फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   supreme court upholds additional demand of yeida from allottees says policy decision not to be interfered

यमुना प्राधिकरण में शुरू होंगे रुके काम: SC ने किसानों के पक्ष में सुनाया फैसला, 11 हजार को मिलेगा अतिरिक्त मुआवजा

Thu, 19 May 2022 11:06 PM IST
Vikas Kumar माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा Published by: Vikas Kumar Updated Thu, 19 May 2022 11:06 PM IST
सार

यमुना प्राधिकरण के करीब 29 गांवों में जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है। इन गांवों में 31 हजार से अधिक किसान हैं। इनमें 20495 किसानों को अतिरिक्त मुआवजा दिया जा चुका है। जबकि करीब 11 हजार किसानों को ही मुआवजा दिया जाना बाकी है। 
 

विज्ञापन
supreme court upholds additional demand of yeida from allottees says policy decision not to be interfered
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

यमुना प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के 11 हजार से अधिक किसानों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट के फैसले के बाद किसानों को 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा मिल सकेगा वहीं करीब छह हजार आवंटियों को अपने प्लॉट पर कब्जा मिलेगा। इसके साथ ही यीडा की रुकी परियोजनाएं भी पूरी हो सकेंगी। दो वर्ष चली सुनवाई के बाद बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट ने प्राधिकरण और किसानों के पक्ष में फैसला सुनाया। अब किसानों को 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा प्राधिकरण की ओर से दिया जाएगा। 

विज्ञापन


यमुना प्राधिकरण के करीब 29 गांवों में जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है। इन गांवों में 31 हजार से अधिक किसान हैं। इनमें 20495 किसानों को अतिरिक्त मुआवजा दिया जा चुका है। जबकि करीब 11 हजार किसानों को ही मुआवजा दिया जाना बाकी है। 
विज्ञापन


यीडा ने वर्ष 2009 में किसानों की जमीन अधिगृहीत करना शुरू किया था। उसी दौरान किसानों का आंदोलन शुरू हो गया। वर्ष 2011 में भट्टा-पारसौल आंदोलन हुआ था जिसमें इसमें दो किसान और दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। किसान अधिग्रहण के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए थे। मामले में स्थगन आदेश जारी हो गया था। प्राधिकरण की ओर से किसानों को 64.7 फीसदी मुआवजा देने की योजना बनाई और उस रकम को प्लॉट के आवंटियों से लेने पर अधिकारियों और सरकार की सहमति बनी। इस सहमति के खिलाफ आवंटी हाईकोर्ट चले गए। जबकि प्राधिकरण और प्रदेश सरकार किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देने को तैयार थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्राधिकरण के आवंटी सुपरटेक लिमिटेड, शकुंतला एजुकेशलन ट्रस्ट, एटीएस रियलटी, जेपी, बलराज सिंह, एमएमए ग्रीन मिल्स, सतलीला एजुकेशन फाउडेंशन, चंद्रलेखा, त्यागी बिल्डर, जीएल बजाज व मारुति एजुकेशनल ट्रस्ट और एसडीएस हाउसिंग समेत कई बड़े आवंटी हाईकोर्ट चले गए। वहां से इन आवंटियों के पक्ष में निर्णय हो गया। वहीं राज्य सरकार और यीडा हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ 28 मई 2020 को सुप्रीम कोर्ट चले गए। 

साल-2014 का शासनादेश किया था हाईकोर्ट ने निरस्त
सरकार ने यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में काम शुरू करने के लिए साल-2014 में शासनादेश जारी किया था। जिसमें किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देने की बात कही थी। वहीं हाईकोर्ट ने शासनादेश को निरस्त करते हुए कहा था कि किसानों को अतिरिक्त मुआवजा नहीं दिया जाए।

यमुना प्राधिकरण की परियोजनाएं होंगी शुरू
प्राधिकरण की ओर से निकाली गई 21 हजार आवासीय प्लाटों की योजना में करीब 600 प्लॉट ऐसे हैं जिन पर स्थगन आदेश था। अब उन प्लॉट के आवंटियों को इस समस्या से निजात मिल जाएगी। किसानों की मांगे पूरी हो जाने से प्लॉटों से स्थगन आदेश हट जाएगा। 

छह हजार आवंटियों को नहीं मिला कब्जा
14 हजार आवंटियों को प्राधिकरण कब्जा दे चुका है, लेकिन अभी तक 6000 आवंटी ऐसे हैं जिनको कब्जा दिया जाना है। हालांकि अभी इन भूखंडों का लीज प्लान तैयार नहीं हो पाया है। अब किसानों को 15 दिन में मुआवजा देने की तैयारी प्राधिकरण कर रहा है। 


किसानों को अतिरिक्त मुआवजा दिलाने के लिए यमुना प्राधिकरण और राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट के निर्णय को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने जनहित के मुद्दे को अहम मानते हुए अपना निर्णय किसानों के पक्ष में सुनाया है। - डॉ. अरुणवीर सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed