फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Signify device will become the voice of the deaf and dumb

मूक बधिरों की आवाज बनेगी सिग्निफाई डिवाइस: साइन लैंग्वेज को ऑडियो में बदलता; जानें इस AI आधारित मशीन की खासियत

Thu, 26 Sep 2024 10:15 AM IST
विजय पुंडीर अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: विजय पुंडीर Updated Thu, 26 Sep 2024 10:15 AM IST
सार

अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मेरठ के बीटेक तृतीय के छात्र हर्ष चौहान ने बताया कि डिवाइस के निर्माण के लिए उन्होंने 2.5 लाख रुपये का निवेश किया। एक उपकरण बनाने की लागत लगभग 15,000 रुपये है। उन्होंने दावा किया कि ऐसी डिवाइस देश में अभी तक नहीं बनी है।

विज्ञापन
Signify device will become the voice of the deaf and dumb
डिवाइस की जानकारी देते हर्ष चौहान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मेरठ के बीटेक तृतीय के छात्र हर्ष चौहान ने ऐसी डिवाइस के साथ पहुंचे हैं जो मूक बधिरों के लिए संवाद आसान बनाएगी। एआई आधारित मशीन सिग्निफाई डिवाइस की मदद से मूक बधिर लोगों से आसानी से संवाद कर पाएंगे। उन्हें लोगों की भाषा समझने में परेशानी नहीं होगी।

विज्ञापन


हर्ष ने बताया कि करीब दो साल पहले वह दिल्ली मेट्रो से यात्रा कर रहे थे। उन्होंने देखा कि दो मूक बधिर संकेत की भाषा में बात कर रहे थे। लेकिन पुलिस वालों को उन पर संदेह हो गया। जबकि वह सिर्फ आपस में बातचीत करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने सोचा कि लाखों लोगों को इस प्रकार की समस्या से प्रतिदिन जूझना पड़ता होगा। घर लौटने के बाद से उन्होंने इस विषय पर जानकारी जुटानी शुरू कर दी।

विज्ञापन

उन्होंने मूक बधिरों के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों के साथ बातचीत के बाद सिग्निफाई डिवाइस बनाई। यह उपकरण गूंगे-बहरे लोगों के लिए विकसित किया गया है। हर्ष ने बताया कि सिग्निफाई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एवं मशीन लर्निंग (एमएल) तकनीक का प्रयोग किया गया है। यह यूजर साइन लैंग्वेज (सांकेतिक भाषा) को ऑडियो में बदल सामने वाले व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाता है।

यह डिवाइस न केवल साइन लैंग्वेज को ऑडियो में बदलता है बल्कि यह संवाद की बाधाओं को दूर कर दिव्यांगों को सामाजिक संवाद में सक्रिय भागीदार बनाने में मदद करता है। सिग्निफाई के लिए हर्ष को एकेटीयू इनोवेशन अवार्ड भी मिला है।

विज्ञापन

बेस्ट स्टार्टअप अवॉर्ड जीता
हर्ष ने बताया कि डिवाइस के निर्माण के लिए उन्होंने 2.5 लाख रुपये का निवेश किया। एक उपकरण बनाने की लागत लगभग 15,000 रुपये है। उन्होंने कहा कि सिग्निफाई का थोक उत्पादन शुरू करने के बाद इसकी कीमत 5,000 रुपये प्रति यूनिट तक कम हो सकती है।

उन्होंने दावा किया कि ऐसी डिवाइस देश में अभी तक नहीं बनी है। उन्होंने पेटेंट लेने के लिए आवेदन कर दिया है। हाल ही में उन्हें राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने बेस्ट स्टार्टअप अवॉर्ड से नवाजा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed