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बिल्डर की मनमानी से 24 घंटे तक फ्लैट में नहीं घुस पाया परिवार
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नोएडा। सेक्टर-75 स्थित एक बिल्डर सोसाइटी में किराये पर फ्लैट लेना एक परिवार को भारी पड़ गया। बिल्डर ने मेंटेनेंस नहीं देने का आरोप लगाते हुए किरायेदार परिवार को घर में नहीं घुसने दिया। करीब 24 घंटे तक परिवार पुलिस और बिल्डर के बीच चक्कर लगाता रहा और सड़कों पर इधर से उधर घूमता रहा। कई बार की बातचीत के बाद परिवार फ्लैट में शिफ्ट हो गया।
गाजियाबाद कौशांबी निवासी वैभव गुप्ता ने सेक्टर-75 स्थित बिल्डर सोसाइटी में फ्लैट लिया था। भाई सौरभ गुप्ता इसकी देखभाल करते हैं। शनिवार को फ्लैट में रहने के लिए किरायेदार यादनिक कपूर आए। सौरभ का आरोप है कि उन्होंने इस फ्लैट का पजेशन 6 मार्च 2019 को लिया था, लेकिन बिल्डर 15 माह का मेंटेनेंस अधिक बता रहा है। कई बार ईमेल करके जवाब भी दिया जा चुका है। शनिवार को यादनिक परिवार, बुजुर्ग मां और डॉगी के साथ आए तो बिल्डर के लोगों ने उनको प्रवेश नहीं करने दिया। कई घंटे बाद पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन पूरा परिवार रातभर सड़क पर भटकता रहा। जब सारी उम्मीद खत्म हो गई तो होटल में जाकर रात गुजारी। इस दौरान किरायेदार मुखिया ने रातभर कार में बैठकर सामान के ट्रक की रखवाली की।
सुबह पीड़ित पक्ष फिर पुलिस की शरण में गया और कई बार बिल्डर से बात कराई। रविवार रात करीब 8 बजे बिल्डर ने परिवार को फ्लैट में शिफ्ट होने दिया। करीब 24 घंटे तक यादनिक कपूर का परिवार सड़क पर इधर से उधर टहलता रहा। एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि रविवार को यह मामला उनके संज्ञान में आया। फ्लैट मालिक और बिल्डर के बीच मेंटेनेंस को लेकर विवाद था। यह विवाद सुलझा लिया गया है।
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गाजियाबाद कौशांबी निवासी वैभव गुप्ता ने सेक्टर-75 स्थित बिल्डर सोसाइटी में फ्लैट लिया था। भाई सौरभ गुप्ता इसकी देखभाल करते हैं। शनिवार को फ्लैट में रहने के लिए किरायेदार यादनिक कपूर आए। सौरभ का आरोप है कि उन्होंने इस फ्लैट का पजेशन 6 मार्च 2019 को लिया था, लेकिन बिल्डर 15 माह का मेंटेनेंस अधिक बता रहा है। कई बार ईमेल करके जवाब भी दिया जा चुका है। शनिवार को यादनिक परिवार, बुजुर्ग मां और डॉगी के साथ आए तो बिल्डर के लोगों ने उनको प्रवेश नहीं करने दिया। कई घंटे बाद पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन पूरा परिवार रातभर सड़क पर भटकता रहा। जब सारी उम्मीद खत्म हो गई तो होटल में जाकर रात गुजारी। इस दौरान किरायेदार मुखिया ने रातभर कार में बैठकर सामान के ट्रक की रखवाली की।
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सुबह पीड़ित पक्ष फिर पुलिस की शरण में गया और कई बार बिल्डर से बात कराई। रविवार रात करीब 8 बजे बिल्डर ने परिवार को फ्लैट में शिफ्ट होने दिया। करीब 24 घंटे तक यादनिक कपूर का परिवार सड़क पर इधर से उधर टहलता रहा। एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि रविवार को यह मामला उनके संज्ञान में आया। फ्लैट मालिक और बिल्डर के बीच मेंटेनेंस को लेकर विवाद था। यह विवाद सुलझा लिया गया है।
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