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Noida News: आप विधायकों के निलंबन पर चला पत्रों का दौर
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आतिशी के पत्र पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा- नियमों से अनभिज्ञ होना अत्यंत आश्चर्यजनक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
आप विधायकोें को विधानसभा से निलंबित व परिसर में प्रवेश न देने के मामले में नेता प्रतिपक्ष आतिशी और विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के बीच पत्रों का दौर शुरू हुआ है। आतिशी ने शुक्रवार को विजेंद्र गुप्ता को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि विपक्षी विधायकों के साथ अन्याय हुआ है।
वहीं, गुप्ता ने आतिशी को जवाब दिया कि विपक्षी दल का 12 वर्षों तक सरकार में रहते हुए विधानसभा के नियमों से अनभिज्ञ होना अत्यंत आश्चर्यजनक है। सदन में कार्य संचालन से संबंधित नियमों और विनियमों का पालन करना जरूरी है। नारेबाजी को अनुशासनहीनता के रूप में देखा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा परिसर में प्रवेश करने की अनुमति केवल उन विधायकों को है जो निलंबन से मुक्त हैं। 24 फरवरी को अध्यक्ष का चुनाव संपन्न होने के दौरान आप विधायकों की गरिमामयी प्रक्रिया होनी चाहिए थी, लेकिन दुर्भाग्यवश विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी और व्यवधान उत्पन्न कर प्रक्रिया को बाधित किया। इस अशोभनीय आचरण के बावजूद उन्होंने संयम बरतते हुए किसी भी विधायक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की। इसके बाद आप विधायकों के कारण उपराज्यपाल अभिभाषण गरिमापूर्ण ढंग से पूरा नहीं कर सके। यह आचरण पांचवीं अनुसूची (आचार संहिता नियमावली) के स्पष्ट उल्लंघन के अंतर्गत आता है। इस कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। लिहाजा, निलंबित विधायक विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं कर सकते।
जय भीम के नारे पर किया बाहर : आतिशी
आतिशी ने पत्र में कहा है कि विपक्ष को जय भीम के नारे लगाने पर सदन से बाहर किया गया, जबकि भाजपा के विधायक मोदी-मोदी के नारे लगाते रहे, लेकिन उन्हें कोई कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ा। जानबूझकर आप विधायकों के खिलाफ पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की गई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
आप विधायकोें को विधानसभा से निलंबित व परिसर में प्रवेश न देने के मामले में नेता प्रतिपक्ष आतिशी और विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के बीच पत्रों का दौर शुरू हुआ है। आतिशी ने शुक्रवार को विजेंद्र गुप्ता को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि विपक्षी विधायकों के साथ अन्याय हुआ है।
वहीं, गुप्ता ने आतिशी को जवाब दिया कि विपक्षी दल का 12 वर्षों तक सरकार में रहते हुए विधानसभा के नियमों से अनभिज्ञ होना अत्यंत आश्चर्यजनक है। सदन में कार्य संचालन से संबंधित नियमों और विनियमों का पालन करना जरूरी है। नारेबाजी को अनुशासनहीनता के रूप में देखा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा परिसर में प्रवेश करने की अनुमति केवल उन विधायकों को है जो निलंबन से मुक्त हैं। 24 फरवरी को अध्यक्ष का चुनाव संपन्न होने के दौरान आप विधायकों की गरिमामयी प्रक्रिया होनी चाहिए थी, लेकिन दुर्भाग्यवश विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी और व्यवधान उत्पन्न कर प्रक्रिया को बाधित किया। इस अशोभनीय आचरण के बावजूद उन्होंने संयम बरतते हुए किसी भी विधायक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की। इसके बाद आप विधायकों के कारण उपराज्यपाल अभिभाषण गरिमापूर्ण ढंग से पूरा नहीं कर सके। यह आचरण पांचवीं अनुसूची (आचार संहिता नियमावली) के स्पष्ट उल्लंघन के अंतर्गत आता है। इस कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। लिहाजा, निलंबित विधायक विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं कर सकते।
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जय भीम के नारे पर किया बाहर : आतिशी
आतिशी ने पत्र में कहा है कि विपक्ष को जय भीम के नारे लगाने पर सदन से बाहर किया गया, जबकि भाजपा के विधायक मोदी-मोदी के नारे लगाते रहे, लेकिन उन्हें कोई कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ा। जानबूझकर आप विधायकों के खिलाफ पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की गई है।
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