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तब्लीगी जमात केस : अगर वैध वीजा धारक विदेशी को शरण देने पर प्रतिबंध था तो पुलिस हलफनामा दे

Tue, 07 Dec 2021 01:21 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 07 Dec 2021 01:21 AM IST
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Tablighi Jamaat Case: If there was a ban on giving asylum to a foreigner holding a valid visa, then the police should give an affidavit
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली पुलिस से पूछा कि गत वर्ष तब्लीगी जमात में वैध वीजा लेकर भारत आए विदेशियों को लॉकडाउन में शरण देने पर कोई प्रतिबंध था। अगर ऐसा कोई प्रतिबंध था तो दिल्ली पुलिस हलफनामा दाखिल कर बताए। अदालत ने मामले की सुनवाई चार जनवरी तय की है।
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न्यायमूर्ति मुक्ता ने कहा कि सामग्री रिकार्ड पर पेश किए जाने के बाद वह उपयुक्त आदेश पारित करेंगी। वह लॉकडाउन के दौरान विदेशी जमातियों को शरण देने वालों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को खारिज करने संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही हैं।
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लोक अभियोजक ने कोर्ट को बताया कि पुलिस जब मौके पर पहुंची तो स्थानीय लोगों ने ये नहीं बताया कि विदेशी जमाती उनके परिसरों में कब से रह रहे हैं। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो आपके अधिकारी जांच अधिकारी बनने लायक नहीं है।
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न्यायमूर्ति ने कहा कि जांच अधिकारी विदेशी जमातियों के पासपोर्ट की इंट्री चेक कर सकते थे। उनकी लोकेशन जानने के लिए कॉल रिकार्ड डाटा की जांच कर सकते थे। उन्होंने कहा कि आधी अधूरी सामग्री पेश करने से काम नहीं चलेगा। पुलिस को ये दिखाना होगा कि लॉकडाउन लगने के बाद विदेशी जमाती यहां-वहां घूम रहे थे। वे वैध वीजा पर भारत आए थे। अगर वे यहां रह रहे थे तो आप ये नहीं कह सकते कि वे प्रावधानों का उल्लंघन कर रहे थे।
याची के वकील ने अदालत को बताया कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने भी निजामुद्दीन मरकज के संबंध में आयोजकों पर आईपीसी और महामारी के कथित उल्लंघन के लिए एफआईआर दर्ज की है।

अदालत ने इसके बाद संबंधित डीसीपी को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हुए पूछा कि क्या किसी याचिकाकर्ता का नाम भी अपराध शाखा की एफआईआर में है। डीसीपी ये भी बताएं कि वैध वीजा पर भारत आए विदेशियों को उस समय अपने घर में शरण देना क्या प्रतिबंधित था।
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