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Noida News: नियमों को ठेंगा दिखा, अवैध रास्तों से निकल रहे ओवरलोड वाहन

Mon, 13 Jan 2025 11:38 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jan 2025 11:38 PM IST
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Rules are being flouted, overloaded vehicles passing through illegal routes
घाटा शमशाबाद से लेकर उदयलाका बॉस पहाड़ तक वन विभाग की भूमि पर बने रास्तों से ले जा रहे खनिज सामग्री
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संवाद न्यूज एजेंसी

फिरोजपुर झिरका। घाटा शमशाबाद से लेकर उदयलाका बॉस पहाड़ तक वन विभाग की भूमि पर बने अवैध रास्तों से खनिज सामग्री ढोने वाले वाहन दौड़ते नजर आ रहे हैं। ओवरलोड डंपर राजस्थान के पहाड़ों में हो रहे खनन की सामग्री को अवैध रास्तों से ले जा रहे हैं। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर ऐसे ओवरलोड डंपर दौड़ लगाते हुए देखे जा सकते हैं, जो लगातार सरकार के आदेशों की अवहेलना कर हरियाणा की सड़कों से निकल रहे हैं। हरियाणा से सटे राजस्थान के क्षेत्र में लीज धारकों द्वारा क्षेत्र में खनन कार्य करने और हाल के दिनों में क्रशर प्लांट चलने और अवैध खनन होने की वीडियो सामने आई थी।

बता दें कि प्रतिबंधित अरावली पहाड़ में किसी भी प्रकार का कार्य करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा हुआ है। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सख्त आदेश दिए हुए हैं। लेकिन दबंग खनन माफियाओं द्वारा घाटा शमशाबाद ग्राम पंचायत के रास्ते व अरावली क्षेत्र में रास्ते बनाकर वहां से अवैध रूप से डंपर खनन सामग्री को लेकर निकाले जा रहे हैं। खनन कार्यों से जुड़े इन माफियाओं को प्रशासन का तनिक भी डर नहीं है।
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विगत दिनों पहले भी इन्होंने एंटी माइनिंग पुलिस पर जानलेवा हमला कर अवैध खनन से भरे ट्रैक्टरों को छुड़ा लिया था। हालांकि, पुलिस द्वारा 28 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन बावजूद इसके ये माफिया गैरकानूनी कार्यों को करने से बाज नहीं आ रहे हैं। हाल में माफियाओं ने गांव घाटा शमशाबाद की अरावली सीमा से अवैध रास्ता बनाकर डंपरों को निकालना शुरू कर दिया है। बीते माह पहले वन विभाग ने इस रास्ते को बंद करवा दिया गया था लेकिन फिर से दबंग माफियाओं ने रास्ते को खोलकर न केवल एनजीटी के आदेशों को ठेंगा दिखाया है, बल्कि स्थानीय प्रशासन को भी चिढ़ाने का काम किया है। एंटी माइनिंग पुलिस के प्रभारी सूरजभान ने बताया कि हाल में गांव घाटा में माइनिंग पुलिस के ऊपर भी हमला हुआ था, जिसको लेकर थाने में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।
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कृषि योग्य भूमि को भी रास्ते के लिए किया जा रहा इस्तेमाल
खनन माफियाओं द्वारा कृषि योग्य भूमि को भी किराये पर लेकर अवैध रास्ते बनाकर लगातार वाहनों को राजस्थान की सीमा से हरियाणा की सीमा में प्रवेश कराया जा रहा है। जानकारों की मानें तो जिस जिस व्यक्ति की कृषि योग्य भूमि खनन माफियाओं द्वारा बनाए गए, उस रास्ते में आती है उस व्यक्ति को मोटा नजराना प्रतिवर्ष के हिसाब से दिया जा रहा है जबकि वन विभाग की जमीन को लगातार अवैध रूप से मिली भगत के चलते लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, वन विभाग के अधिकारियों को ग्रामीणों और मीडिया द्वारा जानकारी मिलने के बाद मात्र दो घंटे या तीन घंटे के लिए रास्ते को काट दिया जाता है लेकिन रात्रि के अंधेरे में खनन माफिया द्वारा उस रास्ते को दोबारा चालू कर दिया जाता है और ओवरलोडिंग का यह खेल जारी रहता है।


पुलिस द्वारा लगातार ओवरलोड वाहनों के चालान काटे जा रहे हैं। समय-समय पर वाहनों को इंपाउंड करने का काम भी पुलिस द्वारा किया जा रहा है।- अमन सिंह, थाना प्रबंधक, फिरोजपुर झिरका।



स्थानीय प्रशासन को बार-बार ग्राम पंचायत की ओर से अवैध रास्तों के बारे में सारी जानकारी दी जा चुकी है। अवैध रास्तों को प्रशासन द्वारा काटा जाता है लेकिन रात के अंधेरे में दोबारा खनन माफियाओं द्वारा अवैध रास्ता घाटा शमशाबाद, उदयलाका बॉस को चालू कर दिया जाता है। सरपंच प्रतिनिधि फारूक का कहना है कि वन विभाग के अधिकारियों और माइनिंग विभाग के अधिकारियों को अपने कर्मचारी यहां बैठने चाहिए, जो खनन सामग्री लाने वाले ऐसे वाहनों पर नकेल कस सकें। - फारूक, सरपंच प्रतिनिधि, घाटा शमशाबाद खंड फिरोजपुर झिरका।
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