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Noida News: अवैध कब्जे और सुरक्षा के बदलाव में अंतर समझे प्राधिकरण
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अवैध कब्जे और सुरक्षा के बदलाव में अंतर समझे प्राधिकरण
धारा-10 के नोटिस से निवासी चिंतित, कहा- दोनों को एक समान मानकर नोटिस जारी करना न्यायसंगत नहीं
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अरुण विहार और सेक्टर 12-22 सहित शहर के विभिन्न सेक्टरों में नोएडा प्राधिकरण द्वारा अतिरिक्त अतिक्रमण को लेकर जारी किए गए धारा-10 के नोटिस से निवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय निवासियों का तर्क है कि प्राधिकरण को सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध कब्जे और घर की सुरक्षा व मूलभूत सुविधाओं के लिए किए गए जरूरी बदलावों के बीच अंतर समझना चाहिए। दोनों को एक समान मानकर नोटिस जारी करना न्यायसंगत नहीं है।
अरुण विहार आरडब्ल्यूए की जनसंपर्क अधिकारी अनीता अरोड़ा ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा, हमें अंदाजा नहीं था कि घर के भीतर बरसात का पानी भरने से रोकने के लिए खिड़की का रुख बाहर की तरफ करना या छत से जल निकासी के लिए बाहर से पाइप डालना भी अतिक्रमण के दायरे में आ जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर दीवार की जगह शटर लगाने जैसे छोटे-मोटे बदलावों के लिए भी लोगों को नोटिस थमा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन सेक्टर्स में पिछले 25-30 सालों से बुजुर्ग और वरिष्ठ नागरिक रह रहे हैं, जो अब अपने ही आशियाने को लेकर भविष्य की चिंताओं में घिर गए हैं।आरडब्ल्यूए का कहना है कि वे सार्वजनिक भूमि या सड़कों पर किए जाने वाले अवैध कब्जों के पूरी तरह खिलाफ हैं और उसका विरोध करते हैं। लेकिन घर की व्यावहारिक असुविधाओं को दूर करने के लिए किए गए मामूली बदलावों पर अतिक्रमण का नोटिस मिलना पूरी तरह अनुचित है। निवासियों और आरडब्ल्यूए ने नोएडा प्राधिकरण के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस नियमावली में तत्काल संशोधन किया जाए, ताकि शहर भर के हजारों निवासियों को मानसिक तनाव से राहत मिल सके।
धारा-10 के नियमों के उल्लंघन की प्रकृति और उसकी गंभीरता के आधार पर निर्णय होना चाहिए। -प्रशांत गुप्ता, चेयरमैन, अरुण विहार आरडब्ल्यूए
बरामदें में शीशा, पीछे गेट जैसे छोटे बदलाव सुरक्षा के दृष्टिगत खोले गए, जिस पर नोटिस आया। -अनिरूद्ध मोहन, सेक्टर 39 निवासी
आरडब्ल्यूए के साथ संवाद हो, ताकि वास्तविक अतिक्रमण और छोटे मोटे बदलाव के बीच स्पष्टता आए। -अनीता अरोड़ा, आरडब्ल्यूए सदस्य, अरुण विहार
नोटिस असमंजस भरा है, समय के साथ असुविधा दूर करने के लिए हर कोई अपने घर के इंटीरियर में बदलाव करता है। -विनय पसरीचा, निवासी, सेक्टर 37
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अवैध कब्जे और सुरक्षा के बदलाव में अंतर समझे प्राधिकरण
धारा-10 के नोटिस से निवासी चिंतित, कहा- दोनों को एक समान मानकर नोटिस जारी करना न्यायसंगत नहीं
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अरुण विहार और सेक्टर 12-22 सहित शहर के विभिन्न सेक्टरों में नोएडा प्राधिकरण द्वारा अतिरिक्त अतिक्रमण को लेकर जारी किए गए धारा-10 के नोटिस से निवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय निवासियों का तर्क है कि प्राधिकरण को सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध कब्जे और घर की सुरक्षा व मूलभूत सुविधाओं के लिए किए गए जरूरी बदलावों के बीच अंतर समझना चाहिए। दोनों को एक समान मानकर नोटिस जारी करना न्यायसंगत नहीं है।
अरुण विहार आरडब्ल्यूए की जनसंपर्क अधिकारी अनीता अरोड़ा ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा, हमें अंदाजा नहीं था कि घर के भीतर बरसात का पानी भरने से रोकने के लिए खिड़की का रुख बाहर की तरफ करना या छत से जल निकासी के लिए बाहर से पाइप डालना भी अतिक्रमण के दायरे में आ जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर दीवार की जगह शटर लगाने जैसे छोटे-मोटे बदलावों के लिए भी लोगों को नोटिस थमा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन सेक्टर्स में पिछले 25-30 सालों से बुजुर्ग और वरिष्ठ नागरिक रह रहे हैं, जो अब अपने ही आशियाने को लेकर भविष्य की चिंताओं में घिर गए हैं।आरडब्ल्यूए का कहना है कि वे सार्वजनिक भूमि या सड़कों पर किए जाने वाले अवैध कब्जों के पूरी तरह खिलाफ हैं और उसका विरोध करते हैं। लेकिन घर की व्यावहारिक असुविधाओं को दूर करने के लिए किए गए मामूली बदलावों पर अतिक्रमण का नोटिस मिलना पूरी तरह अनुचित है। निवासियों और आरडब्ल्यूए ने नोएडा प्राधिकरण के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस नियमावली में तत्काल संशोधन किया जाए, ताकि शहर भर के हजारों निवासियों को मानसिक तनाव से राहत मिल सके।
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धारा-10 के नियमों के उल्लंघन की प्रकृति और उसकी गंभीरता के आधार पर निर्णय होना चाहिए। -प्रशांत गुप्ता, चेयरमैन, अरुण विहार आरडब्ल्यूए
बरामदें में शीशा, पीछे गेट जैसे छोटे बदलाव सुरक्षा के दृष्टिगत खोले गए, जिस पर नोटिस आया। -अनिरूद्ध मोहन, सेक्टर 39 निवासी
आरडब्ल्यूए के साथ संवाद हो, ताकि वास्तविक अतिक्रमण और छोटे मोटे बदलाव के बीच स्पष्टता आए। -अनीता अरोड़ा, आरडब्ल्यूए सदस्य, अरुण विहार
नोटिस असमंजस भरा है, समय के साथ असुविधा दूर करने के लिए हर कोई अपने घर के इंटीरियर में बदलाव करता है। -विनय पसरीचा, निवासी, सेक्टर 37