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Noida News: झट्टा और सुल्तानपुर अंडरपास निर्माण को टेंडर जारी
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झट्टा और सुल्तानपुर अंडरपास निर्माण को टेंडर जारी
-18 महीने का समय चुनी गई एजेंसियों को निर्माण के लिए मिलेगा, 18 फरवरी तक टेंडर में आवेदन का समय
-झट्टा अंडरपास में निर्माण लागत करीब 100 करोड़ वहीं सुल्तानपुर अंडरपास में करीब 82 करोड़ रुपये लगेंगे
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर प्रस्तावित झट्टा व सुल्तानपुर गांव के सामने अंडरपास निर्माण के टेंडर जारी हो गए हैं। नोएडा प्राधिकरण ने टेंडर जारी कर एजेंसियों से 18 फरवरी तक आवेदन मांगे हैं। इसके साथ ही दोनों अंडरपास निर्माण के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। नियम के मुताबिक अगर दोनों परियोजनाओं के पहले टेंडर में 3 या इससे ज्यादा एजेंसी आती हैं तो प्रक्रिया को प्राधिकरण आगे बढ़ाएगा। दोनों अंडरपास का निर्माण करीब 182 करोड़ रुपये की लागत से अनुमानित है। ये अंडरपास बन जाने से एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ के कई सेक्टर व गांव का आवागमन आसान हो जाएगा।
नोएडा प्राधिकरण ने इन दोनों अंडरपास के निर्माण में डायाफ्राम तकनीक का चयन किया है। इसमें बगैर खुदाई के डायाफ्राम वॉल बनाई जाएगी। फिर दो तरफ जमीन के अंदर यह दीवार बनाकर उसके ऊपर अंडरपास की छत ढाल दी जाएगी। इसके सूख कर मजबूत होने में करीब 26 दिन का समय लगेगा। फिर सड़क बनाकर ऊपर ट्रैफिक खोल दिया जाएगा। प्राधिकरण के इंजीनियरों के मुताबिक अंडरपास का काम टुकड़ों में होगा। पहले चरण में दोनों छोर पर सर्विस रोड से जुड़ा ढांचा तैयार किया जाएगा। फिर एक्सप्रेस-वे की एक-एक सड़क पर अंडरपास का ढांचा बनाया जाएगा ताकि दोनों तरफ एक साथ ट्रैफिक डायवर्जन न करना पड़े। झट्टा अंडरपास सेक्टर-145, 146 और सेक्टर-155, 159 के बीच बनाया जाना है। इसकी लागत टेंडर में 99.74 करोड़ रुपये अनुमानित हुई है। वहीं, दूसरा अंडरपास सुल्तानपुर गांव के सामने सेक्टर-128, 129, 132 व सेक्टर-108 के बीच बनाया जाना है। इस अंडरपास की लागत करीब 81.61 करोड़ रुपये अनुमानित हुई है।
इसलिए हटाई गई पुशिंग बॉक्स तकनीक
नोएडा प्राधिकरण ने वर्ष-2020 के बाद एक्सप्रेस-वे पर कोंडली, एडवंट और सेक्टर-96 अंडरपास बॉक्स पुशिंग तकनीक पर बनवाए थे। इनमें निर्माण के दौरान लगातार एक्सप्रेस-वे की सड़क धंसने की समस्याएं सामने आई थीं। इसलिए अबकी बार दोनों अंडरपास निर्माण में बॉक्स पुशिंग तकनीक को हटाया गया है। इसमें कंक्रीट के बॉक्स बनाकर मिट्टी की कटाई कर एक्सप्रेस-वे के नीचे धकेल कर रखे जाते हैं। लेकिन एक्सप्रेस-वे के नीचे की सतह में राख शामिल है इसलिए लगातार सड़क धंसने कर समस्या आती है।
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-18 महीने का समय चुनी गई एजेंसियों को निर्माण के लिए मिलेगा, 18 फरवरी तक टेंडर में आवेदन का समय
-झट्टा अंडरपास में निर्माण लागत करीब 100 करोड़ वहीं सुल्तानपुर अंडरपास में करीब 82 करोड़ रुपये लगेंगे
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर प्रस्तावित झट्टा व सुल्तानपुर गांव के सामने अंडरपास निर्माण के टेंडर जारी हो गए हैं। नोएडा प्राधिकरण ने टेंडर जारी कर एजेंसियों से 18 फरवरी तक आवेदन मांगे हैं। इसके साथ ही दोनों अंडरपास निर्माण के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। नियम के मुताबिक अगर दोनों परियोजनाओं के पहले टेंडर में 3 या इससे ज्यादा एजेंसी आती हैं तो प्रक्रिया को प्राधिकरण आगे बढ़ाएगा। दोनों अंडरपास का निर्माण करीब 182 करोड़ रुपये की लागत से अनुमानित है। ये अंडरपास बन जाने से एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ के कई सेक्टर व गांव का आवागमन आसान हो जाएगा।
नोएडा प्राधिकरण ने इन दोनों अंडरपास के निर्माण में डायाफ्राम तकनीक का चयन किया है। इसमें बगैर खुदाई के डायाफ्राम वॉल बनाई जाएगी। फिर दो तरफ जमीन के अंदर यह दीवार बनाकर उसके ऊपर अंडरपास की छत ढाल दी जाएगी। इसके सूख कर मजबूत होने में करीब 26 दिन का समय लगेगा। फिर सड़क बनाकर ऊपर ट्रैफिक खोल दिया जाएगा। प्राधिकरण के इंजीनियरों के मुताबिक अंडरपास का काम टुकड़ों में होगा। पहले चरण में दोनों छोर पर सर्विस रोड से जुड़ा ढांचा तैयार किया जाएगा। फिर एक्सप्रेस-वे की एक-एक सड़क पर अंडरपास का ढांचा बनाया जाएगा ताकि दोनों तरफ एक साथ ट्रैफिक डायवर्जन न करना पड़े। झट्टा अंडरपास सेक्टर-145, 146 और सेक्टर-155, 159 के बीच बनाया जाना है। इसकी लागत टेंडर में 99.74 करोड़ रुपये अनुमानित हुई है। वहीं, दूसरा अंडरपास सुल्तानपुर गांव के सामने सेक्टर-128, 129, 132 व सेक्टर-108 के बीच बनाया जाना है। इस अंडरपास की लागत करीब 81.61 करोड़ रुपये अनुमानित हुई है।
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इसलिए हटाई गई पुशिंग बॉक्स तकनीक
नोएडा प्राधिकरण ने वर्ष-2020 के बाद एक्सप्रेस-वे पर कोंडली, एडवंट और सेक्टर-96 अंडरपास बॉक्स पुशिंग तकनीक पर बनवाए थे। इनमें निर्माण के दौरान लगातार एक्सप्रेस-वे की सड़क धंसने की समस्याएं सामने आई थीं। इसलिए अबकी बार दोनों अंडरपास निर्माण में बॉक्स पुशिंग तकनीक को हटाया गया है। इसमें कंक्रीट के बॉक्स बनाकर मिट्टी की कटाई कर एक्सप्रेस-वे के नीचे धकेल कर रखे जाते हैं। लेकिन एक्सप्रेस-वे के नीचे की सतह में राख शामिल है इसलिए लगातार सड़क धंसने कर समस्या आती है।
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