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Noida News: रेलवे के पूर्व जीएम को डिजिटल अरेस्ट कर ठगने वाले छह दबोचे
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नोएडा साइबर क्राइम थाने की टीम ने राजस्थान के सीकर से सभी आरोपियों को किया गिरफ्तार
विदेश जा रहे पार्सल में ड्रग्स होने के नाम पर डराकर पैसे वसूले थे
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73 डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं देशभर में कीं
52.50 लाख ठगे थे रेलवे के पूर्व जीएम से
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। रेलवे के पूर्व जीएम को डिजिटल अरेस्ट कर 52.50 लाख रुपये ठगने वाले 6 साइबर ठगों को नोएडा साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने सीकर, राजस्थान से गिरफ्तार किया है। जालसाजों ने विदेश जा रहे पार्सल में ड्रग्स होने के नाम पर पूर्व जीएम को डराया था और स्काइप कॉल कर रुपये वसूले थे। प्राथमिक जांच में पता चला है कि गिरोह ने देशभर में 73 लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर ठगा है। पुलिस ने इनके पास से सात मोबाइल और एक कार बरामद की है।
साइबर सेल के एसीपी विवेक रंजन राय ने बताया कि साइबर क्राइम थाने के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शनिवार को किशन, लखन, महेंद्र, संजय शर्मा, प्रवीण जांगीड़ और शंभू दयाल को गिरफ्तार किया। सभी राजस्थान के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। आरोपियों ने मई में नोएडा निवासी रेलवे के पूर्व जीएम प्रमोद कुमार को डिजिटल अरेस्ट कर ठगा था। पूछताछ में पता चला कि आरोपी व्हाट्सएप व स्काइप कॉल कर लोगों से बात करते थे और विदेश जा रहे पार्सल में ड्रग्स होने की बात कहकर मुंबई क्राइम ब्रांच की ओर से पकड़े जाने का डर दिखाते थे। इसके बाद डिजिटल अरेस्ट कर लाखों रुपये फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। फिर रकम निकालकर बांट लेते थे। प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपियों ने 73 वारदात अंजाम दी हैं। इनमें केरल, राजस्थान, तमिलनाडु व तेलंगाना में चार, महाराष्ट्र में 13, मध्यप्रदेश, बिहार, दिल्ली व गुजरात में 3, कर्नाटक में 10, आंध्र प्रदेश में आठ, यूपी में 7 घटनाएं की हैं। पुलिस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
ऐसे देते थे वारदात अंजाम
पुलिस के अनुसार, पीड़ित को फोन कर जालसाज कहते थे कि एक पार्सल उसकी आईडी से विदेश भेजा जा रहा था जिसे कस्टम ने पकड़ लिया है। इसमें अवैध मादक पदार्थ एमडीएमए व पासपोर्ट, क्रेडिट कार्ड और बड़े पैमाने पर पैसे का लेनदेन पाया गया है जो मनी लाड्रिंग के अंतर्गत आता है। इसकी जांच मुंबई क्राइम ब्रांच, आरबीआई व अन्य एजेंसियां कर रही हैं। इसके बाद पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट कर उसके पैसों व बैंक खातों की जांच को गोपनीय बताकर लाखों रुपये ठग लिए जाते थे।
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स्काइप कॉल करते थे
साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार का कहना है कि जालसाज पहले बैंक खातों का डाटा थर्ड पार्टी से लेते थे। इसके बाद चिन्हित कर किसी बैंक धारक को व्हाट्स एप कॉल या स्काइप कॉल करते थे। ठग क्राइम ब्रांच व बैंक अधिकारी बनकर बात करते थे और पुलिस के सायरन की आवाज पीछे से बजाते थे। इसके बाद क्राइम ब्रांच व बैंक अधिकारी की फर्जी आइडी बनाकर मोबाइल पर भेजकर पीड़ित को विश्वास दिलाते थे कि उसकी सही जांच हो रही है।
फिजियोथेरेपिस्ट है सरगना
साइबर क्राइम थाने की प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपियों ने विभिन्न राज्यों में 73 लोगों को ठगा है। आरोपियों के मोबाइल व खातों का इस्तेमाल किया गया। वहीं, गिरोह का सरगना किशन फिजियोथेरेपिस्ट है। आरोपी फिजियोथेरेपिस्ट बनने के बाद से ही साइबर ठगी में लिप्त हो गया था।
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गिरफ्तार आरोपी
- किशन (23) निवासी राजपुरा थाना लोसल जिला सीकर राजस्थान
- लखन (23) निवासी ग्राम लाडनूं थाना लाडनूं जिला डीडवाना राजस्थान
- महेंद्र (23) ग्राम लाडनूं थाना लाडनूं जिला डीडवाना
- संजय शर्मा (32) निवासी ग्राम लाडनूं थाना लाडनूं जिला डीडवाना
- शंभू दयाल (41) निवासी निम्बी जोधा थाना-लाडनूं जिला डीडवाना
