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Noida News: एयरपोर्ट पर जहाज उतरने में अभी देर, भूूमाफिया ने पहले ही किया लैंड

Thu, 31 Aug 2023 12:57 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 31 Aug 2023 12:57 AM IST
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still delay in landing the plane at the airport
एयरपोर्ट पर जहाज उतरने में अभी देर, भूूमाफिया ने पहले ही किया लैंड
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किसानों का आरोप-मूल्यांकन टीम की मिलीभगत से एयरपोर्ट की भूमि पर खड़ी हो रहीं इमारतें, अधिकारी बोले - कराई जा रही जांच

संवाद न्यूज एजेंसी

ग्रेटर नोएडा/जेवर। नोएडा हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए जेवर के छह गांवों की अधिग्रहित की जा रही भूमि पर मूल्यांकन टीम का खेल शुरू हो गया है। अधिकारियों की टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर यहां इमारतें बनवानी शुरू कर दी हैं, जिससे परिसंपत्तियों का मुआवजा दिलाया जा सके। इसमें कुछ प्रशासनिक अधिकारी और मूल्यांकन टीम के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। यह आरोप जेवर क्षेत्र के स्थानीय किसानों ने लगाया है।
विस्थापन में आने वाले कुरैम, नगला हुकम सिंह और रन्हेरा गांव के किसानों ने उपजिलाधिकारी के समक्ष शिकायत देकर आरोप लगाया कि मूल्यांकन टीम ने पांच हजार रुपये मीटर तक में सौदा किया और नए निर्माण को पुराना दिखाते के लिए दो से तीन हजार रुपये मीटर लेकर मूल्यांकन भी किया जा रहा है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है।
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दूसरे चरण के लिए जेवर तहसील स्थित छह गांव नगला हुकमसिंह, कुरैब,नगला जहानू, नगला भामला व रन्हेरा का विस्थापन होना है। इन गांवों की 1181 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। अधिग्रहण के दौरान गांव के किसानों को उनके मकानों (घर व अहाते आदि) का मूल्यांकन करते हुए परिसंपत्तियों का मुआवजा, आबादी का 50 प्रतिशत या न्यूनतम 50 मीटर का प्लाॅट विकसित टाउनशिप में दिया जाएगा। इन परिसंपत्तियों का मूल्यांकन करने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों की टीम लगी हुई है।
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आराेप है कि टीम किसानों के साथ मिलीभगत कर कृषि भूमि पर इमारतें बनवा रही है। इसमें परिसंपत्तियों का मुआवजा में अधिकारी-कर्मचारियों ने 40 से 60 फीसदी का हिस्सा तय कर लिया है। इस तरह का मामला पहले विस्थापन हुए गांवों में भी किया जा चुका है, मगर अब कुछ बाहरी लोगों के साथ हवाई अड्डे की जमीन पर भी इमारतें खड़ी कराकर एयरपोर्ट के काम में बांधा पहुंचाई जा रही है। कुछ किसान कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।
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पहले और दूसरे फेज में भी हुई धांधली

दिल्ली-एनसीआर के अलावा प्रॉपर्टी डीलरों केेेे माध्यम से लोगों को जैसे ही भनक लगी कि जेवर के छह गांव की जमीन का अधिग्रहण दूसरे फेज के लिए किया जाना है। इसके बाद से लोगों ने 10 मीटर से लेकर 50 मीटर तक के हजारों बैनामे करा लिए। नियम के मुताबिक 10 मीटर जमीन का मालिक हो या 10 बीघा का मालिक सभी को 5.50 लाख का मुआवजा देना ही पड़ता है। ऐसे में 10 से 100 मीटर जमीन वाले किसान नौकरी के बदले 5.50 लाख रुपये मिलेंगे।

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महंगी हुई भवन निर्माण सामग्री
एयरपोर्ट क्षेत्र में निर्माण की वजह से भवन निर्माण सामग्री महंगी हो गई है। एयरपोर्ट के विस्थापित गांव में ईंटों की सप्लाई अलीगढ़ और मथुरा से हो रही है। आसपास के भट्टों पर ईंट नहीं मिल पा रही है। इन क्षेत्रों में निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ईंट के दाम पांच हजार रुपये प्रति हजार के आसपास थे, मगर वर्तमान में यह भाव आठ हजार रुपये प्रति हजार हो गए हैं।
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