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हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 7 साल के मासूम की मौत
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दीपांशू की फाइल फोटो
- फोटो : Grnoida
हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 7 साल के मासूम की मौत
रबूपुरा। कोतवाली क्षेत्र के गांव रौनीजा में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से सात वर्षीय मासूम की मौत हो गई। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। मासूम की मौत के बाद परिजन का हाल-बेहाल है। गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह का सात वर्षीय पुत्र दीपांशू उर्फ चैइस कक्षा एक का छात्र था। धर्मेंद्र के घर के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। परिजनों का कहना है कि दीपांशु रोज की तरह छत पर सो रहा था। बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे दीपांशू नींद से जागने के बाद छत से नीचे उतरने लगा। इसी दौरान वह हाईटेंशन लाइन के करंट की चपेट में आ गया और बुरी तरह से झुलस गया। मौके पर पहुंचे परिजन उसे उपचार के लिए ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल ले गए। तब तक मासूम की मौत हो चुकी थी।
आबादी के बीच से लाइन हटाने की मांग
मंडूरी सिंह, इंद्रपाल, शैलेंद्र कुमार, धर्मवीर सिंह, पप्पू सिंह व दीपचंद्र आदि ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में विद्युत लाइनें जर्जर हालत में हैं और मकानों के ऊपर से होकर गुजर रही हैं। पूर्व में भी इस तरह के कई हादसे हो चुके हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से आबादी के बीच से लाइन हटाने एवं जर्जर तारों को दुरुस्त कराने की मांग की है। वहीं, एसडीओ प्रेमशंकर शर्मा ने बताया कि लाइनें कई वर्ष पुरानी हैं। तब गांव में इतनी आबादी नहीं थी। अब ग्रामीणों ने नए निर्माण कर मकानों के छज्जे आगे की ओर बढ़ा लिए हैं। यही हादसों का कारण बन रहे हैं। भविष्य में कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए लाइन हटाने का प्रस्ताव बनाकर अधिकारियों को भेजा जा रहा है।
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रबूपुरा। कोतवाली क्षेत्र के गांव रौनीजा में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से सात वर्षीय मासूम की मौत हो गई। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। मासूम की मौत के बाद परिजन का हाल-बेहाल है। गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह का सात वर्षीय पुत्र दीपांशू उर्फ चैइस कक्षा एक का छात्र था। धर्मेंद्र के घर के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। परिजनों का कहना है कि दीपांशु रोज की तरह छत पर सो रहा था। बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे दीपांशू नींद से जागने के बाद छत से नीचे उतरने लगा। इसी दौरान वह हाईटेंशन लाइन के करंट की चपेट में आ गया और बुरी तरह से झुलस गया। मौके पर पहुंचे परिजन उसे उपचार के लिए ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल ले गए। तब तक मासूम की मौत हो चुकी थी।
आबादी के बीच से लाइन हटाने की मांग
मंडूरी सिंह, इंद्रपाल, शैलेंद्र कुमार, धर्मवीर सिंह, पप्पू सिंह व दीपचंद्र आदि ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में विद्युत लाइनें जर्जर हालत में हैं और मकानों के ऊपर से होकर गुजर रही हैं। पूर्व में भी इस तरह के कई हादसे हो चुके हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से आबादी के बीच से लाइन हटाने एवं जर्जर तारों को दुरुस्त कराने की मांग की है। वहीं, एसडीओ प्रेमशंकर शर्मा ने बताया कि लाइनें कई वर्ष पुरानी हैं। तब गांव में इतनी आबादी नहीं थी। अब ग्रामीणों ने नए निर्माण कर मकानों के छज्जे आगे की ओर बढ़ा लिए हैं। यही हादसों का कारण बन रहे हैं। भविष्य में कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए लाइन हटाने का प्रस्ताव बनाकर अधिकारियों को भेजा जा रहा है।
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