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Noida News: शंकराचार्य ने किया श्रीरामचरितमानस के हिंदी स्वरूप का विमोचन
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कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा - श्रीरामचरितमानस हमारे संस्कारों का समावेश
शंकराचार्य ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा- अब खड़ी बोली में होगी श्रीराम की महिमा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
तुलसीदासजी और उनके राम यदि देश के प्रत्येक जन मानस के हृदय में निवास करते हैं, तो इसका प्रमुख कारण गोस्वामी तुलसीदास की लोक भाषा पर पकड़ है। उनके द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस शब्दों छंदों का समावेश भर नहीं, हमारे संस्कारों का समावेश है। मंगलवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित एक समारोह में यह बातें कहीं। मौका था जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती द्वारा तुलसीकृत श्रीरामचरितमानस के खड़ी बोली में रूपांतरण का।
कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने उम्मीद जताई कि श्रीरामचरितमानस का धीरज भटनागर द्वारा किया गया हिंदी में काव्य रुपांतरण भी जन मानस तक तेजी से प्रसिद्ध होगा। युवाओं और हिंदी भाषा से जुड़े लोगों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भटनाागर का काम इसलिए भी अहम है क्योंकि उन्होंने प्रशासनिक सेवा में बेशक बहुत वक्त बिताया है, लेकिन कोविड महामारी के दौरान उनका यह काम तीन साल की कठिन तपस्या के बाद सफल हो सका है। समारोह मे संजय कुमार और उनकी टीम की तरफ से संगीतबद्ध और कपिल शर्मा व सुरेश वाडकर की आवाज में सुंदर कांड के पाठ का भी विमोचन किया गया। डॉ. धीरज भटनागर ने कहा कि पिछले 500 साल से लोग रामचरितमानस रूपी अमृत का पान करते आए हैं। कोविड काल में उन्हें अहसास हुआ कि इसका हिंदी अनुवाद करने के लिए इसमें डुबकी लगानी होगी। बिना राम कृपा के ये संभव नहीं था।
राजनाथ सिंह ने कहा कि रामचरितमानस की रचना कर तुलसीदासजी ने देश को एक सूत्र में पिरो दिया। वहीं आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का कद, सम्मान दुनिया में इस कदर बढ़ा है कि भारत कुछ बोलता है तो दुनिया कान खोलकर सुनती है। क्योंकि श्रीराम जी हमारे संस्कार हैं, वह जो कहते हैं वह करते हैं, उनकी कथनी करनी में कोई अंतर नहीं होता। विश्वसनीयता के संकट को चुनौती के रूप में लेने का संकल्प देश की हर राजनीतिक पार्टियों को लेना चाहिए। भाजपा इस मार्ग पर ही चलती है।
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मील का पत्थर होगा साबित:
अनुराग ठाकुर ने कहा कि डॉ. धीरज भटनागर का यह काम समाज को मजबूती से एकजुट करने में फिर से मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान देश के मुख्यमंत्रियों को सद्बुद्धि दें, ममता दीदी थोड़ी ममता राम भक्तों पर भी दिखाएं। ठाकुर ने कहा कि राम भक्तों ने नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनाया, इसी साल राम मंदिर बन जाएगा, इसके उद्घाटन में उन्होंने सभी को आमंत्रित किया। यहां विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार, जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी, स्वामी जितेन्द्रानंद महाराज, रवीन्द्र पुरी महाराज, संजय सेदपुरिया, विहिप से दिनेश चंद्र, कपिल खन्ना आदि भी मौजूद रहे।
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शंकराचार्य ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा- अब खड़ी बोली में होगी श्रीराम की महिमा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
तुलसीदासजी और उनके राम यदि देश के प्रत्येक जन मानस के हृदय में निवास करते हैं, तो इसका प्रमुख कारण गोस्वामी तुलसीदास की लोक भाषा पर पकड़ है। उनके द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस शब्दों छंदों का समावेश भर नहीं, हमारे संस्कारों का समावेश है। मंगलवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित एक समारोह में यह बातें कहीं। मौका था जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती द्वारा तुलसीकृत श्रीरामचरितमानस के खड़ी बोली में रूपांतरण का।
कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने उम्मीद जताई कि श्रीरामचरितमानस का धीरज भटनागर द्वारा किया गया हिंदी में काव्य रुपांतरण भी जन मानस तक तेजी से प्रसिद्ध होगा। युवाओं और हिंदी भाषा से जुड़े लोगों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भटनाागर का काम इसलिए भी अहम है क्योंकि उन्होंने प्रशासनिक सेवा में बेशक बहुत वक्त बिताया है, लेकिन कोविड महामारी के दौरान उनका यह काम तीन साल की कठिन तपस्या के बाद सफल हो सका है। समारोह मे संजय कुमार और उनकी टीम की तरफ से संगीतबद्ध और कपिल शर्मा व सुरेश वाडकर की आवाज में सुंदर कांड के पाठ का भी विमोचन किया गया। डॉ. धीरज भटनागर ने कहा कि पिछले 500 साल से लोग रामचरितमानस रूपी अमृत का पान करते आए हैं। कोविड काल में उन्हें अहसास हुआ कि इसका हिंदी अनुवाद करने के लिए इसमें डुबकी लगानी होगी। बिना राम कृपा के ये संभव नहीं था।
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राजनाथ सिंह ने कहा कि रामचरितमानस की रचना कर तुलसीदासजी ने देश को एक सूत्र में पिरो दिया। वहीं आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का कद, सम्मान दुनिया में इस कदर बढ़ा है कि भारत कुछ बोलता है तो दुनिया कान खोलकर सुनती है। क्योंकि श्रीराम जी हमारे संस्कार हैं, वह जो कहते हैं वह करते हैं, उनकी कथनी करनी में कोई अंतर नहीं होता। विश्वसनीयता के संकट को चुनौती के रूप में लेने का संकल्प देश की हर राजनीतिक पार्टियों को लेना चाहिए। भाजपा इस मार्ग पर ही चलती है।
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मील का पत्थर होगा साबित:
अनुराग ठाकुर ने कहा कि डॉ. धीरज भटनागर का यह काम समाज को मजबूती से एकजुट करने में फिर से मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान देश के मुख्यमंत्रियों को सद्बुद्धि दें, ममता दीदी थोड़ी ममता राम भक्तों पर भी दिखाएं। ठाकुर ने कहा कि राम भक्तों ने नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनाया, इसी साल राम मंदिर बन जाएगा, इसके उद्घाटन में उन्होंने सभी को आमंत्रित किया। यहां विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार, जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी, स्वामी जितेन्द्रानंद महाराज, रवीन्द्र पुरी महाराज, संजय सेदपुरिया, विहिप से दिनेश चंद्र, कपिल खन्ना आदि भी मौजूद रहे।