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Noida News: बिन बरसे बीता सावन, अब सूखे से हालात
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अमान सिंह गांव म्याना
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-पूरा सावन बीतने के बाद भी यमुना सिटी में नहीं हुई पर्याप्त बारिश, क्षेत्र में हजारों हेक्टेयर में किसान करते हैं खेती
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। सावन माह बीत चुका है और मानसून में भी पर्याप्त बारिश न होने से किसान परेशान हैं। यमुना सिटी की 5000 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि में किसान धान की खेती करते हैं। यहां बड़े पैमाने पर किसान धान, बाजरा, खरीफ और सब्जियों की फसल बोते हैं। लेकिन बारिश कम होने के कारण सूखे से हालात बनने लगे हैं और किसान परेशान हो रहे हैं। किसानों का कहना है खेत में खड़ी उनकी फसलें कम बारिश के कारण सूखने की स्थिति में पहुंच रही हैं।
गौतमबुद्ध नगर में सबसे ज्यादा कृषि क्षेत्र यमुना सिटी के रबूपुरा, जेवर, दनकौर, बिलासपुर में है। यहां पर किसान बड़े पैमाने पर धान की खेती करते हैं। धान की फसल के लिए पानी सबसे महत्वपूर्ण रहता है, लेकिन इस साल भरपूर बारिश न होने के कारण धान की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। किसानों ने बताया कि इस साल बारिश काफी कम हुई है, जिसके कारण सूखे जैसे हालात बन गए हैं। फसलों की सिंचाई के लिए ट्यूबवेल से पानी छोड़ना पड़ रहा है, जिसके कारण लागत बढ़ रही है। इसके बाद भी फसलों में वह गुणवत्ता नहीं आ पाती है, जो प्राकृतिक जल से आती है। वहीं किसानों का कहना है कि सरकार को किसानों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
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मानसून में बारिश कम होने के कारण किसानों की फसलें सूखने की कगार पर हैं। सरकार को किसानों की मदद करनी चाहिए -अमान सिंह, किसान, गांव म्याना
सावन में भी ठीक से बारिश नहीं हुई है। पूरा महीना बीत गया, लेकिन कुछ ही दिन बारिश हुई, फसलों को काफी नुकसान हुआ है- अशोक सिंह, किसान, गांव सिरौली बांगर
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ट्यूबवेल से सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे लागत भी बढ़ रही है और फसलों में वह गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है- त्रिलोक सिंह, किसान, गांव आछेपुर
धान के लिए पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बारिश होगी और किसानों को राहत मिलेगी-राजवीर सिंह, किसान, गांव आछेपुर
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माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। सावन माह बीत चुका है और मानसून में भी पर्याप्त बारिश न होने से किसान परेशान हैं। यमुना सिटी की 5000 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि में किसान धान की खेती करते हैं। यहां बड़े पैमाने पर किसान धान, बाजरा, खरीफ और सब्जियों की फसल बोते हैं। लेकिन बारिश कम होने के कारण सूखे से हालात बनने लगे हैं और किसान परेशान हो रहे हैं। किसानों का कहना है खेत में खड़ी उनकी फसलें कम बारिश के कारण सूखने की स्थिति में पहुंच रही हैं।
गौतमबुद्ध नगर में सबसे ज्यादा कृषि क्षेत्र यमुना सिटी के रबूपुरा, जेवर, दनकौर, बिलासपुर में है। यहां पर किसान बड़े पैमाने पर धान की खेती करते हैं। धान की फसल के लिए पानी सबसे महत्वपूर्ण रहता है, लेकिन इस साल भरपूर बारिश न होने के कारण धान की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। किसानों ने बताया कि इस साल बारिश काफी कम हुई है, जिसके कारण सूखे जैसे हालात बन गए हैं। फसलों की सिंचाई के लिए ट्यूबवेल से पानी छोड़ना पड़ रहा है, जिसके कारण लागत बढ़ रही है। इसके बाद भी फसलों में वह गुणवत्ता नहीं आ पाती है, जो प्राकृतिक जल से आती है। वहीं किसानों का कहना है कि सरकार को किसानों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
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मानसून में बारिश कम होने के कारण किसानों की फसलें सूखने की कगार पर हैं। सरकार को किसानों की मदद करनी चाहिए -अमान सिंह, किसान, गांव म्याना
सावन में भी ठीक से बारिश नहीं हुई है। पूरा महीना बीत गया, लेकिन कुछ ही दिन बारिश हुई, फसलों को काफी नुकसान हुआ है- अशोक सिंह, किसान, गांव सिरौली बांगर
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ट्यूबवेल से सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे लागत भी बढ़ रही है और फसलों में वह गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है- त्रिलोक सिंह, किसान, गांव आछेपुर
धान के लिए पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बारिश होगी और किसानों को राहत मिलेगी-राजवीर सिंह, किसान, गांव आछेपुर

अमान सिंह गांव म्याना

अमान सिंह गांव म्याना

अमान सिंह गांव म्याना