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Noida News: ट्विन टावर प्रकरण में भ्रष्टाचार की जांच करेंगे सौम्य श्रीवास्तव
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ट्विन टावर प्रकरण में भ्रष्टाचार की जांच करेंगे सौम्य श्रीवास्तव
- पूर्व एसीईओ प्रवीण मिश्रा के स्थानांतरण के बाद से लंबित पड़ी थी जांच
- प्राधिकरण के कई अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ चली रही है जांच
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सुपरटेक ट्विन टावर मामले में नोएडा प्राधिकरण स्तर पर कार्यरत रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच एक बार फिर से तेज हो सकती है। पूर्व में नियुक्त किए गए जांच अधिकारी प्रवीण मिश्रा का स्थानांतरण होने के बाद से जांच लंबित पड़ी थी। अब शासन ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी सौम्य श्रीवास्तव को जांच अधिकारी बनाया है।
करीब छह महीने पहले नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ प्रवीण मिश्रा का तबादला हो जाने के बाद से मामले में जांच का काम अटक गया था। सुपरटेक बिल्डर द्वारा निर्मित ट्विन टावर 28 अगस्त 2022 को ध्वस्त किए जा चुके हैं। इससे पहले वर्ष 2021 में उच्चतम न्यायालय ने इसके निर्माण में हुए भ्रष्टाचार के मामले में नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के खिलाफ सख्त टिप्पणी की थी। न्यायालय के आदेश पर नोएडा प्राधिकरण के नियोजन विभाग की शिकायत पर लखनऊ विजिलेंस में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
इस मामले में नोएडा प्राधिकरण के तत्कालीन चेयरमैन मोहिंदर सिंह समेत करीब 24 अधिकारियों पर मामला दर्ज हुआ था। इनके अलावा सुपरटेक बिल्डर कंपनी के अधिकारियों पर केस दर्ज हुआ। साथ ही नोएडा प्राधिकरण की सेवाओं में कार्यरत रहे अधिकारियों की विभागीय जांच के लिए शासन की ओर से एसीईओ प्रवीण मिश्रा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। उन्होंने प्राधिकरण सेवा में कार्यरत करीब 12 अधिकारियों को आरोप पत्र जारी किए थे। इनमें से 3-4 अधिकारियों ने आरोप पत्र का जवाब नहीं देते हुए अतिरिक्त समय मांगा था। इसी प्रक्रिया के बीच 30 सितंबर 2022 को एसीईओ का तबादला हो गया था। तभी से इस मामले की जांच लंबित पड़ी हुई थी।
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- पूर्व एसीईओ प्रवीण मिश्रा के स्थानांतरण के बाद से लंबित पड़ी थी जांच
- प्राधिकरण के कई अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ चली रही है जांच
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सुपरटेक ट्विन टावर मामले में नोएडा प्राधिकरण स्तर पर कार्यरत रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच एक बार फिर से तेज हो सकती है। पूर्व में नियुक्त किए गए जांच अधिकारी प्रवीण मिश्रा का स्थानांतरण होने के बाद से जांच लंबित पड़ी थी। अब शासन ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी सौम्य श्रीवास्तव को जांच अधिकारी बनाया है।
करीब छह महीने पहले नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ प्रवीण मिश्रा का तबादला हो जाने के बाद से मामले में जांच का काम अटक गया था। सुपरटेक बिल्डर द्वारा निर्मित ट्विन टावर 28 अगस्त 2022 को ध्वस्त किए जा चुके हैं। इससे पहले वर्ष 2021 में उच्चतम न्यायालय ने इसके निर्माण में हुए भ्रष्टाचार के मामले में नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के खिलाफ सख्त टिप्पणी की थी। न्यायालय के आदेश पर नोएडा प्राधिकरण के नियोजन विभाग की शिकायत पर लखनऊ विजिलेंस में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
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इस मामले में नोएडा प्राधिकरण के तत्कालीन चेयरमैन मोहिंदर सिंह समेत करीब 24 अधिकारियों पर मामला दर्ज हुआ था। इनके अलावा सुपरटेक बिल्डर कंपनी के अधिकारियों पर केस दर्ज हुआ। साथ ही नोएडा प्राधिकरण की सेवाओं में कार्यरत रहे अधिकारियों की विभागीय जांच के लिए शासन की ओर से एसीईओ प्रवीण मिश्रा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। उन्होंने प्राधिकरण सेवा में कार्यरत करीब 12 अधिकारियों को आरोप पत्र जारी किए थे। इनमें से 3-4 अधिकारियों ने आरोप पत्र का जवाब नहीं देते हुए अतिरिक्त समय मांगा था। इसी प्रक्रिया के बीच 30 सितंबर 2022 को एसीईओ का तबादला हो गया था। तभी से इस मामले की जांच लंबित पड़ी हुई थी।
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