{"_id":"68f23f7629423f6d270ca0ec","slug":"sfdgf-grnoida-news-c-23-1-lko1064-78281-2025-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: हत्या के मामले में महिला की जमानत खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: हत्या के मामले में महिला की जमानत खारिज
विज्ञापन
(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने हत्या के गंभीर आरोप में जेल में बंद नजमा की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि अपराध गंभीर प्रकृति का है। आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हो चुका है। इसलिए रिहाई का कोई औचित्य नहीं बनता।
मामला थाना दादरी क्षेत्र से जुड़ा है। वादी फिदा हुसैन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई नफीस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। नफीस के शरीर पर चोटों के निशान देखकर हत्या की आशंका जताई गई। वादी के अनुसार नफीस को उसके ताऊ के बेटे इरफान और उसकी पत्नी नजमा ने मारपीट कर मौत के घाट उतारा और बीमारी से मौत बताकर शव को घर ले आए। बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि नजमा निर्दोष है। घटना के चार दिन बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है और देरी का कोई उचित कारण नहीं बताया गया। मृतक नफीस तनाव में था और उसने आत्महत्या की थी। नजमा के छोटे बच्चे हैं। उसके जेल में रहने से परिवार का भविष्य प्रभावित होगा। अभियोजन पक्ष ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई है और शव पर कई चोटें पाई गईं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि मामला गंभीर प्रकृति का है। आरोपी प्रथम सूचना रिपोर्ट में नामजद है। ऐसे में जमानत का कोई ठोस आधार नहीं बनता।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने हत्या के गंभीर आरोप में जेल में बंद नजमा की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि अपराध गंभीर प्रकृति का है। आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हो चुका है। इसलिए रिहाई का कोई औचित्य नहीं बनता।
मामला थाना दादरी क्षेत्र से जुड़ा है। वादी फिदा हुसैन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई नफीस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। नफीस के शरीर पर चोटों के निशान देखकर हत्या की आशंका जताई गई। वादी के अनुसार नफीस को उसके ताऊ के बेटे इरफान और उसकी पत्नी नजमा ने मारपीट कर मौत के घाट उतारा और बीमारी से मौत बताकर शव को घर ले आए। बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि नजमा निर्दोष है। घटना के चार दिन बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है और देरी का कोई उचित कारण नहीं बताया गया। मृतक नफीस तनाव में था और उसने आत्महत्या की थी। नजमा के छोटे बच्चे हैं। उसके जेल में रहने से परिवार का भविष्य प्रभावित होगा। अभियोजन पक्ष ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई है और शव पर कई चोटें पाई गईं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि मामला गंभीर प्रकृति का है। आरोपी प्रथम सूचना रिपोर्ट में नामजद है। ऐसे में जमानत का कोई ठोस आधार नहीं बनता।
विज्ञापन