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सेक्टर-74 में सुपरटेक केपटाउन का निर्माणाधीन विला सील

Tue, 12 Oct 2021 11:12 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 12 Oct 2021 11:12 PM IST
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Sealed under construction villa of Supertech Cape Town in Sector-74
सेक्टर-74 विला सील करती प्राधिकरण की टीम। अमर उजाला
नोएडा। सुपरटेक बिल्डर की ओर से अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) को इंट्रेस्ट फ्री मेंटेनेंस सिक्योरिटी (आईएफएमएस) फंड का स्थानांतरण न करने पर प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को प्राधिकरण ने सेक्टर-74 स्थित केपटाउन सोसाइटी में निर्माणाधीन विला को सील कर दिया है। साथ ही, टावर में चल कार्य को भी बंद करा दिया है।
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प्राधिकरण के अनुसार, सीलिंग की यह कार्रवाई ग्रुप हाउसिंग की तरफ से भेजी गई फाइल पर वर्क सर्कल की ओर से की गई। शाम करीब 7 बजे प्राधिकरण के 4-5 अधिकारियों ने केपटाउन के केप मार्ट साइड में निर्माणाधीन विला पर सील लगा दी। पिछले दिनों हुई समीक्षा में सुपरटेक को आईएफएमएस फंड एओए को ट्रांसफर करने के लिए कहा गया था। इसके पहले भी कई बार प्राधिकरण ने बिल्डर को यह निर्देश दिया था। इसके बावजूद बिल्डर फंड ट्रांसफर नहीं कर रहा था। जब तक फंड ट्रांसफर नहीं होगा सील नहीं हटेगी।
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ट्विन टावर गिराने के लिए कार्ययोजना तैयार करेगी कमेटी
एमराल्ड कोर्ट के ट्विन टावर को गिराने की कार्ययोजना तैयार करने के लिए अब विशेषज्ञों की कमेटी गठित की गई है। इसमें नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन (एनबीसीसी) के पूर्व सीएमडी अनूप कुमार मित्तल के साथ ही इंडियन डिमोलेशन एसोसिएशन (आईडीए) और सीबीआरआई के अधिकारी शामिल किए गए हैं। कमेटी के अधिकारियों ने मंगलवार को बेसमेंट से लेकर ऊपरी मंजिलों तक का निरीक्षण किया। इसके बाद प्राधिकरण के अधिकारियों से मंथन भी किया। टीम अब कार्ययोजना जल्द तैयार कर प्राधिकरण अधिकारियों को सौंपेगी।
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मंगलवार सुबह एनबीसीसी के पूर्व सीएमडी, आईडीए और सीबीआरआई के अधिकारियों की टीम ट्विन टावर पहुंच गई। टीम ने दोनों ही टावर का गहन निरीक्षण किया। आसपास के भवनों और अन्य इमारतों को भी देखा गया। इमारतों से उनकी दूरी की भी जांच की गई। प्राधिकरण सूत्र बताते हैं कि टीम में शामिल विशेषज्ञों ने यहां तक जांच की है कि ट्विन टावर की कौन सी इमारत पर किस जगह कितना विस्फोटक लगेगा। टीम के कार्ययोजना देने के बाद प्राधिकरण अधिकारी एजेंसी का चयन करेंगे। इसके लिए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर आने वाला पूरा खर्च सुपरटेक बिल्डर को ही वहन करना है। ऐसे में सुपरटेक भी अपनी ओर से एजेंसी बता सकता है।
कितना लगेगा विस्फोटक सहित कई बातों पर मंथन
- ट्विन टावर पास कौन सी ऐसी इमारतें हैं जो 50 मीटर के दायरे में हैं।
- दोनों टावर गिराने में कितने विस्फोटक का इस्तेमाल होगा।
- टावर की कौन सी मंजिल और किस स्थान पर विस्फोटक लगेगा।
- किसी अन्य भवन या इमारत को नुकसान न होने पाए।
- ट्विन टावर को किस साइड गिराना सही होगा।
- आसपास की कौन सी ऐसी इमारतें हैं जहां रहने वालों को खतरा हो सकता है।
- 24 घंटे पहले ही किन-किन भवनों को खाली कराया जाएगा।
- कितने हिस्से को 24 घंटे पहले ही सील किया जाए।
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