{"_id":"640a3d34d9cf33dc0b025114","slug":"sports-city-survey-will-be-done-in-a-month-roadmap-will-be-made-later-noida-news-c-1-gnd1002-331769-2023-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: स्पोर्ट्स सिटी-एक माह में होगा सर्वे, बाद में बनेगा रोडमैप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: स्पोर्ट्स सिटी-एक माह में होगा सर्वे, बाद में बनेगा रोडमैप
विज्ञापन
स्पोर्ट्स सिटी-एक माह में होगा सर्वे, बाद में बनेगा रोडमैप
- स्पोर्ट्स सिटी परियोजना को उबारने के लिए सलाहकार एजेंसी करेगी काम
- 15 हजार फ्लैट खरीदार फंसे हैं इस योजना में
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की स्पोर्ट्स सिटी परियोजना को उबारने के लिए सलाहकार एजेंसी काम करेगी। एजेंसी अगले एक माह सर्वे कर परियोजना का काम पूरा कराने के लिए रोडमैप तैयार करेगी। जिसके आधार पर काम होगा। शहर के सेक्टर -78, 79, 101, 150, 152 की स्पोर्ट्स सिटी परियोजना का काम अधूरा पड़ा है। यहां करीब 15 हजार फ्लैट खरीदारों ने बुकिंग कराई थी। इसमें करीब 10 हजार खरीदारों को फ्लैट का कब्जा भी मिल गया। लेकिन उनकी रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। प्राधिकरण ने नियम के तहत उनकी रजिस्ट्री रोक दी। प्राधिकरण के मुताबिक बिल्डर जब तक यहां खेल सुविधाएं विकसित नहीं करता है तब तक रजिस्ट्री नहीं हो पाएगी।
स्पोर्ट्स सिटी के बिल्डरों को भेजा जाना है नोटिस
प्राधिकरण की ओर से ऐसे बिल्डरों को नोटिस भेजे जाएंगे। नोटिस में बकाये की वसूली के लिए सुविधाएं विकसित करने को कहा जाएगा। इस बाबत सीईओ रितु माहेश्वरी ने आदेश जारी किया है। यहां दरअसल, चार-पांच बड़े बिल्डरों को स्पोटर्स सिटी के लिए जमीन दी गई थी। उन बिल्डरों ने प्लॉट को तोड़कर करीब 45 भाग में किया और अलग-अलग बिल्डरों को जमीन बेच दी। जबकि नियम के मुताबिक इस तरह की परियोजना के 70 प्रतिशत भाग में खेल सुविधाएं विकसित करनी थी। बाकी बचे हुए 30 प्रतिशत भाग में आवासीय के अलावा वाणिज्यिक और अन्य संसाधन विकसित करने थे।
35 हजार से ज्यादा बनने हैं फ्लैट
परियोजना में करीब 35 हजार से ज्यादा फ्लैट बनने थे, जिनमें 15 हजार फ्लैट बिक भी चुके हैं। पिछले वर्ष कुछ बिल्डरों ने इस परियोजना को उबारने के लिए प्राधिकरण में प्रस्ताव दिया था। लेकिन उस प्रस्ताव पर अमल नहीं हो पाया। यही वजह है कि प्राधिकरण की ओर से इस मामले में गंभीरता के साथ कदम बढ़ाया जा रहा है ताकि खेल सुविधाएं विकसित हों। प्राधिकरण का बकाया मिले और फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
- स्पोर्ट्स सिटी परियोजना को उबारने के लिए सलाहकार एजेंसी करेगी काम
- 15 हजार फ्लैट खरीदार फंसे हैं इस योजना में
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की स्पोर्ट्स सिटी परियोजना को उबारने के लिए सलाहकार एजेंसी काम करेगी। एजेंसी अगले एक माह सर्वे कर परियोजना का काम पूरा कराने के लिए रोडमैप तैयार करेगी। जिसके आधार पर काम होगा। शहर के सेक्टर -78, 79, 101, 150, 152 की स्पोर्ट्स सिटी परियोजना का काम अधूरा पड़ा है। यहां करीब 15 हजार फ्लैट खरीदारों ने बुकिंग कराई थी। इसमें करीब 10 हजार खरीदारों को फ्लैट का कब्जा भी मिल गया। लेकिन उनकी रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। प्राधिकरण ने नियम के तहत उनकी रजिस्ट्री रोक दी। प्राधिकरण के मुताबिक बिल्डर जब तक यहां खेल सुविधाएं विकसित नहीं करता है तब तक रजिस्ट्री नहीं हो पाएगी।
स्पोर्ट्स सिटी के बिल्डरों को भेजा जाना है नोटिस
प्राधिकरण की ओर से ऐसे बिल्डरों को नोटिस भेजे जाएंगे। नोटिस में बकाये की वसूली के लिए सुविधाएं विकसित करने को कहा जाएगा। इस बाबत सीईओ रितु माहेश्वरी ने आदेश जारी किया है। यहां दरअसल, चार-पांच बड़े बिल्डरों को स्पोटर्स सिटी के लिए जमीन दी गई थी। उन बिल्डरों ने प्लॉट को तोड़कर करीब 45 भाग में किया और अलग-अलग बिल्डरों को जमीन बेच दी। जबकि नियम के मुताबिक इस तरह की परियोजना के 70 प्रतिशत भाग में खेल सुविधाएं विकसित करनी थी। बाकी बचे हुए 30 प्रतिशत भाग में आवासीय के अलावा वाणिज्यिक और अन्य संसाधन विकसित करने थे।
विज्ञापन
35 हजार से ज्यादा बनने हैं फ्लैट
परियोजना में करीब 35 हजार से ज्यादा फ्लैट बनने थे, जिनमें 15 हजार फ्लैट बिक भी चुके हैं। पिछले वर्ष कुछ बिल्डरों ने इस परियोजना को उबारने के लिए प्राधिकरण में प्रस्ताव दिया था। लेकिन उस प्रस्ताव पर अमल नहीं हो पाया। यही वजह है कि प्राधिकरण की ओर से इस मामले में गंभीरता के साथ कदम बढ़ाया जा रहा है ताकि खेल सुविधाएं विकसित हों। प्राधिकरण का बकाया मिले और फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री हो सके।
विज्ञापन