- प्रवीण जागींड (31) निवासी एस-3 श्री श्याम रेजिडेंसी नियर गोरस भंडार मुरलीपुरा थाना मुरलीपुरा, जयपुर
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विदेश जा रहे पार्सल में ड्रग्स होने के नाम पर डराकर पैसे वसूले थे
73 डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं देशभर में कीं
52.50 लाख ठगे थे रेलवे के पूर्व जीएम से
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। रेलवे के पूर्व जीएम को डिजिटल अरेस्ट कर 52.50 लाख रुपये ठगने वाले 6 साइबर ठगों को नोएडा साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने सीकर, राजस्थान से गिरफ्तार किया है। जालसाजों ने विदेश जा रहे पार्सल में ड्रग्स होने के नाम पर पूर्व जीएम को डराया था और स्काइप कॉल कर रुपये वसूले थे। प्राथमिक जांच में पता चला है कि गिरोह ने देशभर में 73 लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर ठगा है। पुलिस ने इनके पास से सात मोबाइल और एक कार बरामद की है।
साइबर सेल के एसीपी विवेक रंजन राय ने बताया कि साइबर क्राइम थाने के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शनिवार को किशन, लखन, महेंद्र, संजय शर्मा, प्रवीण जांगीड़ और शंभू दयाल को गिरफ्तार किया। सभी राजस्थान के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। आरोपियों ने मई में नोएडा निवासी रेलवे के पूर्व जीएम प्रमोद कुमार को डिजिटल अरेस्ट कर ठगा था। पूछताछ में पता चला कि आरोपी व्हाट्सएप व स्काइप कॉल कर लोगों से बात करते थे और विदेश जा रहे पार्सल में ड्रग्स होने की बात कहकर मुंबई क्राइम ब्रांच की ओर से पकड़े जाने का डर दिखाते थे। इसके बाद डिजिटल अरेस्ट कर लाखों रुपये फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। फिर रकम निकालकर बांट लेते थे। प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपियों ने 73 वारदात अंजाम दी हैं। इनमें केरल, राजस्थान, तमिलनाडु व तेलंगाना में चार, महाराष्ट्र में 13, मध्यप्रदेश, बिहार, दिल्ली व गुजरात में 3, कर्नाटक में 10, आंध्र प्रदेश में आठ, यूपी में 7 घटनाएं की हैं। पुलिस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
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ऐसे देते थे वारदात अंजाम
पुलिस के अनुसार, पीड़ित को फोन कर जालसाज कहते थे कि एक पार्सल उसकी आईडी से विदेश भेजा जा रहा था जिसे कस्टम ने पकड़ लिया है। इसमें अवैध मादक पदार्थ एमडीएमए व पासपोर्ट, क्रेडिट कार्ड और बड़े पैमाने पर पैसे का लेनदेन पाया गया है जो मनी लाड्रिंग के अंतर्गत आता है। इसकी जांच मुंबई क्राइम ब्रांच, आरबीआई व अन्य एजेंसियां कर रही हैं। इसके बाद पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट कर उसके पैसों व बैंक खातों की जांच को गोपनीय बताकर लाखों रुपये ठग लिए जाते थे।
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स्काइप कॉल करते थे
साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार का कहना है कि जालसाज पहले बैंक खातों का डाटा थर्ड पार्टी से लेते थे। इसके बाद चिन्हित कर किसी बैंक धारक को व्हाट्स एप कॉल या स्काइप कॉल करते थे। ठग क्राइम ब्रांच व बैंक अधिकारी बनकर बात करते थे और पुलिस के सायरन की आवाज पीछे से बजाते थे। इसके बाद क्राइम ब्रांच व बैंक अधिकारी की फर्जी आइडी बनाकर मोबाइल पर भेजकर पीड़ित को विश्वास दिलाते थे कि उसकी सही जांच हो रही है।
फिजियोथेरेपिस्ट है सरगना
साइबर क्राइम थाने की प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपियों ने विभिन्न राज्यों में 73 लोगों को ठगा है। आरोपियों के मोबाइल व खातों का इस्तेमाल किया गया। वहीं, गिरोह का सरगना किशन फिजियोथेरेपिस्ट है। आरोपी फिजियोथेरेपिस्ट बनने के बाद से ही साइबर ठगी में लिप्त हो गया था।
गिरफ्तार आरोपी
- किशन (23) निवासी राजपुरा थाना लोसल जिला सीकर राजस्थान
- लखन (23) निवासी ग्राम लाडनूं थाना लाडनूं जिला डीडवाना राजस्थान
- महेंद्र (23) ग्राम लाडनूं थाना लाडनूं जिला डीडवाना
- संजय शर्मा (32) निवासी ग्राम लाडनूं थाना लाडनूं जिला डीडवाना
- शंभू दयाल (41) निवासी निम्बी जोधा थाना-लाडनूं जिला डीडवाना
- प्रवीण जागींड (31) निवासी एस-3 श्री श्याम रेजिडेंसी नियर गोरस भंडार मुरलीपुरा थाना मुरलीपुरा, जयपुर