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Noida News: सुनियो योजना बनी एमसीडी की संजीवनी
सार
नई दिल्ली में एमसीडी की संपत्तिकर निपटान योजना से छह माह में ही पिछले वर्ष जितना संपत्तिकर संग्रह हुआ है। इस उपलब्धि से योजना की अवधि 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। इससे करदाताओं और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
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विस्तार
छह माह में ही पिछले साल जितना संपत्ति कर मिला, 31 दिसंबर तक बढ़ाई योजना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी की संपत्तिकर निपटान योजना (सुनियो) वन प्लस फाइव राजधानी के लिए राजस्व वृद्धि की बड़ी कामयाबी बनकर उभरी है। योजना के कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले छह माह में ही एमसीडी ने लगभग उतना ही संपत्तिकर अर्जित कर लिया है जितना पिछले पूरे वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राप्त हुआ था।
इससे उत्साहित एमसीडी ने 30 सितंबर को खत्म हो रही योजना की अवधि 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है। एमसीडी का दावा है कि मौजूदा रफ्तार से इस वर्ष वह संपत्ति कर संग्रहण का नया रिकॉर्ड कायम करते हुए 3000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर जाएगी।
एमसीडी के आकलन एवं संकलन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 25 सितंबर 2025 तक 11,63,420 करदाताओं से 2133.63 करोड़ रुपये का कर संग्रहण हो चुका है जबकि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में पूरे साल में 11,33,161 करदाताओं से 2132.29 करोड़ ही जुटाए गए थे यानी महज आधे साल में एमसीडी ने पिछले वर्ष का पूरा आंकड़ा छू लिया है। यह संग्रहण में 22.5 प्रतिशत और करदाताओं की संख्या में 18 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। सुनियो योजना ने न सिर्फ पुराने बकायेदारों को कर चुकाने के लिए प्रेरित किया बल्कि 65,874 नए करदाताओं ने पहली बार संपत्तिकर भुगतान कर एमसीडी के टैक्स आधार को मजबूत किया। अब तक कुल 1,16,745 करदाता योजना का लाभ उठा चुके हैं जिससे निगम को 370.27 करोड़ की प्राप्ति हुई है। वहीं, नए करदाताओं से 187.8 करोड़ रुपये का राजस्व जुड़ा है।
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एमसीडी ने करदाताओं की सकारात्मक भागीदारी को देखते हुए इस योजना को तीन महीने और बढ़ा दिया है। अब करदाता 31 दिसंबर तक योजना का लाभ ले सकेंगे। हालांकि, विस्तारित अवधि (01 अक्तूबर से 31 दिसंबर) में भुगतान करने वालों को मूल कर राशि पर दो प्रतिशत विलंब शुल्क भी देना होगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी की संपत्तिकर निपटान योजना (सुनियो) वन प्लस फाइव राजधानी के लिए राजस्व वृद्धि की बड़ी कामयाबी बनकर उभरी है। योजना के कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले छह माह में ही एमसीडी ने लगभग उतना ही संपत्तिकर अर्जित कर लिया है जितना पिछले पूरे वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राप्त हुआ था।
इससे उत्साहित एमसीडी ने 30 सितंबर को खत्म हो रही योजना की अवधि 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है। एमसीडी का दावा है कि मौजूदा रफ्तार से इस वर्ष वह संपत्ति कर संग्रहण का नया रिकॉर्ड कायम करते हुए 3000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर जाएगी।
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एमसीडी के आकलन एवं संकलन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 25 सितंबर 2025 तक 11,63,420 करदाताओं से 2133.63 करोड़ रुपये का कर संग्रहण हो चुका है जबकि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में पूरे साल में 11,33,161 करदाताओं से 2132.29 करोड़ ही जुटाए गए थे यानी महज आधे साल में एमसीडी ने पिछले वर्ष का पूरा आंकड़ा छू लिया है। यह संग्रहण में 22.5 प्रतिशत और करदाताओं की संख्या में 18 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। सुनियो योजना ने न सिर्फ पुराने बकायेदारों को कर चुकाने के लिए प्रेरित किया बल्कि 65,874 नए करदाताओं ने पहली बार संपत्तिकर भुगतान कर एमसीडी के टैक्स आधार को मजबूत किया। अब तक कुल 1,16,745 करदाता योजना का लाभ उठा चुके हैं जिससे निगम को 370.27 करोड़ की प्राप्ति हुई है। वहीं, नए करदाताओं से 187.8 करोड़ रुपये का राजस्व जुड़ा है।
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एमसीडी ने करदाताओं की सकारात्मक भागीदारी को देखते हुए इस योजना को तीन महीने और बढ़ा दिया है। अब करदाता 31 दिसंबर तक योजना का लाभ ले सकेंगे। हालांकि, विस्तारित अवधि (01 अक्तूबर से 31 दिसंबर) में भुगतान करने वालों को मूल कर राशि पर दो प्रतिशत विलंब शुल्क भी देना होगा।