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कांशीराम आवासीय योजना में घोटाला, 63 अपात्रों को कर दिया आवंटन
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नोएडा सेक्टर-45 स्थित कांशीराम कॉलोनी। अमर उजाला
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ग्रेटर नोएडा। नोएडा के सेक्टर-45 में कांशीराम शहरी गरीब आवासीय योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां 63 अपात्रों को मकानों का आवंटन किया गया था। इस घोटाले का जांच में खुलासा होने पर जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने अपात्रों से मकान खाली कराने का आदेश दिया है। बृहस्पतिवार को जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) अधिकारी ने अपात्रों को 15 दिन में मकान खाली करने का अल्टीमेटम जारी कर दिया है।
सेक्टर-45 में कांशीराम शहरी गरीब आवासीय योजना के 500 मकान बने हैं। यहां पात्र लोगों को मकानों का आवंटन किया गया था। इसके बाद से ही अपात्रों के मकान लेने की शिकायत मिल रही थी। पिछले साल भी इसकी शिकायत मिली थी, जिस पर जिलाधिकारी ने एक कमेटी गठित कर जांच सौंप दी। पिछले साल दिसंबर में जांच पूरी हो गई थी, लेकिन जांच अधिकारी ने रिपोर्ट नहीं सौंपी। अब जिलाधिकारी ने रिपोर्ट को तलब किया है। रिपोर्ट में 63 अपात्रों को मकानों का आवंटन करने का खुलासा हुआ है। जिलाधिकारी ने मकानों को खाली कराने का आदेश दिया है। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) गौतमबुद्ध नगर के परियोजना अधिकारी आदित्य कुमार ने बताया कि कांशीराम कॉलोनी में रह रहे 63 अपात्रों को बेदखली का नोटिस जारी कर दिया गया है। 15 दिन में सभी को मकान खाली करने होंगे और इसकी सूचना कार्यालय में देनी होगी। अगर अपात्र ऐसा नहीं करेंगे तो कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन उन्हें मकान से बाहर निकालने की कार्रवाई करेगा।
अपने साथ फाइल ले गई थीं पूर्व डूडा अधिकारी
घोटाले की जांच पूर्व डूडा अधिकारी ने की थी। अधिकारियों ने बताया कि एक साल पहले ही जांच पूरी हो गई थी, लेकिन रिपोर्ट को दबा दिया गया। यहां तक की पूर्व डूडा अधिकारी जांच रिपोर्ट की फाइल को अपने साथ लेकर चली गईं थीं। इस कारण मामले में कार्रवाई नहीं हो सकी थी। अब जिलाधिकारी ने संज्ञान लेकर फाइल को वापस मंगवाया और अपात्रों पर कार्रवाई की है। इस मामले में पूर्व डूडा अधिकारी पर भी कार्रवाई हो सकती है।
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पहले भी विवादित रही है आवासीय योजना
नोएडा-ग्रेनो में कांशीराम कॉलोनी बनी है, जो पहले से ही विवादों में रही है। दोनों जगह काफी लोगों ने मकानों पर अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। समय-समय पर इसकी शिकायत होती है, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं हो पाती। नोएडा की कांशीराम कॉलोनी की छह साल पहले भी जांच शुरू हुई थी, लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी थी।
यह थीं पात्रता की शर्तें
जिस समय नोएडा स्थित कांशीराम शहरी गरीब आवासीय योजना के मकानों का आवंटन किया गया था, तब पात्रता में आवंटी बीपीएल कार्ड धारक होना चाहिए था। साथ ही, उसके पास पक्का मकान नहीं होना चाहिए था। आवंटन की शर्तों में यह भी शामिल था कि आवंटी मकान को बेचेगा नहीं और न ही किसी को किराये पर देगा।
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सेक्टर-45 में कांशीराम शहरी गरीब आवासीय योजना के 500 मकान बने हैं। यहां पात्र लोगों को मकानों का आवंटन किया गया था। इसके बाद से ही अपात्रों के मकान लेने की शिकायत मिल रही थी। पिछले साल भी इसकी शिकायत मिली थी, जिस पर जिलाधिकारी ने एक कमेटी गठित कर जांच सौंप दी। पिछले साल दिसंबर में जांच पूरी हो गई थी, लेकिन जांच अधिकारी ने रिपोर्ट नहीं सौंपी। अब जिलाधिकारी ने रिपोर्ट को तलब किया है। रिपोर्ट में 63 अपात्रों को मकानों का आवंटन करने का खुलासा हुआ है। जिलाधिकारी ने मकानों को खाली कराने का आदेश दिया है। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) गौतमबुद्ध नगर के परियोजना अधिकारी आदित्य कुमार ने बताया कि कांशीराम कॉलोनी में रह रहे 63 अपात्रों को बेदखली का नोटिस जारी कर दिया गया है। 15 दिन में सभी को मकान खाली करने होंगे और इसकी सूचना कार्यालय में देनी होगी। अगर अपात्र ऐसा नहीं करेंगे तो कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन उन्हें मकान से बाहर निकालने की कार्रवाई करेगा।
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अपने साथ फाइल ले गई थीं पूर्व डूडा अधिकारी
घोटाले की जांच पूर्व डूडा अधिकारी ने की थी। अधिकारियों ने बताया कि एक साल पहले ही जांच पूरी हो गई थी, लेकिन रिपोर्ट को दबा दिया गया। यहां तक की पूर्व डूडा अधिकारी जांच रिपोर्ट की फाइल को अपने साथ लेकर चली गईं थीं। इस कारण मामले में कार्रवाई नहीं हो सकी थी। अब जिलाधिकारी ने संज्ञान लेकर फाइल को वापस मंगवाया और अपात्रों पर कार्रवाई की है। इस मामले में पूर्व डूडा अधिकारी पर भी कार्रवाई हो सकती है।
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पहले भी विवादित रही है आवासीय योजना
नोएडा-ग्रेनो में कांशीराम कॉलोनी बनी है, जो पहले से ही विवादों में रही है। दोनों जगह काफी लोगों ने मकानों पर अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। समय-समय पर इसकी शिकायत होती है, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं हो पाती। नोएडा की कांशीराम कॉलोनी की छह साल पहले भी जांच शुरू हुई थी, लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी थी।
यह थीं पात्रता की शर्तें
जिस समय नोएडा स्थित कांशीराम शहरी गरीब आवासीय योजना के मकानों का आवंटन किया गया था, तब पात्रता में आवंटी बीपीएल कार्ड धारक होना चाहिए था। साथ ही, उसके पास पक्का मकान नहीं होना चाहिए था। आवंटन की शर्तों में यह भी शामिल था कि आवंटी मकान को बेचेगा नहीं और न ही किसी को किराये पर देगा।