चढ़कर बोल रहा विदेशी कारों का शौक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: जिले में सिर चढ़कर बोल रहा विदेशी कारों का शौक
विज्ञापन
जिले में सिर चढ़कर बोल रहा विदेशी कारों का शौक
- विदेश से वाहन नोएडा लाकर पंजीकृत कराने वालों की संख्या में इजाफा
- जनवरी से मई के बीच 81 वाहनों का हुआ पंजीकरण, 2022 में यह संख्या थी महज 34
हर्ष मिश्रा
नोएडा। जिले में विदेशी कारों का शौक सिर चढ़कर बोल रहा है। इस वर्ष पंजीकृत हुए विदेशी वाहनों ने पिछले कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। जनवरी से मई के बीच 81 वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। वहीं 2022 में यह संख्या महज 34 थी। बाकी वर्षों से तुलना की जाए तो भी इस संख्या तक नहीं पहुंचा जा सकता है। अधिकारियों का मानना है कि यह आंकड़ा वर्ष के अंत तक 150 तक पहुंच सकता है। लोगों की पसंद में 12 से 14 करोड़ रुपये तक महंगी कारें भी शामिल हैं।
बीते शुक्रवार को ही परिवहन कार्यालय में जापान से आई तीन गाड़ियों का पंजीकरण कराया गया है। इसके अलावा कनाडा और रशिया से आए वाहन भी इस वर्ष विभाग में पंजीकृत कराए गए हैं। जिले में नौ लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। यह संख्या तेजी से बढ़ जा रही है। एआरटीओ सियाराम वर्मा बताते हैं कि विदेश से आए वाहनों पर उसकी कीमत के हिसाब से टैक्स लगाया जाता है। ऐसे में महंगी कारों पर महंगा टैक्स लगता है। इन कारों के पंजीकरण से विभाग के राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे वाहनों के पंजीकरण के लिए विभाग ने अलग से काउंटर बनाया है। ऐसे वाहन जिनकी कीमत एक करोड़ रुपये से ऊपर है, उन वाहनों की बढ़ोतरी में चार गुना की वृद्धि देखी गई है। सियाराम वर्मा ने बताया कि ऐसे वाहनों को खरीदने के शौकीन ज्यादा किलोमीटर तक इन वाहनों को नहीं चलाते हैं। 10 या 15 साल पूरे होने के बाद वह इन वाहनों को एनसीआर के बाहर ले जाते हैं या फिर बहुत कम कीमत में बेच देते हैं। ऐसे कई मामले भी हाल फिलहाल में देखने को मिले हैं।
हर साल यूं बढ़ा ट्रेंड
वर्ष इतनी विदेशी कारों का पंजीकरण
2018 50
2019 62
2020 12
2021 14
2022 34
2023 मई तक 81
-- -- -- -- -- -- -- -- -
कोरोना काल में आए 26 वाहन
जिस वक्त दुनिया में लोग कोरोना महामारी से जूझ रहे थे, उन दो वर्षों में परिवहन विभाग में 26 विदेशी वाहन पंजीकृत हुए हैं। उनमें काफी महंगे वाहन भी शामिल हैं। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है जिले में विदेशी कारों के शौकीनों की कमी नहीं है।
विज्ञापन
यह कारें शामिल
लेंबरगिनी यूरस एस
मर्सडीज बेंज एएमजी जीटी-63 एस ई परफॉर्मेंस
जी वेगन
रॉल्स रॉयस
वोल्वो
पोर्शे
मिनी कूपर
विज्ञापन
- विदेश से वाहन नोएडा लाकर पंजीकृत कराने वालों की संख्या में इजाफा
- जनवरी से मई के बीच 81 वाहनों का हुआ पंजीकरण, 2022 में यह संख्या थी महज 34
हर्ष मिश्रा
नोएडा। जिले में विदेशी कारों का शौक सिर चढ़कर बोल रहा है। इस वर्ष पंजीकृत हुए विदेशी वाहनों ने पिछले कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। जनवरी से मई के बीच 81 वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। वहीं 2022 में यह संख्या महज 34 थी। बाकी वर्षों से तुलना की जाए तो भी इस संख्या तक नहीं पहुंचा जा सकता है। अधिकारियों का मानना है कि यह आंकड़ा वर्ष के अंत तक 150 तक पहुंच सकता है। लोगों की पसंद में 12 से 14 करोड़ रुपये तक महंगी कारें भी शामिल हैं।
बीते शुक्रवार को ही परिवहन कार्यालय में जापान से आई तीन गाड़ियों का पंजीकरण कराया गया है। इसके अलावा कनाडा और रशिया से आए वाहन भी इस वर्ष विभाग में पंजीकृत कराए गए हैं। जिले में नौ लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। यह संख्या तेजी से बढ़ जा रही है। एआरटीओ सियाराम वर्मा बताते हैं कि विदेश से आए वाहनों पर उसकी कीमत के हिसाब से टैक्स लगाया जाता है। ऐसे में महंगी कारों पर महंगा टैक्स लगता है। इन कारों के पंजीकरण से विभाग के राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे वाहनों के पंजीकरण के लिए विभाग ने अलग से काउंटर बनाया है। ऐसे वाहन जिनकी कीमत एक करोड़ रुपये से ऊपर है, उन वाहनों की बढ़ोतरी में चार गुना की वृद्धि देखी गई है। सियाराम वर्मा ने बताया कि ऐसे वाहनों को खरीदने के शौकीन ज्यादा किलोमीटर तक इन वाहनों को नहीं चलाते हैं। 10 या 15 साल पूरे होने के बाद वह इन वाहनों को एनसीआर के बाहर ले जाते हैं या फिर बहुत कम कीमत में बेच देते हैं। ऐसे कई मामले भी हाल फिलहाल में देखने को मिले हैं।
विज्ञापन
हर साल यूं बढ़ा ट्रेंड
वर्ष इतनी विदेशी कारों का पंजीकरण
2018 50
2019 62
2020 12
2021 14
2022 34
2023 मई तक 81
कोरोना काल में आए 26 वाहन
जिस वक्त दुनिया में लोग कोरोना महामारी से जूझ रहे थे, उन दो वर्षों में परिवहन विभाग में 26 विदेशी वाहन पंजीकृत हुए हैं। उनमें काफी महंगे वाहन भी शामिल हैं। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है जिले में विदेशी कारों के शौकीनों की कमी नहीं है।
विज्ञापन
यह कारें शामिल
लेंबरगिनी यूरस एस
मर्सडीज बेंज एएमजी जीटी-63 एस ई परफॉर्मेंस
जी वेगन
रॉल्स रॉयस
वोल्वो
पोर्शे
मिनी कूपर