{"_id":"61534a1d8ebc3e09df2363f5","slug":"samples-of-253-dengue-suspects-were-taken-4-malaria-patients-found-mewat-news-noi60734138","type":"story","status":"publish","title_hn":"253 डेंगू संदिग्धों के सैंपल लिए, मलेरिया के 4 मरीज मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
253 डेंगू संदिग्धों के सैंपल लिए, मलेरिया के 4 मरीज मिले
विज्ञापन
Samples of 253 dengue suspects were taken, 4 malaria patients found
पुन्हाना। जिले में इस बार पांच साल बाद अब तक डेंगू के 48 मरीज मिले हैं। वहीं, 60 लोगों की जांच लंबित है। इसके अलावा मलेरिया के 4 रोगी मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 253 डेंगू संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है।
जिले में वर्ष 2019 तक मलेरिया रोगियों की संख्या बहुत अधिक होती थी। लेकिन, इस साल भारी जलजमाव के कारण डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। प्रदेश में नूंह जिला मलेरिया के मामलों में अति संवेदनशील रहा है। जिले में वर्ष 2015 में 6380, 2016 में 5075, 2017 में 3643, 2018 में 1968, 2019 में 942, 2020 में 24 और 2021 में अब तक मलेरिया के मात्र चार ही मामले सामने आए हैं। नूंह के सिविल सर्जन डॉक्टर सुरेंद्र यादव ने बताया कि जिले में भारी संख्या में डेंगू के मरीज सामने आए हैं। जिले में अब 253 लोगों के सैंपल लिए गए, जिनमें से 48 डेंगू के केस मिले हैं। वहीं, 60 सैंपलों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में सबसे ज्यादा किरंज मेव में 13 डेंगू के मामले मिले हैं। वहीं, खानपुर घाटी में 8, झारपुड़ी तकियाबास में 6, आकेडा में चार, डूंगरान शहजादपुर में तीन, इमाम नगर, फिरोजपुर झिरका अर्बन, नगीना, खेडी कलां और तेड गांवों में एक-एक, पुन्हाना में चार, सुखपुरी में दो और तावडू में तीन सहित कुल 48 डेंगू के मामले मिले हैं।
बदन और जोड़ाें में दर्द होने पर जांच कराएं
सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र यादव ने लोगों से अपील की है कि अपने आसपास नालियाें में पानी जमा न होने दें, उनकी सफाई करते रहे। नालियों में मिट्टी का तेल, डीजल आदि डालें, जिससे डेंगू के मच्छर न पनप सकें। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को तेज बुखार, आंखों, बदन और जोड़ाें में दर्द महसूस होता है तो वे अपनी जांच समय पर कराएं।
विज्ञापन
रेबीज और मलेरिया के प्रति करें जागरूक
फिरोजपुर झिरका। नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग और कोर ग्रुप सीआरएस -सार्ड के सहयोग से सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र यादव की अध्यक्षता में धार्मिक गुरुओं की बैठक हुई। सिविल सर्जन ने कहा कि जिले में कोरोना टीकाकरण, डेंगू, रेबीज और मलेरिया के बारे में लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करना है। इलाके में फैल रही बीमारियों को जड़ से समाप्त करने के लिए सभी लोगों को जिला प्रशासन की मदद करनी होगी। सभी सरकारी अस्पतालों में चल रही जांचों में स्वास्थ्य कर्मचारियों की मदद करनी होगी। लोग अस्पताल में जाकर जांच कराएं और अपना इलाज कराएं। इस मौके पर मौलाना याहया करीमी (जमीयत-ए-उलेमा हिंद के सदर), मौलाना शेर मोहम्मद (घासेड़ा), मुफ्ती जोहर (झिमरावत मदरसा मादिनुल उलूम के खादिम), मौलाना हकमुद्दीन, मोहम्मद उस्मान ओवैसी, मौलाना मोहम्मद कासिम, मौलाना असरुद्दीन, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ.आदित्यनाथ, डीआईओ डॉ. बसंत दूबे आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
जिले में वर्ष 2019 तक मलेरिया रोगियों की संख्या बहुत अधिक होती थी। लेकिन, इस साल भारी जलजमाव के कारण डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। प्रदेश में नूंह जिला मलेरिया के मामलों में अति संवेदनशील रहा है। जिले में वर्ष 2015 में 6380, 2016 में 5075, 2017 में 3643, 2018 में 1968, 2019 में 942, 2020 में 24 और 2021 में अब तक मलेरिया के मात्र चार ही मामले सामने आए हैं। नूंह के सिविल सर्जन डॉक्टर सुरेंद्र यादव ने बताया कि जिले में भारी संख्या में डेंगू के मरीज सामने आए हैं। जिले में अब 253 लोगों के सैंपल लिए गए, जिनमें से 48 डेंगू के केस मिले हैं। वहीं, 60 सैंपलों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में सबसे ज्यादा किरंज मेव में 13 डेंगू के मामले मिले हैं। वहीं, खानपुर घाटी में 8, झारपुड़ी तकियाबास में 6, आकेडा में चार, डूंगरान शहजादपुर में तीन, इमाम नगर, फिरोजपुर झिरका अर्बन, नगीना, खेडी कलां और तेड गांवों में एक-एक, पुन्हाना में चार, सुखपुरी में दो और तावडू में तीन सहित कुल 48 डेंगू के मामले मिले हैं।
विज्ञापन
बदन और जोड़ाें में दर्द होने पर जांच कराएं
सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र यादव ने लोगों से अपील की है कि अपने आसपास नालियाें में पानी जमा न होने दें, उनकी सफाई करते रहे। नालियों में मिट्टी का तेल, डीजल आदि डालें, जिससे डेंगू के मच्छर न पनप सकें। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को तेज बुखार, आंखों, बदन और जोड़ाें में दर्द महसूस होता है तो वे अपनी जांच समय पर कराएं।
विज्ञापन
रेबीज और मलेरिया के प्रति करें जागरूक
फिरोजपुर झिरका। नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग और कोर ग्रुप सीआरएस -सार्ड के सहयोग से सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र यादव की अध्यक्षता में धार्मिक गुरुओं की बैठक हुई। सिविल सर्जन ने कहा कि जिले में कोरोना टीकाकरण, डेंगू, रेबीज और मलेरिया के बारे में लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करना है। इलाके में फैल रही बीमारियों को जड़ से समाप्त करने के लिए सभी लोगों को जिला प्रशासन की मदद करनी होगी। सभी सरकारी अस्पतालों में चल रही जांचों में स्वास्थ्य कर्मचारियों की मदद करनी होगी। लोग अस्पताल में जाकर जांच कराएं और अपना इलाज कराएं। इस मौके पर मौलाना याहया करीमी (जमीयत-ए-उलेमा हिंद के सदर), मौलाना शेर मोहम्मद (घासेड़ा), मुफ्ती जोहर (झिमरावत मदरसा मादिनुल उलूम के खादिम), मौलाना हकमुद्दीन, मोहम्मद उस्मान ओवैसी, मौलाना मोहम्मद कासिम, मौलाना असरुद्दीन, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ.आदित्यनाथ, डीआईओ डॉ. बसंत दूबे आदि मौजूद रहे।