{"_id":"683f01441db0dcf3670f79bc","slug":"tender-hold-for-city-buses-noida-news-c-1-gnd1002-3020451-2025-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: मंजूरी के इंतजार में सिटी बस का टेंडर होल्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: मंजूरी के इंतजार में सिटी बस का टेंडर होल्ड
विज्ञापन
-शहरी परिवहन निदेशालय ने जारी किया है टेंडर,
-अब तक मात्र नोएडा प्राधिकरण ने ही ली है मंजूरी
-जिले में जीसीसी मॉडल पर होगा बसों का संचालन
माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। जिले के तीनों प्राधिकरण क्षेत्र में सिटी बस चलाने की योजना इस बार टेंडर स्तर पर रुक गई है। शहरी परिवहन निदेशालय ने 500 ई-बसें चलाने का यह रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी किया है। नौ एजेंसियां भी आ गई हैं। लेकिन बोर्ड से बस संचालन की मंजूरी अभी सिर्फ नोएडा प्राधिकरण ने ली हुई है। ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण ने बोर्ड से मंजूरी नहीं ली है। ऐसे में इन दोनों प्राधिकरण के बोर्ड से मंजूरी के इंतजार में टेंडर को शासन स्तर पर होल्ड कर दिया गया है।
दोनों प्राधिकरण के बोर्ड की मंजूरी के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह मंजूरी इसलिए जरूरी है कि बस सेवा का संचालन होने पर किराए व खर्च में आने वाले अंतर की धनराशि तीनों प्राधिकरण को चुनी जाने वाली कंपनी को देना है। तीनों प्राधिकरण में इस सार्वजनिक परिवहन सेवा को ग्रास कॉस्ट कांट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर संचालित किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इसमें पूरी परियोजना पर आने वाली लागत का वहन एजेंसी को करना होगा। 500 बसें खरीदकर उनका संचालन करने के लिए जरूरी संसाधन व अन्य खर्च जोड़कर पूरी परियोजना करीब 675 करोड़ रुपये लागत की अनुमानित है। टेंडर में जो एजेंसी सबसे कम दर पर बसों के संचालन को तैयार होगी उसे संचालन का जिम्मा दिया जाएगा।
निदेशालय की तरफ से दो तरह की इलेक्ट्रिक बसों की मांग तीनों प्राधिकरण क्षेत्र के लिए की गई है। पहली 9 मीटर की होंगी दूसरी 12 मीटर की। 9 मीटर लंबी बस की क्षमता 28 व एक दिव्यांग यात्री व एक चालक की होगी। वहीं 12 मीटर लंबी बस में यात्री क्षमता चालक व दिव्यांग यात्री को छोड़कर 36 यात्रियों की होगी। बात अगर बस संख्या की करें तो अभी तक बने प्रारूप में नोएडा में 13 रुट पर 257, ग्रेटर नोएडा में 9 रूट पर 196, यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में दो रूटों पर 52 ई-बसें चलना प्रस्तावित हैं। लेकिन रूट एक बार फिर से तय किए जाने हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -
100 बसें सेक्टर-82 सिटी बस टर्मिनल से चलाने की तैयारी-
नोएडा प्राधिकरण ने सिटी बस के संचालन का प्रारूप भी तैयार किया हुआ है। अब तक की तैयारी यह है कि सेक्टर-82 में बनी खड़ी सिटी बस टर्मिनल की इमारत से करीब 100 बसों का संचालन प्राधिकरण करवाएगा। इसके साथ ही सेक्टर-90 एनएमआरसी डिपो व अन्य जगहों से बस संचालन होना है। चुनी जाने वाली एजेंसी को बस संचालन के लिए डिपो व चार्जिंग प्वाइंट लगाने के लिए बिजली कनेक्शन तक का इंफ्रा प्राधिकरण को उपलब्ध करवाना है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ लोकेश एम ने बताया कि सिटी बस सेवा शुरू होने के बाद सिटी बस टर्मिनल के बाकी हिस्से के उपयोग की योजना आगे बढ़ाई जाएगी।
विज्ञापन
-अब तक मात्र नोएडा प्राधिकरण ने ही ली है मंजूरी
-जिले में जीसीसी मॉडल पर होगा बसों का संचालन
माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। जिले के तीनों प्राधिकरण क्षेत्र में सिटी बस चलाने की योजना इस बार टेंडर स्तर पर रुक गई है। शहरी परिवहन निदेशालय ने 500 ई-बसें चलाने का यह रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी किया है। नौ एजेंसियां भी आ गई हैं। लेकिन बोर्ड से बस संचालन की मंजूरी अभी सिर्फ नोएडा प्राधिकरण ने ली हुई है। ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण ने बोर्ड से मंजूरी नहीं ली है। ऐसे में इन दोनों प्राधिकरण के बोर्ड से मंजूरी के इंतजार में टेंडर को शासन स्तर पर होल्ड कर दिया गया है।
दोनों प्राधिकरण के बोर्ड की मंजूरी के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह मंजूरी इसलिए जरूरी है कि बस सेवा का संचालन होने पर किराए व खर्च में आने वाले अंतर की धनराशि तीनों प्राधिकरण को चुनी जाने वाली कंपनी को देना है। तीनों प्राधिकरण में इस सार्वजनिक परिवहन सेवा को ग्रास कॉस्ट कांट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर संचालित किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इसमें पूरी परियोजना पर आने वाली लागत का वहन एजेंसी को करना होगा। 500 बसें खरीदकर उनका संचालन करने के लिए जरूरी संसाधन व अन्य खर्च जोड़कर पूरी परियोजना करीब 675 करोड़ रुपये लागत की अनुमानित है। टेंडर में जो एजेंसी सबसे कम दर पर बसों के संचालन को तैयार होगी उसे संचालन का जिम्मा दिया जाएगा।
विज्ञापन
निदेशालय की तरफ से दो तरह की इलेक्ट्रिक बसों की मांग तीनों प्राधिकरण क्षेत्र के लिए की गई है। पहली 9 मीटर की होंगी दूसरी 12 मीटर की। 9 मीटर लंबी बस की क्षमता 28 व एक दिव्यांग यात्री व एक चालक की होगी। वहीं 12 मीटर लंबी बस में यात्री क्षमता चालक व दिव्यांग यात्री को छोड़कर 36 यात्रियों की होगी। बात अगर बस संख्या की करें तो अभी तक बने प्रारूप में नोएडा में 13 रुट पर 257, ग्रेटर नोएडा में 9 रूट पर 196, यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में दो रूटों पर 52 ई-बसें चलना प्रस्तावित हैं। लेकिन रूट एक बार फिर से तय किए जाने हैं।
विज्ञापन
100 बसें सेक्टर-82 सिटी बस टर्मिनल से चलाने की तैयारी-
नोएडा प्राधिकरण ने सिटी बस के संचालन का प्रारूप भी तैयार किया हुआ है। अब तक की तैयारी यह है कि सेक्टर-82 में बनी खड़ी सिटी बस टर्मिनल की इमारत से करीब 100 बसों का संचालन प्राधिकरण करवाएगा। इसके साथ ही सेक्टर-90 एनएमआरसी डिपो व अन्य जगहों से बस संचालन होना है। चुनी जाने वाली एजेंसी को बस संचालन के लिए डिपो व चार्जिंग प्वाइंट लगाने के लिए बिजली कनेक्शन तक का इंफ्रा प्राधिकरण को उपलब्ध करवाना है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ लोकेश एम ने बताया कि सिटी बस सेवा शुरू होने के बाद सिटी बस टर्मिनल के बाकी हिस्से के उपयोग की योजना आगे बढ़ाई जाएगी।