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स्ट्रीट लाइटें गुल, राहगीर ढो रहे अंधेरा
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गुरुग्राम अलवर मार्ग के शहीदी पार्क के पास हाइवे पर छाया अंधेरा।
- फोटो : Mewat
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स्ट्रीट लाइटें गुल, राहगीर ढो रहे अंधेरा
नूंह। वर्ष 2005 में नूंह जिला बनने के बाद लोगों में शहर के आधारभूत ढांचे के सुधार की उम्मीद जगी थी, लेकिन वह 15 वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। आज भी शहर के लोग कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। स्ट्रीट लाइटें तो बस दिखावे के लिए ही लगी हैं। जिला मुख्यालय होने के कारण यहां तमाम आला अफसर बैठते हैं और रात में वे भी घरों से बाहर निकलते हैं, लेकिन अंधेरी सड़कों पर प्रकाश के लिए कोई इंतजाम नहीं किया जाता।
गुरुग्राम-अलवर मार्ग, पलवल टी प्वाइंट से जिला सचिवालय, अड़बर चौक से शहीदी पार्क तक स्ट्रीट लाइटें लगी हैं, लेकिन ये जलती नहीं। इनके लगातार बंद रहने से साफ है कि इनके नाम नगरपालिका अधिकारियों को जनता की समस्या से कोई सरोकार नहीं है। उनकी अनदेखी के कारण रात के समय सड़कों पर निकलने वाले लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
सर्दी और कोहरे के मौसम में तो शाम होते ही शहर की सड़कों पर अंधेरा छाने लगता है। मुख्य मार्गों ही नहीं, बल्कि गलियों में भी अधिकतर स्ट्रीट लाइट खराब हैं। इस कारण दिन ढलने के बाद बेहद जरूरी काम होने पर ही लोग घर से निकलते हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस बारे में कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन समस्या का समाधान अब तक नहीं हुआ। रात में पैदल चलने वालों को हर पल अंधेरे के कारण सड़कों पर बने गड्ढों में गिरने की आशंका रहती है। ऐसा नहीं कि पोल पर बल्ब नहीं है, बल्कि पोल जंग लगे होने के कारण कई जगह गिरने के कगार पर हैं। लोगों ने पालिका और प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि समस्या का समाधान कर राहत दी जाए।
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चोरी-लूट की वारदात में हो रहा इजाफा
शहर में रात के समय अंधेरा छाए रहने से चोरी की वारदात भी बढ़ रही हैं। जिला प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। यही नहीं, सड़कों पर अंधेरा रहने के कारण लुटेरों का हौसला भी बढ़ा हुआ है। रात में अकेले निकलने वालों से हथियारों के बल पर नकदी और मोबाइल आदि लूट लेते हैं।
नगरपालिका का उदासीन रवैया
शहर के लोग गांवों से भी बदतर जिंदगी जी रहे हैं। स्ट्रीट लाइटों की समस्या से लोग नगर पालिका के अधिकारियों को लगातार अवगत कराते हैं, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जाता। नगर पालिका की इस कोताही से लोग तमाम समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
स्ट्रीट लाइट शहर की मुख्य समस्या है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। सड़कों पर अंधेरा रहने से लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं।
- ताहिर हुसैन रूपाड़िया, अधिवक्ता
पालिका प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण शहर में समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। कई बार शिकायत करने पर भी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
- एडवोकेट मंसूर अली।
निश्चित ही जन सुविधाओें के प्रति प्रशासन का रवैया निराशा करने वाला है। कई बार मुख्य मार्गों पर चोरी और लूट की वारदात हुई हैं, बावजूद इसके स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त नहीं करवाय जा रहा।
- कमल गोयल पार्षद, नूंह
शिकायत करने के बाद भी समस्याओं का कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी लोगों की सुविधा के लिए आई राशि हर माह हजम कर जाते हैं।
- लाजपत राय, स्थानीय निवासी
इस समस्या के बारे में अभी पता चला है। इस बारे में जानकारी लेकर समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा।
- संजीव कुमार, एसडीएम नूंह।
शहर की यह समस्या जायज है इस बारे में जानकारी ली जाएगी। शहर को अंधेरे में नहीं रहने दिया जाएगा। इस समस्या का प्राथमिकता के साथ समाधान कराया जाएगा।
