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अब सेक्टरों की तर्ज पर गांव में बनेंगे आरडब्ल्यूए

Tue, 24 Sep 2019 01:39 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 24 Sep 2019 01:39 AM IST
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RWA made in villages according to sectors
सेक्टरों की तर्ज पर गांवों में भी गठित होने लगीं ‘आरडब्ल्यूए’
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नोएडा। अब सेक्टरों की तरह गांवों में भी आरडब्ल्यूए सक्रिय हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्राधिकरण व प्रशासन ने मिलीभगत कर नोएडा से पंचायत व्यवस्था खत्म करा दी थी। इसके बाद ग्रामीणों के पास ऐसा कोई मंच नहीं था, जिसके माध्यम से वह एकजुट होते। इसलिए आरडब्ल्यूए का गठन कर एक स्वर में ग्रामीण अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
दरअसल, करीब पांच साल पहले तत्कालीन प्रदेश सरकार ने नोएडा के गांवों में पंचायत व्यवस्था समाप्त करा दी थी। प्राधिकरण ने प्रदेश सरकार को तर्क दिया था कि गांवों का विकास प्राधिकरण के खर्चे से होता है, इसलिए प्रदेश सरकार की तरफ से जो भी ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य व ब्लाक सदस्य को विभिन्न योजनाओं के तहत धन आता है, उसकी बर्बादी हो रही है। क्योंकि विकास कार्य तो प्राधिकरण ने पहले ही करा दिए हैं। वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि प्राधिकरण ने प्रशासन को झूठी बात कहकर पंचायत व्यवस्था खत्म कर दी। इसके पीछे प्राधिकरण की यह भी मंशा थी कि पंचायत प्रतिनिधि उस पर दबाव नहीं बना पाएंगे।
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गांव के लोग भी चलाएंगे अभियान
अट्टा निवासी राजेश अवाना ने बताया कि जिस तरह से सेक्टर के लोग सफाई अभियान चलाते हैं, ठीक उसी तरह गांवों में भी स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। साथ ही गांव में जो भी धार्मिक स्थल हैं, वहां पर बर्तनों को उपहार स्वरूप दिया जाएगा ताकि थर्मोकोल या प्लास्टिक का प्रयोग बंद हो सके। इसके अलावा अभियान चलाकर गांवों में हर घर पर एक नंबर अंकित जाएगा, ताकि सेक्टर की तरह हर मकान की पहचान हो सके।
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गांव पहले थे, सेक्टर बाद में बसे
गिझोड़ निवासी सुरेश प्रधान ने बताया कि प्राधिकरण ने गांवों की जमीनों का अधिग्रहण करके सेक्टर बसाए हैं। प्राधिकरण ने उस वक्त वादा किया था कि गांवों का विकास सेक्टरों की तर्ज पर होगा। लेकिन अभी भी तमाम गांव ऐसे हैं, जहां लोग पानी, सड़क व गंदगी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। विकास कार्यों का पहला हक तो ग्रामीणों का ही है।
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