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टूरिस्ट परमिट की बसों के जरिए कर चोरी का खुलासा
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नोएडा। फर्जी कंपनियां बनाकर बोगस बिलों के जरिए 128 करोड़ रुपये की कर चोरी का पर्दाफाश करने के बाद राज्य वाणिज्य कर विभाग ने एक और बड़ा खुलासा किया है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के रास्ते दिल्ली से लखनऊ, कानपुर, बरेली, आजमगढ़, मुरादाबाद, संभल और रामपुर तक टूरिस्ट परमिट की बसों के जरिए कर चोरी कर कपड़ों से लेकर मोटर पार्ट्स पहुंचाया जा रहा है। 15-16 जून की मध्य रात्रि को विभाग की 10 टीमें चेकिंग के लिए सड़कों पर उतरीं। जांच के बाद 17 बसों में 20 लाख रुपये से अधिक का माल पकड़ा गया।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इन बसों में आयरन, स्टील, स्क्रैप, रेडिमेड गारमेंट, प्लास्टिक गुड्स, कॉपर वायर, क्रॉकरी, इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स, मोट्स पार्ट्स आदि का परिवहन बिना प्रपत्रों और ई-वे बिल के किया जा रहा था। बसों में दिल्ली से सामान लोड कर प्रदेश के अलग-अलग जनपदों तक पहुंचाया जा रहा था। माल का भौतिक सत्यापन करने पर 20 लाख रुपये के माल को जब्त किया गया। जिसमें से अब तक 10.27 लाख रुपये की राशि अर्थदंड व जमानत के रूप में जमा कराई जा चुकी है।
इस महीने 279 वाहनों पर कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि विभाग के नोएडा और गाजियाबाद जोन में कार्यरत राज्य कर के प्रवर्तन अधिकारियों ने सड़क मार्ग से हो रही कर चोरी के विरुद्ध सघन अभियान चलाते हुए जून के महीने में ही अब तक 279 वाहनों पर कार्रवाई की है। जिसमें 9 करोड़ रुपये से अधिक का माल सीज किया गया और 4.27 करोड़ रुपये से अधिक अर्थदंड व जमानत राशि जमा कराई गई। इसमें संवेदनशील वस्तुओं को ले जा रहे 131 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 1.95 करोड़ रुपये से अधिक का अर्थदंड व जमानत राशि जमा कराई जा चुकी है। इससे पहले मई के महीने में 111 वाहनों को इंटरसेप्ट करते हुए 1.59 करोड़ रुपये अर्थदंड व जमानत राशि वसूली गई थी।
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ट्रांसपोर्टरों पर कसा शिकंजा तो खुले राज
नोएडा व गाजियाबाद जोन में कर चोरी में लिप्त ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ आधुनिक तकनीकी और इंटेलीजेंस का प्रयोग करते हुए प्रवर्तन की कार्रवाई लगातार जारी है। ट्रांसपोर्टरों की जांच के दौरान पता चला कि कर चोरी के लिए निजी बसों का प्रयोग भी किया जा रहा है। दिल्ली से माल को लोड कर दिया जाता है। मालिक की गैरमौजूदगी में बसों के जरिये माल को सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचा दिया जाता है। सवारियों से भरी बसों में माल लदा होने के कारण किसी को शक भी नहीं होता।
आधी रात रुकी बसें तो यात्रियों ने किया हंगामा
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आधी रात को बसों को जांच के लिए रोका गया। जिन 17 बसों में कर चोरी कर माल ले जाया जा रहा था, उन्होंने में 300 से अधिक सवारियां भी थीं जिन्हें कर माफिया और बस संचालकों के इस खेल की जानकारी ही नहीं थी। इस बीच यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसे संभाल पाना विभागीय अधिकारियों के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया। विभाग के पुलिस बल ने हालात संभाला। कुछ बस संचालकों ने सवारियों के लिए वैकल्पिक बसों की व्यवस्था की तो कुछ ने यात्रियों को किराया लौटाया।
मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार और कर चोरी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत नोएडा व गाजियाबाद जोन में कार्रवाई लगातार चल रही है। दस टीमों को बसों की जांच के लिए रात में सड़कों पर उतारा गया था। इस तरह के अभियान निरंतर जारी रहेंगे। -अदिति सिंह, अपर आयुक्त राज्य कर नोएडा व गाजियाबाद जोन
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विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इन बसों में आयरन, स्टील, स्क्रैप, रेडिमेड गारमेंट, प्लास्टिक गुड्स, कॉपर वायर, क्रॉकरी, इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स, मोट्स पार्ट्स आदि का परिवहन बिना प्रपत्रों और ई-वे बिल के किया जा रहा था। बसों में दिल्ली से सामान लोड कर प्रदेश के अलग-अलग जनपदों तक पहुंचाया जा रहा था। माल का भौतिक सत्यापन करने पर 20 लाख रुपये के माल को जब्त किया गया। जिसमें से अब तक 10.27 लाख रुपये की राशि अर्थदंड व जमानत के रूप में जमा कराई जा चुकी है।
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इस महीने 279 वाहनों पर कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि विभाग के नोएडा और गाजियाबाद जोन में कार्यरत राज्य कर के प्रवर्तन अधिकारियों ने सड़क मार्ग से हो रही कर चोरी के विरुद्ध सघन अभियान चलाते हुए जून के महीने में ही अब तक 279 वाहनों पर कार्रवाई की है। जिसमें 9 करोड़ रुपये से अधिक का माल सीज किया गया और 4.27 करोड़ रुपये से अधिक अर्थदंड व जमानत राशि जमा कराई गई। इसमें संवेदनशील वस्तुओं को ले जा रहे 131 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 1.95 करोड़ रुपये से अधिक का अर्थदंड व जमानत राशि जमा कराई जा चुकी है। इससे पहले मई के महीने में 111 वाहनों को इंटरसेप्ट करते हुए 1.59 करोड़ रुपये अर्थदंड व जमानत राशि वसूली गई थी।
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ट्रांसपोर्टरों पर कसा शिकंजा तो खुले राज
नोएडा व गाजियाबाद जोन में कर चोरी में लिप्त ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ आधुनिक तकनीकी और इंटेलीजेंस का प्रयोग करते हुए प्रवर्तन की कार्रवाई लगातार जारी है। ट्रांसपोर्टरों की जांच के दौरान पता चला कि कर चोरी के लिए निजी बसों का प्रयोग भी किया जा रहा है। दिल्ली से माल को लोड कर दिया जाता है। मालिक की गैरमौजूदगी में बसों के जरिये माल को सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचा दिया जाता है। सवारियों से भरी बसों में माल लदा होने के कारण किसी को शक भी नहीं होता।
आधी रात रुकी बसें तो यात्रियों ने किया हंगामा
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आधी रात को बसों को जांच के लिए रोका गया। जिन 17 बसों में कर चोरी कर माल ले जाया जा रहा था, उन्होंने में 300 से अधिक सवारियां भी थीं जिन्हें कर माफिया और बस संचालकों के इस खेल की जानकारी ही नहीं थी। इस बीच यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसे संभाल पाना विभागीय अधिकारियों के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया। विभाग के पुलिस बल ने हालात संभाला। कुछ बस संचालकों ने सवारियों के लिए वैकल्पिक बसों की व्यवस्था की तो कुछ ने यात्रियों को किराया लौटाया।
मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार और कर चोरी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत नोएडा व गाजियाबाद जोन में कार्रवाई लगातार चल रही है। दस टीमों को बसों की जांच के लिए रात में सड़कों पर उतारा गया था। इस तरह के अभियान निरंतर जारी रहेंगे। -अदिति सिंह, अपर आयुक्त राज्य कर नोएडा व गाजियाबाद जोन