डॉ मुनीष नागपाल, जिला पालिका आयुक्त एवं अतिरिक्त उपायुक्त नूंह।
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नूंह। वर्ष 2005 में नूंह जिला बनने के बाद लोगों में शहर के आधारभूत ढांचे के सुधार की उम्मीद जगी थी, लेकिन वह 15 वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। आज भी शहर के लोग कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। स्ट्रीट लाइटें तो बस दिखावे के लिए ही लगी हैं। जिला मुख्यालय होने के कारण यहां तमाम आला अफसर बैठते हैं और रात में वे भी घरों से बाहर निकलते हैं, लेकिन अंधेरी सड़कों पर प्रकाश के लिए कोई इंतजाम नहीं किया जाता।
गुरुग्राम-अलवर मार्ग, पलवल टी प्वाइंट से जिला सचिवालय, अड़बर चौक से शहीदी पार्क तक स्ट्रीट लाइटें लगी हैं, लेकिन ये जलती नहीं। इनके लगातार बंद रहने से साफ है कि इनके नाम नगरपालिका अधिकारियों को जनता की समस्या से कोई सरोकार नहीं है। उनकी अनदेखी के कारण रात के समय सड़कों पर निकलने वाले लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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सर्दी और कोहरे के मौसम में तो शाम होते ही शहर की सड़कों पर अंधेरा छाने लगता है। मुख्य मार्गों ही नहीं, बल्कि गलियों में भी अधिकतर स्ट्रीट लाइट खराब हैं। इस कारण दिन ढलने के बाद बेहद जरूरी काम होने पर ही लोग घर से निकलते हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस बारे में कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन समस्या का समाधान अब तक नहीं हुआ। रात में पैदल चलने वालों को हर पल अंधेरे के कारण सड़कों पर बने गड्ढों में गिरने की आशंका रहती है। ऐसा नहीं कि पोल पर बल्ब नहीं है, बल्कि पोल जंग लगे होने के कारण कई जगह गिरने के कगार पर हैं। लोगों ने पालिका और प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि समस्या का समाधान कर राहत दी जाए।
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चोरी-लूट की वारदात में हो रहा इजाफा
शहर में रात के समय अंधेरा छाए रहने से चोरी की वारदात भी बढ़ रही हैं। जिला प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। यही नहीं, सड़कों पर अंधेरा रहने के कारण लुटेरों का हौसला भी बढ़ा हुआ है। रात में अकेले निकलने वालों से हथियारों के बल पर नकदी और मोबाइल आदि लूट लेते हैं।
नगरपालिका का उदासीन रवैया
शहर के लोग गांवों से भी बदतर जिंदगी जी रहे हैं। स्ट्रीट लाइटों की समस्या से लोग नगर पालिका के अधिकारियों को लगातार अवगत कराते हैं, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जाता। नगर पालिका की इस कोताही से लोग तमाम समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
स्ट्रीट लाइट शहर की मुख्य समस्या है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। सड़कों पर अंधेरा रहने से लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं।
- ताहिर हुसैन रूपाड़िया, अधिवक्ता
पालिका प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण शहर में समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। कई बार शिकायत करने पर भी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
- एडवोकेट मंसूर अली।
निश्चित ही जन सुविधाओें के प्रति प्रशासन का रवैया निराशा करने वाला है। कई बार मुख्य मार्गों पर चोरी और लूट की वारदात हुई हैं, बावजूद इसके स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त नहीं करवाय जा रहा।
- कमल गोयल पार्षद, नूंह
शिकायत करने के बाद भी समस्याओं का कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी लोगों की सुविधा के लिए आई राशि हर माह हजम कर जाते हैं।
- लाजपत राय, स्थानीय निवासी
इस समस्या के बारे में अभी पता चला है। इस बारे में जानकारी लेकर समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा।
- संजीव कुमार, एसडीएम नूंह।
शहर की यह समस्या जायज है इस बारे में जानकारी ली जाएगी। शहर को अंधेरे में नहीं रहने दिया जाएगा। इस समस्या का प्राथमिकता के साथ समाधान कराया जाएगा।
डॉ मुनीष नागपाल, जिला पालिका आयुक्त एवं अतिरिक्त उपायुक्त नूंह।