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कमाई पर डाका : साइबर ठगों के निशाने पर क्रिप्टो निवेशक
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केस 1 : सेक्टर-74 निवासी आईटी इंजीनियर तन्मय श्रीवास्तव ने जून में अपना क्रिप्टो वॉलेट चेक किया जो नहीं खुला। जब उन्होंने पता किया तो उन्हें क्रिप्टो वॉलेट हैक होने की जानकारी मिली। साइबर ठग 32 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा चुके थे।
केस 2 : साइबर ठगों ने फेज टू स्थित स्थित साईं फ्यूचर कंपनी के लाखों क्रिप्टो निकाल लिए। कंपनी ने रकम की वापसी के लिए तमाम प्रयास किए, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ।
नोएडा (सुशांत समदर्शी)। ये दो घटनाएं उदाहरण मात्र हैं। कई क्रिप्टो निवेशक साइबर ठगों के लगातार निशाने पर आ रहे हैं। हाईटेक सिटी नोएडा में हाल के वर्षों में क्रिप्टो निवेशकों की संख्या बढ़ी है और आईटी सेक्टर में काम करने वालों का एक बड़ा समूह यह काम करता है।
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चार्टर्ड अकाउंटेंट व नॉर्थ इंडिया के डायरेक्ट टैक्सेशन सेल के चेयरमैन पवन जायसवाल ने बताया कि देश में करीब 10 लाख लोग आमदनी के बीस फीसदी हिस्से को क्रिप्टो में निवेश कर रहे हैं। क्रिप्टो वॉलेट में क्रिप्टो करेंसी समेत अन्य डिजिटल मुद्राओं का निवेश करने वालों को सबसे पहले इस मार्केट के बेहतर होमवर्क की जरूरत है, जहां आप निवेश करना चाह रहे हैं, उसके बारे में इंटरनेट, एक्सपर्ट व अन्य माध्यम से पूरी तरह जानकारी प्राप्त कर ले। साथ ही, यह भी देख लें कि जिस कंपनी या वेबसाइट पर अपना निवेश कर रहे हैं वह पहले से दागदार तो नहीं है। वहीं, डिजिटल बिटकॉइन फर्मों और स्टार्टअप के बारे में जानकारी हासिल करते समय यह जरूर सुनिश्चित करें कि वे ब्लॉकचेन आधारित हैं कि नहीं। ब्लॉकचेन से जुड़े होने से उन पर डाटा के माध्यम से निगरानी रखी जाती है।
क्या होती है डिजिटल करेंसी
यह रुपये, डॉलर, यूरो के समान वित्तीय लेनदेन का एक जरिया है। अंतर सिर्फ इतना है कि क्रिप्टो करेंसी एक आभाषी मुद्रा है जो दिखाई नहीं देती। इस कारण इसे डिजिटल करेंसी भी कहते हैं। पूरा कारोबार ऑनलाइन माध्यम से ही होता है। किसी भी देश की करेंसी के लेनदेन के बीच में एक मध्यस्थ होता है। जैसे भारत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया है, लेकिन क्रिप्टो में कोई मध्यस्थ नहीं होता है। इसे एक नेटवर्क द्वारा ऑनलाइन संचालित किया जाता है। इस कारण क्रिप्टो बाजार को अनियमित बाजार कहा जाता है।
ब्लॉकचेन का होता है इस्तेमाल
अगर क्रिप्टो को आसान भाषा में समझने का प्रयास करें तो यह एक डिजिटल कैश प्रणाली है, जो एक निजी कंप्यूटर चेन से जुड़ी हुई होती है। इस पर किसी भी देश या सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। क्रिप्टो करेंसी लेनदेन करने के लिए जिस प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है उसे ब्लॉकचेन कहते हैं। ये डिजिटल करेंसी इनक्रिप्टेड (कोडेड) होती हैं। इसे एक कंप्यूटर नेटवर्क के जरिये नियंत्रित किया जाता है। इसमें प्रत्येक लेनदेन का डिजिटल हस्ताक्षर से सत्यापन किया जाता है। क्रिप्टो करेंसी में कोई लेनदेन होता है तो इसकी जानकारी ब्लॉकचेन में दर्ज की जाती है,
ऐसे बरतें सावधानी
- क्रिप्टो वॉलेट के पासवर्ड को संभालकर रखें, पासवर्ड थोड़ा जटिल रखें।
- क्रिप्टो पासवर्ड का डबल ऑथेन्टिकेशन इस्तेमाल करें यानी पासवर्ड को दोस्तरीय बनाएं।
- अवैध वेबसाइट से बचकर रहें, अक्षर या अंक बदलकर सही वेबसाइट के नाम पर साइबर ठग गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
- आप यह सुनिश्चित कर लें कि आपका एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर चालू है या नहीं। एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर गलत वेबसाइट को ब्लॉक करने व पहचान करने में मदद करता है।
क्रिप्टो करेंसी में निवेश वैश्विक स्तर पर बढ़ा है। इसमें निवेश करने वालों को हमेशा तकनीकी रूप से अपडेट रहने की जरूरत है और किसी तरह के झांसे में आने की आवश्यकता नहीं है। -कर्निका सेठ, साइबर एक्सपर्ट
क्रिप्टो निवेश में कम समय में अधिक लाभ होता है, लेकिन यह जोखिम भरा होता है। जिसके खाते में क्रिप्टो है वही मालिक है। इसका कोई रेगुलेशन नहीं है। देश के बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, चेन्नई आदि में इसके बड़े निवेशक हैं और आमदनी की बीस फीसदी बचत को क्रिप्टो में लगा रहे हैं। -पवन जायसवाल, चेयरमैन, डायरेक्ट टैक्सेशन सेल, नॉर्थ इंडिया
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केस 2 : साइबर ठगों ने फेज टू स्थित स्थित साईं फ्यूचर कंपनी के लाखों क्रिप्टो निकाल लिए। कंपनी ने रकम की वापसी के लिए तमाम प्रयास किए, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ।
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नोएडा (सुशांत समदर्शी)। ये दो घटनाएं उदाहरण मात्र हैं। कई क्रिप्टो निवेशक साइबर ठगों के लगातार निशाने पर आ रहे हैं। हाईटेक सिटी नोएडा में हाल के वर्षों में क्रिप्टो निवेशकों की संख्या बढ़ी है और आईटी सेक्टर में काम करने वालों का एक बड़ा समूह यह काम करता है।
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चार्टर्ड अकाउंटेंट व नॉर्थ इंडिया के डायरेक्ट टैक्सेशन सेल के चेयरमैन पवन जायसवाल ने बताया कि देश में करीब 10 लाख लोग आमदनी के बीस फीसदी हिस्से को क्रिप्टो में निवेश कर रहे हैं। क्रिप्टो वॉलेट में क्रिप्टो करेंसी समेत अन्य डिजिटल मुद्राओं का निवेश करने वालों को सबसे पहले इस मार्केट के बेहतर होमवर्क की जरूरत है, जहां आप निवेश करना चाह रहे हैं, उसके बारे में इंटरनेट, एक्सपर्ट व अन्य माध्यम से पूरी तरह जानकारी प्राप्त कर ले। साथ ही, यह भी देख लें कि जिस कंपनी या वेबसाइट पर अपना निवेश कर रहे हैं वह पहले से दागदार तो नहीं है। वहीं, डिजिटल बिटकॉइन फर्मों और स्टार्टअप के बारे में जानकारी हासिल करते समय यह जरूर सुनिश्चित करें कि वे ब्लॉकचेन आधारित हैं कि नहीं। ब्लॉकचेन से जुड़े होने से उन पर डाटा के माध्यम से निगरानी रखी जाती है।
क्या होती है डिजिटल करेंसी
यह रुपये, डॉलर, यूरो के समान वित्तीय लेनदेन का एक जरिया है। अंतर सिर्फ इतना है कि क्रिप्टो करेंसी एक आभाषी मुद्रा है जो दिखाई नहीं देती। इस कारण इसे डिजिटल करेंसी भी कहते हैं। पूरा कारोबार ऑनलाइन माध्यम से ही होता है। किसी भी देश की करेंसी के लेनदेन के बीच में एक मध्यस्थ होता है। जैसे भारत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया है, लेकिन क्रिप्टो में कोई मध्यस्थ नहीं होता है। इसे एक नेटवर्क द्वारा ऑनलाइन संचालित किया जाता है। इस कारण क्रिप्टो बाजार को अनियमित बाजार कहा जाता है।
ब्लॉकचेन का होता है इस्तेमाल
अगर क्रिप्टो को आसान भाषा में समझने का प्रयास करें तो यह एक डिजिटल कैश प्रणाली है, जो एक निजी कंप्यूटर चेन से जुड़ी हुई होती है। इस पर किसी भी देश या सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। क्रिप्टो करेंसी लेनदेन करने के लिए जिस प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है उसे ब्लॉकचेन कहते हैं। ये डिजिटल करेंसी इनक्रिप्टेड (कोडेड) होती हैं। इसे एक कंप्यूटर नेटवर्क के जरिये नियंत्रित किया जाता है। इसमें प्रत्येक लेनदेन का डिजिटल हस्ताक्षर से सत्यापन किया जाता है। क्रिप्टो करेंसी में कोई लेनदेन होता है तो इसकी जानकारी ब्लॉकचेन में दर्ज की जाती है,
ऐसे बरतें सावधानी
- क्रिप्टो वॉलेट के पासवर्ड को संभालकर रखें, पासवर्ड थोड़ा जटिल रखें।
- क्रिप्टो पासवर्ड का डबल ऑथेन्टिकेशन इस्तेमाल करें यानी पासवर्ड को दोस्तरीय बनाएं।
- अवैध वेबसाइट से बचकर रहें, अक्षर या अंक बदलकर सही वेबसाइट के नाम पर साइबर ठग गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
- आप यह सुनिश्चित कर लें कि आपका एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर चालू है या नहीं। एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर गलत वेबसाइट को ब्लॉक करने व पहचान करने में मदद करता है।
क्रिप्टो करेंसी में निवेश वैश्विक स्तर पर बढ़ा है। इसमें निवेश करने वालों को हमेशा तकनीकी रूप से अपडेट रहने की जरूरत है और किसी तरह के झांसे में आने की आवश्यकता नहीं है। -कर्निका सेठ, साइबर एक्सपर्ट
क्रिप्टो निवेश में कम समय में अधिक लाभ होता है, लेकिन यह जोखिम भरा होता है। जिसके खाते में क्रिप्टो है वही मालिक है। इसका कोई रेगुलेशन नहीं है। देश के बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, चेन्नई आदि में इसके बड़े निवेशक हैं और आमदनी की बीस फीसदी बचत को क्रिप्टो में लगा रहे हैं। -पवन जायसवाल, चेयरमैन, डायरेक्ट टैक्सेशन सेल, नॉर्थ इंडिया